लखीमपुर खीरी हिंसा को लेकर NRI पंजाबियों में गहरा रोष, पीड़ित परिवारों को इंसाफ दिलाने की अपील

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किसानों को गाड़ी से कुचलने की खौफनाक घटना की जोरदार निंदा देश ही नहीं सुदूर विदेशों में भी हो रही है। इस घटना के लिए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

फोटो: IANS
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अमरीक

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किसानों को गाड़ी से कुचलने की खौफनाक घटना की जोरदार निंदा देश ही नहीं सुदूर विदेशों में भी हो रही है। इस घटना के लिए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। कई देशों के एनआरआई पंजाबियों ने इस किसान हत्याकांड पर गहरा रोष व्यक्त किया है। इंग्लैंड के संसद सदस्य तनमनजीत सिंह ढेसी सहित अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, हौलेंड, ब्रिटेन और जर्मन की विभिन्न धार्मिक तथा सामाजिक संस्थाओं ने लखीमपुर खीरी घटना की सख्त शब्दों में निंदा की है।

संस्थाओं ने इस पर हैरानी जताई है कि मीडिया का एक बड़ा हिस्सा किसानों को ही गुनाहगार ठहरा रहा है। इंग्लैंड के सांसद तनमनजीत सिंह ढेसी ने लखीमपुर खीरी में हुई घटना को किसानों का कत्लेआम करार दिया है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने घटना का वीडियो देखा तो उनका खून खौल गया। रोंगटे खड़े हो गए। वहां मारे गए किसानों के परिवारों से दुख साझा करते हुए उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद है कि मीडिया का एक बड़ा हिस्सा इस घटनाक्रम को गलत रंगत देने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि वह भी किसान परिवार से वाबस्ता रहे हैं।


ढेसी ने प्रशासन और मीडिया से अपील की कि पीड़ित परिवारों को इंसाफ दिलवाने की तरफ कदम बढ़ाए जाएं। उन्होंने किसानों से भी अपील की कि वे अपना आंदोलन उसी अमन और सद्भाव के साथ जारी रखें जैसे अब तक रखते आए हैं। आखिरकार इंसाफ की जीत होगी।

तनमजीत ने कहा कि भारत में आंदोलनरत किसानों को पूरी दुनिया में समर्थन हासिल है। गौरतलब है कि इंग्लैंड के ये सांसद ब्रिटेन स्थित भारतीय दूतावास को इस घटनाक्रम के विरोध में एक ज्ञापन भी सौंप रहे हैं। वहीं अमेरिकन गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के संयोजक डॉक्टर प्रितपाल सिंह, फ्रांस के मनजीत सिंह गरेसिया, ऑस्ट्रेलिया के सुखजिंदर सिंह, जर्मनी के संत अजीत सिंह, कनाडा के ज्ञानी बलदेवआ सहित कई एनआरआई पंजाबियों ने लखीमपुर खीरी किसान हत्याकांड की कड़े शब्दों में निंदा की है।


अमेरिका की गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रमुख डॉक्टर प्रितपाल सिंह ने अपने बयान में कहा है कि लखीमपुर में मारे गए किसानों को शहीदों का दर्जा दिया जाएगा और पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह घटना बताती है कि भारत में मोदी राज के चलते कितनी तेजी के साथ लोकतंत्र का पतन हो रहा है। अभी तक एक भी गिरफ्तारी नहीं हुई और विपक्ष को वहां जाने नहीं दिया जा रहा। प्रियंका गांधी को नाजायज हिरासत में रखा गया है। कनाडा के वरिष्ठ समाजसेवी बलदेव सिंह बेदी के मुताबिक वहां यथाशीघ्र लखीमपुर खीरी घटनाक्रम के विरोध में रोष मार्च किया जाएगा। उधर, विदेशों में स्थित कई गुरुद्वारों में मृतक किसानों के लिए अरदास का सिलसिला भी शुरू हो गया है।

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