मुजफ्फरनगर: दलितों के खिलाफ तुगलकी फरमान, कोई खेत पर दिखा तो 5 हजार रुपए का जुर्माना, 50 जूते की सजा, 2 गिरफ्तार

राजवीर सिंह ने पावटी खुर्द गांव में बाक़ायदा मुनादी कराकर दलित समाज के लोगों को चेतावनी दी है कि अगर उसके खेत पर, समाधी या ट्यूबवेल पर अगर दलित समाज का कोई भी व्यक्ति जाएगा तो उस पर पांच हजार रुपयों का जुर्माना और 50 जूतों की सजा दी जाएगी।

फोटो: आस मोहम्मद कैफ
फोटो: आस मोहम्मद कैफ
user

आस मोहम्मद कैफ

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। मुजफ्फरनगर में एक व्यक्ति की दबंगई का मामला सामने आया है, जिसमें वह गांव में बकायदा मुनादी कराकर दलित परिवारों को खुलेआम धमकी दिया है। चरथावल थाना क्षेत्र के पावटी खुर्द गांव में चर्चित गैंगस्टर विक्की त्यागी का घर हैं। बताया जा रहा है कि यह मुनादी भी गैंगस्टर विक्की त्यागी के पिता की ओर से कराया गया है। पुलिस ने मुनादी करने वाले और मुनादी कराने वाले राजबीर प्रधान को गिरफ्तार कर लिया है।

दलितों की दी गई खुलेआम धमकी

मुनादी गांव में ढोल बजाकर संदेश देने की एक प्रकिया है। इसमें संदेशवाहक गली-गली जाकर ढोल बजाता है और संदेश सुनाता है। सोमवार को इस गांव में मुनादी करने वाले कंवरपाल ने यही किया। राजवीर सिंह ने गांव में बाक़ायदा मुनादी कराकर दलित समाज के लोगों को चेतावनी दी है कि अगर उसके खेत पर, समाधी या ट्यूबवेल पर अगर दलित समाज का कोई भी व्यक्ति जाएगा तो उस पर पांच हजार रुपयों का जुर्माना और 50 जूतों की सजा दी जाएगी। मुनादी पिटते ही गांव में बवाल मच गया।

कुख्यात बदमाश का पिता है राजवीर सिंह

पावटी खुर्द गांव के इस गांव में राजबीर प्रधान का दबदबा है। वो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े गैंगस्टर में से एक विक्की त्यागी का पिता है। विक्की त्यागी की 2015 में मुजफ्फरनगर की जिला अदालत में नाटकीय तरीके से हत्या कर दी गई थी।

दलित परिवारों का छलका दर्द

पावटी खुर्द गांव में दलित परिवारों की संख्या लगभग 60 है। गांव के लोग बता रहे है कि राजबीर के आम के बाग़ में कुछ बच्चों ने कच्चे आम तोड़ लिए, जिसका दोष पूरे समाज पर मढ़ दिया गया। नाम न छापने की शर्त पर एक दलित महिला ने बताया हम इस पर कोई बात नहीं करना चाहते, गांव की बहुत सी घटनाओं को बाहर की दुनिया को जानती भी नहीं है। हमारे साथ उत्पीड़न की घटनाएं होती है। गाली-गलौच तो आम बात है। अगर जानवर खेतों में नुकसान करके चले जाते हैं तो बुरा भला हमें कहा जाता है कि दलितों ने किया है। हमारी गरीबी हमारे लिए नरक बन गई है। अगर यह नुकसान बच्चों ने किया था उन्हें कहा जाता,सभी को क्यों कहा गया।

गांव की एक दूसरी महिला ने बताया कि बात कुछ भी नहीं है। वीडियो वायरल होने से बात बतंगड़ बन गया है। यह खेत में आम तोड़ने और फसल खराब होने का मामला है जिसमे गलत तरीके से मुनादी होने के कारण बात बिगड़ गई है। इसमें बच्चों को कच्चा आम तोड़ने से मना किया जाना था। मुनादी में यह कहा जा सकता था कि बच्चों को आम तोड़ने के लिए न भेजे।


गांव में भीम आर्मी के कई कार्यकर्ता पहुंचे

पावटी गांव भीम आर्मी के प्रभुत्व वाले जनपद सहारनपुर से 50 किमी और मुजफ्फरनगर से 14 किमी की दूरी पर है। आसपास के भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं में यहां हलचल देखी जा रही है। वो पावटी पहुंच रहे हैं। भीम आर्मी के संस्थापक चन्द्रशेखर आज़ाद ने पावटी पहुंचने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि यह बेहद ही आपत्तिजनक और शर्मनाक है। यह दलितों की असली स्थिति को बताने के लिए काफी है।

मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी

मुजफ्फरनगर पुलिस ने मुनादी की वीडियो के वायरल होने के तुरंत बाद राजबीर प्रधान के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है, इसके अलावा मुनादी करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसएसपी मुजफ्फरनगर अभिषेक यादव ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया है कि पुलिस ने जानकारी मिलने के तुरंत बाद त्वरित कार्रवाई की है और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

चरथावल विधानसभा के विधायक पंकज मलिक ने भी इस कृत्य की निंदा की है, नवजीवन से उन्होंने कहा कि यह मुनादी एक समुदाय को अपमानित करती है और संविधान विरोधी है। एक पूरी जाति को अपमानित किया जाना ठीक नहीं है। किसी को जूते मारने और जुर्माना लगाने का अधिकार किसी को नहीं है, इसके लिए एक व्यवस्था है। हमें हमेशा कानूनी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।

नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia