यूपी के अलीगढ़ में जहरीली शराब से मौतों का सिलसिला जारी, अब तक 22 लोगों की गई जान, गांववालों ने लगाए आरोप

अलीगढ़ के अलग-अलग तीन थाना क्षेत्रों में शराब के सेवन से कुल 22 मौंते हुई हैं। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है यहां पर तकरीबन 3 दर्जन मौंते हो चुकी है। प्रशासन का कहना है कि सारी मौंते सिर्फ शराब के सेवन से नहीं हुई है। अभी मामले की जांच हो रही है।

फोटो: IANS
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नवजीवन डेस्क

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में देशी शराब के ठेके से शराब लेकर सेवन करने वालों की मौत का सिलसिला शनिवार को भी जारी है। इस कारण से अब तक कुल 22 मौंते हुई हैं। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है यहां पर तकरीबन 3 दर्जन मौंते हो चुकी है। प्रशासन का कहना है कि सारी मौंते सिर्फ शराब के सेवन से नहीं हुई है बल्कि उनके अन्य कारण भी हैं अभी मामले की जांच हो रही है। इस मामले में तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा 6 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।

मंडला आयुक्त गौरव दयाल ने बताया कि अलीगढ़ के अलग-अलग तीन थाना क्षेत्रों में शराब के सेवन से कुल 22 मौंते हुई हैं। उनका कहना है कि कुछ मौतें अन्य कारणों से भी हो सकती हैं सभी शराब पीनें से नहीं हुई है। बांकी जांच चल रही है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पीआरओ कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले अभी तक पुलिस ने तीन मुकदमे दर्ज कर शराब तस्करी रैकेट में आरोपी अनिल चौधरी सहित 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। दो मुख्य आरोपी फरार हैं, जिन पर 50-50 हजार का इनाम घोषित किया गया है। उधर, लापरवाही के आरोप में सरकार ने जिला आबकारी अधिकारी धीरज शर्मा, आबकारी निरीक्षक राजेश यादव, प्रधान सिपाही अशोक कुमार, निरीक्षक चंद्रप्रकाश यादव और सिपाही रामराज राना को निलंबित कर दिया है।


गौरतलब है कि अलीगढ़ के सात गांव में गुरुवार रात बड़ी संख्या में लोगों ने देशी शराब का सेवन किया। इनमें से अधिकांश तो अलीगढ़ के लोग थे जबकि बड़ी संख्या में ट्रक के चालक भी थे, जो कि एचपी बॉटलिंग प्लांट में गैस सिलेंडर लेने आए थे। शुक्रवार को जहां 17 लोगों की मौत हो गई थी, वहीं आज सुबह भी पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों की संख्या अब 22 हो गई है। अभी भी यह संख्या बढ़ सकती है। जिला अस्पताल में भर्ती कई लोगों की हालत अभी गम्भीर बनी हुई है।

अलीगढ़ के लोधा, खैर व जवां क्षेत्र के लोगों ने गुरुवार शाम अलग-अलग ठेकों से देसी शराब खरीदी थी। देर शाम सेवन किया। लोधा के गांव करसुआ के सुनील को रात में उल्टियां होने लगीं। हालत बिगडने पर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां मौत हो गई। कुछ देर बाद ही गांव के कुछ अन्य लोगों को उल्टियां शुरू हो गईं। ग्रामीणों का दावा 3 दर्जन से अधिक मौत होने का है। प्रशासन व आबकारी विभाग की टीम ने वहां की दुकान को भी सील कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है शराब पीने से ही मौत हुई है।

डीएम चंद्रभूषण सिंह ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। चार ठेके सील कर दिए गए हैं। जांच होने तक जिले में देसी शराब की सभी दुकानें बंद करा दी गई हैं। यहां पर प्रथम²ष्टया जांच में मिलावटी शराब बनाकर सरकारी दुकान से बेचने का मामला सामने आया है, इसमें सरकारी ठेकेदार भी लिप्त हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में गृह व आबकारी विभाग को 48 घंटे अवैध शराब के खिलाफ छापामार अभियान चलाने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस प्रकरण में हर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन पर एनएसए भी लगाया जाएगा। अगर सरकारी ठेके से शराब खरीदी है तो ठेका सीज किया जाए। दोषियों की संपत्ति जब्त कर नीलाम होगी और उससे मृतकों के स्वजन को मुआवजा दिया जाएगा।

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