बिहार: सुशासन बाबू के राज में बच्चों की मौत का सिलसिला जारी, चमकी बुखार से अब तक 69 की गई जान, उठने लगे सवाल

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में चमकी बुखार की चपेट में आने से शुक्रवार को नौ और बच्चों की मौत के साथ ही इस महीने अब तक 69 बच्चों की मौत हो चुकी है। मरने वाले बच्चों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।

फोटो: सोशल मीडिया 
फोटो: सोशल मीडिया

नवजीवन डेस्क

सुशासन बाबू के राज में बच्चों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार (दिमागी बुखार) के कारण मरने वालों की 69 हो गई है। जिसमें 58 की मौत श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में हुई है, जबकि 11 की मौत केजरीवाल अस्पताल में हुई है। बता दें कि 15 वर्ष तक की उम्र के बच्चे इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।

जिला प्रशासन की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक शुक्रवार को शाम छह बजे तक श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसकेएमसीएच) में छह बच्चों और केजरीवाल अस्पताल में तीन बच्चों की मौत हो गई थी। इस बीमारी का शिकार आमतौर पर गरीब परिवार के बच्चे हो रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, इस बीमारी का मुख्य लक्षण तेज बुखार, उल्टी-दस्त, बेहोशी और शरीर के अंगों में रह-रहकर कंपन (चमकी) होना है।

इससे पहले शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने केंद्र की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिया था। उन्होंने कहा था, “केंद्र से भेजे गए डॉक्टरों की टीम ने अस्पतालों का दौरा किया। उन्होंने राज्य सरकार को इस संबंध में जरूरी सलाह दिए हैं। मैंने बिहार के स्वास्थ्य मंत्री के साथ दो बैठकें की हैं और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।”

मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में अपने बच्चों को खो चुकी मांओं की दहाड़ सुन किसी भी व्यक्ति का कलेजा फट जा रहा है। खो चुके बच्चों की मांएं दहाड़ मार कर रो रही हैं, तो उनके पिता और परिजन उन्हें ढांढस बंधा रहे हैं।

गौरतलब है कि हर साल इस मौसम में मुजफ्फरपुर क्षेत्र में इस बीमारी का कहर देखने को मिलता है। पिछले वर्ष गर्मी कम रहने के कारण इस बीमारी का प्रभाव कम देखा गया था। इस बीमारी की जांच के लिए दिल्ली से आई नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल की टीम तथा पुणे के नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) की टीम भी मुजफ्फरपुर का दौरा कर चुकी है। लेकिन इसके बावजूद नीतीश सरकार बीमारी को रोकथाम और लोगों को जागरुक करने में नाकाम दिखाई दे रहे हैं।

(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

Published: 15 Jun 2019, 8:54 AM
लोकप्रिय