योगीराज में महिलाओं पर बढ़े अत्याचार, मुजफ्फरनगर में मासूम के साथ हैवानियत से सहमे मां-बाप, छलका दर्द

पिछले कुछ दिनों में उत्तर प्रदेश में नाबालिग लड़कियों के साथ बलात्कार के मामले में बढ़ोत्तरी हुई हैं और कुछ जगह नाबालिग लड़कियों से रेप के बाद हत्या के भी मामले आए हैं। मुजफ्फरनगर में मोबिन और रानी ऐसे ही एक पीड़ित है।

फोटो: आस मोहम्मद कैफ
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आस मोहम्मद कैफ

उत्तर प्रदेश में बेटियों के साथ वीभत्सता के आंकड़े बढ़ते ही जा रहे हैं। योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश में रामराज्य का दावा करते हैं लेकिन यूपी में नाबालिग लड़कियों से रेप के बढ़ते मामले योगी आदित्यनाथ के दावों को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में उत्तर प्रदेश में नाबालिग लड़कियों के साथ बलात्कार के मामले में बढ़ोत्तरी हुई हैं और कुछ जगह नाबालिग लड़कियों से रेप के बाद हत्या के भी मामले आए हैं। मुजफ्फरनगर में मोबिन और रानी ऐसे ही एक पीड़ित है।

मोबिन (बदला हुआ नाम ) अपनी पत्नी रानी को कमरे से बाहर बुलाते हैं। बरामदे में एक किनारे उनके किचन में बर्तन बिखरे पड़े हुए है। सामान इधर-उधर है। रानी एक बार उधर देखती है दूसरी बार कमरे के अंदर देखती है। एक बार वो अपने बेटे की तरफ देखती है और फिर सोफे वाली इस लकड़ी की कुर्सी पर बेबस होकर बैठ जाती है। मोहसिन के कहने से वो हमसे बात करने के लिए तैयार तो होती है, लेकिन कुछ भी बोलने से पहले उनकी आंखों से आंसू टपक पड़ते हैं।

रानी (34 ) उस 6 साल की बच्ची परी की मां है जिसे एक पखवाड़े पहले दरिंदगी करते हुए मार डाला गया है। यह घटना मुजफ्फरनगर जनपद के जानसठ कस्बे के जन्नताबाद इलाके की नई बस्ती में हुई है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने खुलासा किया है कि इस मासूम बच्ची को बुरी नियत से दबोच लिया गया था। मगर दुष्कर्म करने से पहले ही मुंह दबा देने के कारण दम घुटने से उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने बच्ची के शव को एक निर्माणाधीन मकान के लैट्रिन के गड्ढे में छिपा दिया।

पीड़िता के पिता मोबिन बताते हैं कि रानी रात-दिन बस रोती रहती है। सो नहीं रही है। मोबिन के दो और भी बेटे है। रानी अपने बेटे की तरफ इशारा करके बताती है कि यह दो महीने की परी को अपने कंधे में बैठाकर खुश होता था। एक ही बेटी थी मेरी। मेरा काम में हाथ बंटाने लगी थी। स्कूल भेजना था उसे अब। वो सीधे जन्नत में चली गई। सब मेरी ही गलती है। मैं नमाज पढ़ रही थी। वो दरवाजा खोल कर बाहर चली गई। मैं नमाज पढ़ कर बाहर देखने गई। एक पड़ोसन ने बताया कि यहीं खेल रही थी। 5 मिनट में ही गायब हो गई। उस पांच मिनट ने मेरा सब कुछ छीन लिया। रानी जानसठ की ही रहने वाली है। उनका मायका भी यहीं है और सुसराल भी। उसके पति मोहसिन शादियों में खाना बनाने का काम करते हैं।

मोबिन उस दिन काम पर गए थे। वो अपने फोन में लगातार अपनी बेटी का फोटो देखते रहते हैं और सुबकते है। मोबिन हमें बताते हैं पहले वो किराए पर रहते थे मगर यहां उन्होंने अभी घर लिया है। यहां जमीन सस्ती है और थोड़ा शहर से बाहर है। वो बहुत खुश थे कि उनका अपना घर हो गया है, मगर अब वो यहां नहीं रहेंगे। यहां उनकी बेटी का क़त्ल हुआ। 6 साल की मासूम को दरिंदों ने मार डाला। मोहसिन कहते हैं कि आप बाहर निकल कर देखिए अब यहां कोई बच्चा गली में नहीं दिखाई देगा। लोगों ने डर से अपने बच्चों को घरों में कैद कर लिया है। शैतान खुला घूम रहा है। अल्लाह उन्हें सजा देगा। जिन्होंने मेरी परी छीन ली। पिछले एक महीने में उत्तर प्रदेश में ऐसी ही एक दर्जन वारदात हो चुकी है। हालात यह है कि कुछ मामलों में अदालतों के काफी तेजी से आये फैसले के बाद भी दरिंदों में कोई भय नही दिख रहा है। मोहसिन और रानी की जैसी व्यथा उत्तर प्रदेश में कई परिवारों की हो गई है।

देवबंद, हापुड़ ,अयोध्या और कानपुर में भी ऐसी ही घृणित वारदात हुई है। हालत इतने खराब है कि 4 अप्रैल को अयोध्या के रुदौली कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में चार साल की बच्ची के साथ रेप हुआ है। इससे पहले 2 अप्रैल मेरठ के सरधना में कक्षा 10 की छात्रा के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया था। इसी दिन सहारनपुर के देवबंद में 11 वर्ष की लड़की के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या का मामला भी हुआ। 29 मार्च को हाथरस के एक गांव में एक दलित नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार का मामला भी सामने आया। यही नही 26 मार्च रामपुर के शाहाबाद थाना क्षेत्र में दो सगे भाइयों ने घर में घुसकर एक 15 वर्षीय लड़की के साथ रेप कर दिया। उत्तर प्रदेश के हापुड़ में 22 मार्च को 10 कक्षा की एक नाबालिग लड़की संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। जिसके बाद उसके साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया गया और रेप के बाद हत्या कर दी गई। 11 मार्च को मुरादाबाद में भी एक टेम्पो चालक द्वारा एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर बलात्कार का मामला सामने आया।

10 मार्च को कानपुर में एक 13 साल की लड़की के साथ बलात्कार का भी मामला आया। 4 मार्च को भी गोरखपुर में लड़कों के समूह द्वारा एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार की शिकायत हुई।

यह तो नाबालिग लड़कियों के साथ रेप की महज़ कुछ ही घटनाएं हैं जो उत्तर प्रदेश सरकार की कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा के दावों की पोल खोलती हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो एनसीआरबी की 2020 की रिपोर्ट कहती है कि महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है। एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2018 में यूपी में 60,000 मामले महिलाओं के साथ अपराध के केस दर्ज किए गए। इसके अलावा इसी रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में रेप के 4300 केस दर्ज हुए,जबकि ऐसे भी बहुत से रेप के मामले रह जाते हैं जिनकी थानों में शिकायत तक दर्ज नहीं होती हैं।

उत्तर प्रदेश की कांग्रेस नेता और विद्यायक आराधना मिश्रा 'मोना ' कहती है कि बेटियों की साथ हो रहा यह अत्याचार बेहद चिंताजनक है। अफ़सोस है कि इस तरह की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उत्तर प्रदेश की सरकार ने 'बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ' का नारा दिया था मगर वो बेटियों की हिफाज़त करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। सरकार आंकड़ों की बाजीगिरी करने और घटनाओं को झूठा बताने और उन्हें छिपाने में अपनी शक्ति लगाती है। अपराधियों में उनका कोई भय नहीं है। हाथरस वाली घटना में यह सभी ने खुली आंखों से देखा है। बच्चियों के साथ दरिंदगी करने वाले यह राक्षस तो गुनहगार तो ही, मगर जिन पर बेटियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है जवाब उन्हें भी देना होगा।

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