मध्य प्रदेश में लाखों किसानों को अपात्र बताकर वसूली का नोटिस थमाया, अब धमकाया जा रहा है: कमलनाथ

पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि, पहले प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के नाम पर प्रदेश में उपचुनावों को देखते हुए बढ़-चढ़कर किसानों के खाते में राशि डलवायी गयी, इसका खूब प्रचार-प्रसार किया और अब प्रदेश में लाखों किसानों को अपात्र बताकर उन्हें राशि की रिकवरी और वसूली के नोटिस थमा दिए गए हैं।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कमल नाथ ने बीजेपी सरकार पर किसानों को अपमानित करने का आरोप लगाया है। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने एक बयान जारी कर कहा कि, पहले प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के नाम पर प्रदेश में उपचुनावों को देखते हुए बढ़-चढ़कर किसानों के खाते में राशि डलवायी गयी, इसका खूब प्रचार-प्रसार किया, खूब श्रेय लिया गया और अब प्रदेश में लाखों किसानों को अपात्र बताकर उन्हें राशि की रिकवरी और वसूली के नोटिस थमा दिए गए हैं, अब उन्हें वसूली के लिये धमकाया जा रहा है, उनकी जमीनों को बंधक बनाने की धमकी दी जा रही है। इस तरह का कृत्य कर भाजपा सरकार किसानों का रोज अपमान कर रही है।

कमल नाथ ने किसानों का पक्ष लेते हुए कहा कि, कायदे से तो इस राशि की वसूली उन जिम्मेदार अधिकारियों से होना चाहिए, जिन्होंने बगैर जांच के अपात्र किसानों के नाम सूची में जोड़ दिए, उनके खातों में ऑनलाइन राशि ट्रांसफर कर दी लेकिन निशाना सिर्फ किसानों को बनाया जा रहा है।


उन्होंने आगे कहा कि नियमों के मुताबिक तो पात्र किसानों की पहले जांच होकर सूची बनना थी और फिर उन्हें खातों में राशि जानी थी लेकिन अब उनके खातों में राशि को डालकर जिस तरह उनसे अपराधियों की तरह व्यवहार कर, भाजपा सरकार उनका रोज अपमान वसूली के नाम पर कर रही है वो पूरी तरह से अनुचित है। इनमें से कई किसान ऐसे हैं, जो इस राशि का उपयोग कर चुके हैं , जिनके पास अब वापस देने को पैसे नहीं है, अब वो अपनी जमीन व गहने गिरवी रखकर,कर्ज लेकर यह राशि चुकाने में लगे हैं।

कमल नाथ ने दुविधा में पड़े किसानों का हवाला देते हुए कहा कि इन घटनाओं से पात्र किसान भी इस सम्मान निधि के खाते में आई राशि का उपयोग करने से डर रहे हैं कि पता नहीं कब सरकार उन्हें अपात्र बताकर राशि वसूलने का नोटिस थमा दे। वास्तव में यह किसान सम्मान निधि योजना प्रदेश के लाखों किसानों के लिए किसान अपमान योजना बन चुकी है।

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