करनाल में महापंचायत के लिए जुटने लगी भीड़, किसानों को रोकने के लिए कई जगह बैरिकेडिंग!

हरियाणा के करनाल में मंगलवार दोपहर होने वाली किसान महापंचायत के लिए किसानों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है।

फोटो: IANS
फोटो: IANS
user

आईएएनएस

हरियाणा के करनाल में मंगलवार दोपहर होने वाली किसान महापंचायत के लिए किसानों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। सुबह साढ़े दस बजे तक लगभग 250 किसान महापंचायत स्थल करनाल मंडी पहुंच चुके थे और अगले कुछ घंटों में संख्या बढ़ने की उम्मीद है।

मौके पर बहुस्तरीय सुरक्षा को तैनात किया गया है। किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए केंद्र के बलों सहित लगभग 30 बटालियनों को तैनात किया गया है।

हालांकि लोगों को करनाल मंडी की ओर जाने से रोकने के लिए कई परतों में बैरिकेड्स हैं, लेकिन आंदोलनकारी किसानों ने कहा कि वे किसी भी कीमत पर मौके पर पहुंचेंगे। करनाल स्थित भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) जगदीप सिंह चढ़ुनी ने कहा, "अगर जरूरत पड़ी तो हम बैरिकेड्स तोड़ देंगे। कोई भी सुरक्षा किसानों को महापंचायत में शामिल होने से नहीं रोक सकती।"

चढ़ुनी ने आईएएनएस को बताया कि बैठक के लिए राज्य भर के किसान बड़ी संख्या में एकत्रित होंगे। उन्होंने कहा, "लोग आने लगे हैं और वे जल्द ही मंडी पहुंचेंगे। सभी किसान नेता दोपहर तक मौके पर पहुंच जाएंगे और फिर महापंचायत शुरू हो जाएगी।"


करनाल मंडी में यहां जमा हुए किसानों ने कहा कि वे 28 अगस्त को पुलिस कार्रवाई का आदेश देने वाले आईएएस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी को निलंबित किया जाना चाहिए और विरोध के दौरान अपनी जान कुर्बान करने वाले सभी किसानों के परिवारों को मुआवजा दिया जाना चाहिए।

किसान करनाल की अनाज मंडी में महापंचायत करेंगे और फिर मिनी सचिवालय की ओर बढ़ने से पहले एनएच 44 पर विरोध मार्च निकालेंगे।

प्रदर्शनकारी किसान 28 अगस्त को पुलिस कार्रवाई का आदेश देने वाले आईएएस अधिकारी और प्रदर्शन कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

उन्होंने घरुंडा के एक किसान सुशील काजल के परिजनों को 25 लाख रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की भी मांग की है, जिन्हें लाठीचार्ज में सिर में चोट लगी थी और बाद में दिल का दौरा पड़ने से उनकी मृत्यु हो गई। किसान घायलों के लिए दो-दो लाख रुपये मुआवजे की भी मांग कर रहे हैं।

नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia