सीबीआई को तबाह करने की कोशिशें, मैंने की साख बचाने की कोशिश: हटाए जाने के बाद आलोक वर्मा की पहली प्रतिक्रिया

सीबीआई से हटाए गएआलोक वर्मा ने कहा है कि सीबीआई को बरबाद करने की कोशिशें हो रही हैं और उन्होंनेएजेंसी की पवित्रता बचाने की कोशिश की। उन्होंने कहा है कि अगर मौका मिला तो कानूनके सम्मान की खातिर वे फिर से इसे बचाने का कोशिश करेंगे।

फोटो : सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

सीबीआई प्रमुख के पद से हटाए जाने के बाद आलोक वर्मा ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। इंडियन एक्स्प्रेस से बात करते हुए आलोक वर्मा ने कहा कि, “मैंने इस संस्था की साख और पवित्रता को बचाने का भरपूर प्रयास किया क्योंकि इसे नष्ट करने की कोशिशें हो रही हैं।”

सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना का नाम लिए बिना वर्मा ने कहा कि उन पर लगे निराधारा आरोपों को सही मानते हुए सीवीसी ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली। उन्होंने कहा कि, “मैं दुखी हूं कि मेरे ऊपर लगे मामूली आरोपों को आधार बनाकर मुझे सीबीआई से हटा दिया गया, वह भी एक ऐसे व्यक्ति की शिकायत पर जो मुझसे खार खाए बैठा था।”

आलोक वर्मा ने कहा कि, “सीबीआई देश की प्रमुख जांच एजेंसी है जो उच्च पदस्थ लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों के देखती रही है, ऐसे में इस एजेंसी की स्वायत्ता और स्वतंत्रता को बचाया जाना जरूरी है। एजेंसी को बिनी किसी बाहरी प्रभाव या दबाव के काम करना चाहिए। मैंने अपने तौर पर एजेंसी की साख और पवित्रता बचाने की कोशिश की, क्योंकि इसे बरबाद करने की कोशिशें हो रही हैं। सीवीसी और केंद्र सरकार द्वारा 23 अक्टूबर को दिए आदेशों से भी साबित होता है कि एजेंसी को कैसे नष्ट करने का प्रयास हो रहा है। आखिर कोर्ट ने इन आधार को खारिज कर दिया था।”

उन्होंने कहा कि, “यह दुख की बात है कि मुझसे बैर रखने वाले एक शख्स द्वारा लगाए गए झूठे, बिना सबूत के और ओछे आरोपों के आधार पर मेरा तबादला कर दिय गया। यह फैसला भी उस समिति ने लिया जिसके जिम्मे सीबीआई डायरेक्टर के तौर पर मेरे अगले कदमों के बारे में फैसला लेने की जिम्मेदारी थी।”

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