<rss version="2.0" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"><channel><title>Navjivan</title><link>https://www.navjivanindia.com</link><description>Navjivan - हिंदी न्यूज़, हिंदी समाचार, Live Hindi News, Latest Breaking News. News and Insightful Analysis</description><atom:link href="https://www.navjivanindia.com/stories.rss" rel="self" type="application/rss+xml"></atom:link><language>hi</language><lastBuildDate>Sun, 17 May 2026 11:53:31 +0530</lastBuildDate><sy:updatePeriod>hourly</sy:updatePeriod><sy:updateFrequency>1</sy:updateFrequency><item><title>महंगाई की मार! 48 घंटों में दूसरी बढ़ोतरी, दिल्ली में CNG फिर से हुई महंगी</title><link>https://www.navjivanindia.com/news/the-blow-of-inflation-second-hike-in-48-hours-cng-becomes-more-expensive-again-in-delhi</link><comments>https://www.navjivanindia.com/news/the-blow-of-inflation-second-hike-in-48-hours-cng-becomes-more-expensive-again-in-delhi#comments</comments><guid isPermaLink="false">cb3f9f7c-63ac-4755-b89c-31858cd7fff9</guid><pubDate>Sun, 17 May 2026 11:50:24 +0530</pubDate><atom:updated>2026-05-17T11:50:24.105+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>नवजीवन डेस्क</atom:name><atom:uri>/api/author/300041</atom:uri></atom:author><description><![CDATA[ इससे पहले शुक्रवार को सीएनजी की कीमतों में 2 रुपए प्रति किलोग्राम का इजाफा किया गया। उस समय दिल्ली में सीएनजी की दर बढ़कर 79.09 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई थी।]]></description><media:keywords>CNG,Delhi News</media:keywords><media:content height="492" url="https://cf-images.assettype.com/navjivanindia/2022-04/0d3b5726-d813-4fe9-8bb8-450d8aa6538b/CNG.jpg" width="972"><media:title type="html"><![CDATA[ फोटो: सोशल मीडिया]]></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://cf-images.assettype.com/navjivanindia/2022-04/0d3b5726-d813-4fe9-8bb8-450d8aa6538b/CNG.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>हालात</category><content:encoded><![CDATA[ <p>दिल्ली में सीएनजी फिर से महंगी हो गई है। रविवार को इसकी कीमतों में 1 प्रति रुपए किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई। सिर्फ दो दिनों में यह दूसरी बार बढ़ोतरी हुई है, जिससे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में यात्रियों पर ईंधन की लागत का बोझ और बढ़ गया है।</p><p>दिल्ली में सीएनजी की कीमत एक रुपए बढ़ने के बाद रविवार को 80.09 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई। यह पहली बार है कि दिल्ली में सीएनजी के दाम 80 रुपए के आंकड़े को पार कर गए हैं। इस बढ़ोतरी के बाद नोएडा और गाजियाबाद में सीएनजी की कीमत अब 88.70 रुपए प्रति किलोग्राम होगी।</p><p>इससे पहले शुक्रवार को सीएनजी की कीमतों में 2 रुपए प्रति किलोग्राम का इजाफा किया गया। उस समय दिल्ली में सीएनजी की दर बढ़कर 79.09 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई थी।</p><p>शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में पेट्रोल की कीमतों में लगभग 3 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में लगभग 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी भी हुई थी। इस बदलाव के बाद दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपए प्रति लीटर और डीजल 90.67 रुपए प्रति लीटर की दर से बिक रहा है।</p><p>ईंधन की कीमतों में यह उछाल पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा व्यापार मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट की लगातार नाकेबंदी के बीच आया है। वैश्विक तेल और गैस व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा इसी संकरे मार्ग से होकर गुजरता है और आपूर्ति में रुकावटों के कारण अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं।</p><p>ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर हो रही आलोचना का जवाब देते हुए बीते दिनों केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल के बावजूद भारत पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को सीमित रखने में सफल रहा है।</p><p>उन्होंने बताया कि कई देशों में ईंधन की कीमतों में 20 प्रतिशत से लेकर लगभग 100 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी गई, जबकि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः केवल 3.2 प्रतिशत और 3.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। रिजिजू ने कहा कि वैश्विक बाजार अस्थिर हैं, फिर भी भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने उपभोक्ताओं को मुद्रास्फीति के बड़े प्रभाव से बचाने के लिए हफ्तों तक भारी नुकसान उठाया।</p>]]></content:encoded></item><item><title>बड़ी खबर LIVE: कांगो-युगांडा में इबोला संकट, WHO ने घोषित की ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी</title><link>https://www.navjivanindia.com/news/breaking-news-latest-news-update-todays-live-update-17th-may-2026</link><comments>https://www.navjivanindia.com/news/breaking-news-latest-news-update-todays-live-update-17th-may-2026#comments</comments><guid isPermaLink="false">db2ae4ac-eb2d-471e-8338-054b3eb3c1d2</guid><pubDate>Sun, 17 May 2026 08:09:44 +0530</pubDate><atom:updated>2026-05-17T11:08:12.082+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>नवजीवन डेस्क</atom:name><atom:uri>/api/author/300041</atom:uri></atom:author><description><![CDATA[ कांगो और युगांडा में फैले इबोला प्रकोप को WHO ने इंटरनेशनल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है। कांगो में अब तक 80 संदिग्ध मौतें और 246 संदिग्ध मामले सामने आए हैं।]]></description><media:keywords>Breaking News</media:keywords><media:content height="669" url="https://cf-images.assettype.com/navjivanindia/2026-05-17/6sq0jn91/Ibola-virus.jpg" width="1200"><media:title type="html"><![CDATA[ फोटो: सोशल मीडिया]]></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://cf-images.assettype.com/navjivanindia/2026-05-17/6sq0jn91/Ibola-virus.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>हालात</category><category>देश</category><content:encoded><![CDATA[ <h3>दिल्ली में सीएनजी फिर से महंगी हुई</h3><p>दिल्ली में सीएनजी फिर से महंगी हो गई है। रविवार को इसकी कीमतों में 1 प्रति रुपए किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई। सिर्फ दो दिनों में यह दूसरी बार बढ़ोतरी हुई है, जिससे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में यात्रियों पर ईंधन की लागत का बोझ और बढ़ गया है।</p><h3>तिरुवनंतपुरम में UDF सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारियां जोरों पर </h3><figure><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr">STORY | UDF govt swearing-in preparations in full swing in Thiruvananthapuram<br><br>A decade after losing power, the UDF is set to form the next government in Kerala on Monday, with Congress leader V D Satheesan taking over as the chief minister.<br><br>READ: <a href="https://t.co/DDXTkWsMOq">https://t.co/DDXTkWsMOq</a> <a href="https://t.co/Rtbc2FCQc5">pic.twitter.com/Rtbc2FCQc5</a></p>&mdash; Press Trust of India (@PTI_News) <a href="https://twitter.com/PTI_News/status/2055855792369320131?ref_src=twsrc%5Etfw">May 17, 2026</a></blockquote>
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</figure><h3>UP: रामपुर कोर्ट ने SP नेता आज़म खान को आचार संहिता उल्लंघन मामले में 2 साल की जेल की सजा सुनाई</h3><figure><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr">STORY | UP: Rampur court sentences SP leader Azam Khan to 2 years in jail in model code violation case<br><br>A court in this Uttar Pradesh district sentenced Samajwadi Party (SP) leader Azam Khan to two years of imprisonment on Saturday in a case related to objectionable remarks made… <a href="https://t.co/i7nuk5QOQr">pic.twitter.com/i7nuk5QOQr</a></p>&mdash; Press Trust of India (@PTI_News) <a href="https://twitter.com/PTI_News/status/2055730168900227360?ref_src=twsrc%5Etfw">May 16, 2026</a></blockquote>
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</figure><h3>कांगो-युगांडा में इबोला संकट, WHO ने घोषित की ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी</h3><p>WHO ने कांगो और युगांडा में फैल रहे इबोला प्रकोप को इंटरनेशनल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है, लेकिन साफ किया कि बंडिबुग्यो वायरस से फैला यह संक्रमण अभी महामारी घोषित करने के मानकों तक नहीं पहुंचा है। WHO के अनुसार, कांगो के इतुरी प्रांत के बुनिया, रवामपारा और मोंगब्वालू स्वास्थ्य क्षेत्रों में शनिवार तक 80 संदिग्ध मौतें, 8 लैब से पुष्टि किए गए मामले और 246 संदिग्ध संक्रमित सामने आए हैं।</p>]]></content:encoded></item><item><title>केरल: तिरुवनंतपुरम में UDF सरकार के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां जोरों पर</title><link>https://www.navjivanindia.com/news/kerala-preparations-for-the-udf-governments-swearing-in-ceremony-are-in-full-swing-in-thiruvananthapuram</link><comments>https://www.navjivanindia.com/news/kerala-preparations-for-the-udf-governments-swearing-in-ceremony-are-in-full-swing-in-thiruvananthapuram#comments</comments><guid isPermaLink="false">9f582dc6-5695-4d72-878e-0b8cab40d0ab</guid><pubDate>Sun, 17 May 2026 10:58:24 +0530</pubDate><atom:updated>2026-05-17T10:58:24.793+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पीटीआई (भाषा)</atom:name><atom:uri>/api/author/1924496</atom:uri></atom:author><description><![CDATA[ स्टेडियम में शपथग्रहण के दौरान हजारों पार्टी कार्यकर्ता, राष्ट्रीय राजनीतिक हस्तियों एवं स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों के लिए बैठने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही इस दौरान बारिश से बचाव के इंतजाम भी किये जा रहे हैं।]]></description><media:keywords>Kerala,UDF</media:keywords><media:content height="3337" url="https://cf-images.assettype.com/navjivanindia/2026-05-17/tbse54ou/congress-2.jpg" width="4800"><media:title type="html"><![CDATA[  फोटो: PTI]]></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://cf-images.assettype.com/navjivanindia/2026-05-17/tbse54ou/congress-2.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>हालात</category><content:encoded><![CDATA[ <p>केरल में कांग्रेस नेता वी डी सतीशन सोमवार को मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे जहां संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) करीब एक दशक बाद सत्ता में लौटा है। सतीशन के साथ-साथ 20 मंत्री भी सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित होने वाले समारोह में शपथ लेंगे।</p><p>सेंट्रल स्टेडियम में तैयारियां जोर शोर से जारी हैं जहां शपथ ग्रहण समारोह के लिए एक विशाल मंच तैयार किया जा रहा है।</p><p>स्टेडियम में शपथग्रहण के दौरान हजारों पार्टी कार्यकर्ता, राष्ट्रीय राजनीतिक हस्तियों एवं स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों के लिए बैठने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही इस दौरान बारिश से बचाव के इंतजाम भी किये जा रहे हैं।</p><figure><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr">STORY | UDF govt swearing-in preparations in full swing in Thiruvananthapuram<br><br>A decade after losing power, the UDF is set to form the next government in Kerala on Monday, with Congress leader V D Satheesan taking over as the chief minister.<br><br>READ: <a href="https://t.co/DDXTkWsMOq">https://t.co/DDXTkWsMOq</a> <a href="https://t.co/Rtbc2FCQc5">pic.twitter.com/Rtbc2FCQc5</a></p>&mdash; Press Trust of India (@PTI_News) <a href="https://twitter.com/PTI_News/status/2055855792369320131?ref_src=twsrc%5Etfw">May 17, 2026</a></blockquote>
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</figure><p>सोमवार सुबह होने वाले इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम से पहले समूचे तिरुवनंतपुरम में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।</p><p>बड़ी संख्या में अति विशिष्ट व्यक्तियों (वीआईपी) और यूडीएफ समर्थकों के तिरुवनंतपुरम आने के मद्देनजर विशेष यातायात व्यवस्था भी की गई है।</p><p>कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन ने हाल में हुए विधानसभा चुनाव में निर्णायक जीत हासिल की थी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) को सत्ता से बेदखल कर दिया था।</p><p>पिछले पांच वर्षों से विपक्ष के नेता रहे सतीशन (61) को पार्टी के जनाधार को फिर से मजबूत करने का श्रेय दिया जा रहा है।</p><p>अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) द्वारा सतीशन को अगला मुख्यमंत्री घोषित किए जाने के बाद से उन्होंने गठबंधन सहयोगियों के साथ नए मंत्रिमंडल को अंतिम रूप देने के लिए कई बैठकें की हैं।</p><p>समर्थकों का कहना है कि यह जनादेश परिवर्तन को लेकर लोगों की मजबूत आकांक्षा को दर्शाता है।</p><p>कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस शासित और पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा गया है।</p><p>राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और मल्लिकार्जुन खरगे सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के भी शपथग्रहण में उपस्थित रहने की उम्मीद है।</p><p>सभी 140 विधायकों को भी कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है।</p><p>सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसफ विजय कार्यक्रम में शामिल होंगे या नहीं।</p><p>कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि उन्हें पहले ही आमंत्रित किया जा चुका है और कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति की पुष्टि रविवार को होने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद!</title><link>https://www.navjivanindia.com/opinion/laying-pearls-before-swine</link><comments>https://www.navjivanindia.com/opinion/laying-pearls-before-swine#comments</comments><guid isPermaLink="false">2f6b5e35-0b1b-4b3e-b639-b60dda594c3c</guid><pubDate>Sun, 17 May 2026 10:39:20 +0530</pubDate><atom:updated>2026-05-17T10:39:20.660+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>प्रभात सिंह</atom:name><atom:uri>/api/author/298191</atom:uri></atom:author><description><![CDATA[  ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ के नतीजों से वाकिफ़ हैं तो फिर राम चिड़िया, राम के खेत...गुनगुनाइए। सोशल मीडिया के हल्ले में कुछ नहीं धरा।]]></description><media:keywords>Uttar Pradesh,One District One Dish,Culinary,Taste of UP,Taste of India</media:keywords><media:content height="306" url="https://cf-images.assettype.com/navjivanindia/2026-05-17/auz5po1w/Loknath-Samosa.JPG" width="544"><media:title type="html"><![CDATA[ प्रयागराज में लोकनाथ की मिठाइयों और हरीराम एंड संस के समोसे का जवाब नहीं]]></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://cf-images.assettype.com/navjivanindia/2026-05-17/auz5po1w/Loknath-Samosa.JPG?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विचार</category><category>कहवा खाना</category><content:encoded><![CDATA[ <p>दिल्ली में एक आत्मीय के घर खाना खाने गया। मेज़ पर जो थाली थी, उसमें कई मारवाड़ी व्यंजनों के साथ एक कटोरी में लौकी के लच्छे भी परोसे गए थे। जिज्ञासावश पूछ लिया, कहां से मंगाए हैं। उन्होंने बताया कि इलाहाबाद से, मातादीन के यहां के हैं। दिल्ली में ऐसे स्वाद वाली मिठाई कहां मयस्सर!&nbsp;और ये परसाई वाले मातादीन नहीं हैं, न ही प्रयागराज के। उनके यहां का घेवर, घिया के लच्छे और गजक का ज़ाइक़ा ज़माने से इलाहाबादियों की ज़बान पर चढ़ा आया है, शहर तो ख़ैर अब जाकर प्रयागराज हुआ है। लोकनाथ में उनके ठिकाने पर मिठाई बांधने के लिए अब भी अख़बारी काग़ज़ और सूत की डोरी ही इस्तेमाल होती है। </p><p>उस शाम का ज़िक्र इसलिए कर रहा हूं कि अगले ही रोज़ के अख़बारों में पढ़ने को मिला कि यूपी सरकार ने देसी ज़ाइक़ों को बढ़ावा देने की हिकमत में ‘एक जनपद&nbsp;एक व्यंजन’ योजना की एक फ़ेहरिस्त जारी की है, जिसमें 208 व्यंजन शामिल हैं। इस ख़बर में चकराने वाली एक बात तो यही थी कि सूबे में ज़िले तो 75 ही हैं, एक व्यंजन के हिसाब 75 ज़ाइक़े होने चाहिए थे। मगर आप तो जानते ही हैं कि मुसाहिबों की जमात जो न करे, थोड़ा है।</p><p>पर सोशल मीडिया के स्वयंसेवकों की भृकुटि तन गई। इस फ़ेहरिस्त में कबाब-बिरयानी वगैरह का ज़िक्र नहीं होने पर ग़दर मच गया। आत्मविश्वास के समंदर में गोते लगाने वाली इस जमात की मुश्किल यह है कि बसें नहीं पढ़ते। जो लोग यूपी की सरकारी बसें पढ़ते आए हैं, उन्हें मालूम ही होगा कि एक ज़माने में ‘तू सच्चा तेरा नाम सच्चा’&nbsp;के मंत्र से सजी रहने वाली बसों का नया प्रेरक सूत्र है—‘पशु पर दया करो’।</p><p>हंगामे की होड़ में शहर-ए-लखनऊ को यूनेस्को से मिला तमग़ा भूल ही गए, जो गलावट के कबाब से लेकर शीरमाल तक सबका ज़ाइक़ा तस्लीम करता है। अब ऐसे तो इस लिस्ट में साहूकारे का आलू-स्वाल ही नहीं है, अफ़ीमची के छोले नहीं हैं, प्रयाग वाले देहाती का जबर-जबर रसगुल्ला (इसे गुलाब जामुन पढ़ें) नहीं है, फ़ैज़ाबाद का फरा नहीं है, पांडेपुर वाले सरदारजी की लौंगलता नहीं है, रामपुरी गुलत्थी नहीं है, संडीला और ठग्गू के लड्डू भी नहीं हैं, तो क्या समझा जाए!&nbsp;होने को तो बहुत कुछ नहीं है।</p><p>तो सोशल मीडिया के अखाड़े में बहस-मुबाहिसा इस फ़ेहरिस्त पर होता तो समझ में भी आता, जो इसमें नहीं है, उस पर बहस क्यों करना!&nbsp;और जो उनकी समझ में सचमुच कुछ भी आया होता तो भला चित्रकूट का मावा, रायबरेली के मसाले और ग़ाज़ियाबाद का सोया चाप इस लिस्ट में होते!&nbsp;समझ पाते तो हर ज़िले के किसी एक व्यंजन का नाम लेते (मने ‘किसी एक फूल का नाम लो’&nbsp;टाइप) या फिर इस योजना को ‘एक ज़िला, व्यंजन तमाम’&nbsp;नाम दिया होता। </p><p>अरे, लिस्ट तो अपने मुंशी जी बनाते थे, पूरे भरोसे के साथ। मार्च 1920 में 'स्वदेश’ में छपी उनकी कहानी ‘मनुष्य का परम धर्म’&nbsp;पढ़कर देखिए, जिसमें पेटू-शिरोमणि मोटेराम शास्त्री से उन्होंने कहलाया है, “मेरा अपना विचार है यदि आपके थाल में जौनपुर की इमरतियां,&nbsp;आगरे के मोतीचूर,&nbsp;मथुरा के पेड़े,&nbsp;बनारस की कलाकन्द,&nbsp;लखनऊ के रसगुल्ले,&nbsp;अयोध्या के गुलाब जामुन और दिल्‍ली का सोहन हलुआ हो तो वह ईश्वरभोग के योग्य है। देवतागण उस पर मुग्ध हो जाएंगे।”&nbsp;ख़ालिस एक ज़िला एक व्यंजन का बखान। ऐसे ही थाल के बारे में परसाई बता गए हैं, “अच्छा भोजन करने के बाद मैं अक्सर मानवतावादी हो जाता हूं।” इस लिहाज़ से आप चाहें तो ताज़ा सूची को मानवतावाद की मुहिम भी मान सकते हैं।</p><p>मुंशी जी के ज़माने में ‘नमक के दरोगा’&nbsp;होते थे, एफ़डीए नहीं, इसीलिए एक सांस में मावे की इतनी मिठाइयों के नाम गिना गए. अब तो हाल यह है कि होली-दिवाली के आस-पास सक्रिय एफ़डीए वाले कई-कई क्विंटल मावा और पनीर रोज़ बुलडोज़र तले दबा डालते हैं, मिठाइयों की दुकानों पर छापे मार रहे होते हैं, समोसे के सैंपिल भर रहे होते हैं, कहीं घी नक़ली तो कहीं तेल। इधर तो एफ़डीए वाले सहालग के दिनों में भी मसरूफ़ रहने लगे हैं। मगर ज़बान के मारों को इसकी फ़िक्र इसलिए नहीं होती कि इन नमूनों की रिपोर्ट ही अगले साल तक मयस्सर होती है। तो मुझे लगता है कि मक्खन मलाई, दही-जलेबी या सिंघाड़ा कचरी की मार्केटिंग के मसले पर बहुत सिर खपाने से अच्छा है कि उन ज़ाइक़ों के बारे में बात की जाए जो सर-ए-फ़ेहरिस्त हैं। &nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp; &nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp; &nbsp;&nbsp; &nbsp;&nbsp;&nbsp; &nbsp;&nbsp;&nbsp;</p><p>इस सरकारी लिस्ट में ठग्गू लिखना शायद मुसाहिबों को रास न आया होगा, बन-मक्खन कभी खाया न होगा तो फ़ूड व्लॉगर्स पर एतबार करके कानपुर के आगे समोसा लिख मारा। अमां, समोसे के नाम पर जो शै मक़बूल है, वह तो इलाहाबादी समोसा है, वरना हर शहर के हर मोहल्ले में एकाध हलवाई ऐसा ज़रूर निकल आएगा, क़द्रदानों के बीच जिसके समोसे की तूती बोलती होगी। जिसने बरेली में कुमार टाकीज़ या फिर पूरन हलवाई के, तिलहर में अमन और झूसी में बाबा के समोसे कभी न खाए हों, ऐसी चूक वही कर सकता है। फतेहपुर की बेड़मी अभी तक न चख पाने का गुनाहगार हूं, मगर बांदा में खाई है न!&nbsp;हाथरस में, वृंदावन में, मथुरा और आगरा में भी खाई है। यह बृज के इलाक़े का पसंदीदा नाश्ता है और बांदा में बासु हलवाई के यहां हूबहू बृज जैसा ही स्वाद पाया था। इसकी वजह यह कि वह वृंदावन से दो कारीगर बुला लाए थे। हैरत नहीं कि फतेहपुर में भी किसी ने ऐसा ही किया हो। अभी तक तो मल्लावां के पेड़ों से ही फतेहपुर को पहचानता आया था। बांदा में बोड़े राम हलवाई के सोहन हलवे का क़ायल ज़रूर हूं। और मैं क्या, ज़माना क़ायल है।</p><p>अलीगढ़ के साथ कचौड़ी और इमरती का नाम दर्ज देखा, सो सोचा लगे हाथ यह भी बताता चलूं कि वो जो रायता फैलाने वाली लोकोक्ति है न, उसकी ईजाद का अलीगढ़ की इस कचौड़ी से कोई वास्ता ज़रूर है। मैदे की एकदम ठोस थपुआ जैसी चीज़, न नज़ाकत, न भरावन...जाने क्यों उसे कचौड़ी कहते हैं, के साथ जो सब्ज़ी परोसी जाती है, उसकी तासीर यह है कि खाने वाले के कान से धुआं निकलने लगे और सब्ज़ी के साथ मिलने वाला रायता उस धुएं पर छींटे मारने के काम आता है। प्लास्टिक के महीन गिलास में मिलने वाला दुबला-पतला रायता कई बार गिलास टेढा-मेढा होते ही फैल ही जाता है। इमरती अलीगढ़ी के मशहूर होने की ख़बर अभी लगी। ख़ालिद भाई अपने तजुर्बे से बताते हैं कि कबाब की दुकान के आसपास मिठाई की कोई दुकान ज़रूर दिखाई दे जाती है। हो सकता है कि लिस्ट बनाने वाले भी इस टोटके से वाकिफ़ हों।&nbsp; &nbsp;</p><p>कुशीनगर वालों ने केले हाल में ही उगाने शुरू किए हैं, केले के चिप्स कब उनकी पहचान बन गए, ज़माने को ख़बर ही नहीं हुई। गोरखपुर में कोई लिट्टी-चोखा या समोसा मशहूर है, यह तो लिट्टी-मटन के शौक़ीन गोरखपुरी भी शायद न मानें. वैसे भी, वे तो धर्मशाला पुल के क़रीब मिलने वाली इमरती, चौरीचौरा के लहसुन वाले छोले और शहर भर में मिलने वाले सत्तू के शर्बत पर ही फ़िदा हैं।</p><p>नाम दर्ज करने से पहले मुसाहिबों या उनके कारकूनों ने कन्नौज और जौनपुर के गट्टे चखकर भी देख लिए होते और अपनी ज़बान को ही भरोसे लायक़ मान लेते तो लिस्ट की सूरत कुछ और होती।</p><p>वैसे आपको लगता है कि आगरे का पेठा, बनारस के पान, पिंडरा का गुलाब जामुन, मेरठ की गजक-रेवड़ी, हापुड़ के पापड़, हाथरस की रबड़ी, प्रतापगढ़ के आंवले, बलिया के सत्तू, फ़र्रुख़ाबाद की दालमोठ, रामपुर के हब्शी हलवे, जौनपुर की इमरती, तिलहर की लौंज या बदायूं के पेड़े को मक़बूल होने के लिए सरकारी इमदाद की ज़रूरत है?&nbsp;तमाम शहरों के ख़ास ज़ाइक़े को लोक ने पहले से ही मक़बूल बना रखा है। आप ललितपुर के नाम बाजरे की रोटी दर्ज कर लो, मगर सालन क्या होगा, यह तो लोक ही तय करेगा न!&nbsp;</p><p>आप अगर ‘एक ज़िला, एक उत्पाद’ के नतीजों से वाकिफ़ हैं तो फिर राम चिड़िया, राम के खेत...गुनगुनाइए, सोशल मीडिया के इस हल्ले में कुछ नहीं धरा है।&nbsp; &nbsp;&nbsp;</p>]]></content:encoded></item><item><title>सोने के बाद अब चांदी पर सख्ती, सरकार ने आयात नियमों में किया बड़ा बदलाव</title><link>https://www.navjivanindia.com/economy/after-gold-now-a-crackdown-on-silver-government-implements-major-changes-to-import-rules</link><comments>https://www.navjivanindia.com/economy/after-gold-now-a-crackdown-on-silver-government-implements-major-changes-to-import-rules#comments</comments><guid isPermaLink="false">bba6e2f3-8f85-4b9d-8158-cf4e985a0e3f</guid><pubDate>Sun, 17 May 2026 10:18:52 +0530</pubDate><atom:updated>2026-05-17T10:18:52.184+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>नवजीवन डेस्क</atom:name><atom:uri>/api/author/300041</atom:uri></atom:author><description><![CDATA[ सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देश का कीमती धातुओं का आयात बिल लगातार बढ़ रहा है। केंद्र सरकार सोना और चांदी के आयात पर निगरानी बढ़ाकर विदेशी मुद्रा पर पड़ने वाले दबाव को कम करना चाहती है।]]></description><media:keywords>Silver,Gold Silver Price</media:keywords><media:content height="1462" url="https://cf-images.assettype.com/navjivanindia/2026-01-07/of7695wz/202601073630804.jpeg" width="2560"><media:title type="html"><![CDATA[ फोटो: IANS]]></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://cf-images.assettype.com/navjivanindia/2026-01-07/of7695wz/202601073630804.jpeg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>अर्थतंत्र</category><content:encoded><![CDATA[ <p>केंद्र सरकार ने चांदी के आयात को लेकर शनिवार को एक बड़ा कदम उठाया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत विदेशी व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने नई अधिसूचना जारी करते हुए सिल्वर बार्स समेत चांदी की कई श्रेणियों के आयात को 'फ्री' से बदलकर 'रिस्ट्रिक्टेड' श्रेणी में डाल दिया है। इसका मतलब है कि अब इन वस्तुओं के आयात के लिए सरकारी मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।</p><p>डीजीएफटी की अधिसूचना संख्या 17/2026-27 के अनुसार आईटीसी (एचएस) कोड 71069221 और 71069229 के तहत आने वाली सिल्वर बार्स पर नई शर्तें लागू की गई हैं। पहले इनका आयात रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के नियमों के अधीन 'फ्री' कैटेगरी में किया जा सकता था, लेकिन अब इन्हें 'रिस्ट्रिक्टेड' श्रेणी में रखा गया है।</p><p>सरकार ने केवल सिल्वर बार्स ही नहीं, बल्कि बिना ढली हुई चांदी (कच्ची सिल्वर), अर्ध-निर्मित चांदी (सेमी-मैन्युफैक्चर्ड सिल्वर) और चांदी के पाउडर जैसे उत्पादों के आयात पर भी सख्ती बढ़ाई है। अब इन श्रेणियों में आयात करने के लिए संबंधित सरकारी अनुमति जरूरी होगी।</p><p>कुछ मामलों में आयात को आरबीआई के दिशा-निर्देशों के अधीन भी रखा गया है। यह बदलाव आईटीसी (एचएस) वर्गीकरण के तहत आयात नीति अनुसूची में संशोधन करके किया गया है।</p><p>सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देश का कीमती धातुओं का आयात बिल लगातार बढ़ रहा है। केंद्र सरकार सोना और चांदी के आयात पर निगरानी बढ़ाकर विदेशी मुद्रा पर पड़ने वाले दबाव को कम करना चाहती है।</p><p>इससे पहले सरकार ने सोना और चांदी पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था। साथ ही, रत्न एवं आभूषण निर्यातकों के लिए एडवांस ऑथराइजेशन (एए) योजना के तहत ड्यूटी-फ्री गोल्ड इंपोर्ट के नियम भी सख्त किए गए थे।</p><p>सरकार ने नए नियमों के तहत एडवांस ऑथराइजेशन योजना में प्रति लाइसेंस अधिकतम 100 किलोग्राम सोने के आयात की सीमा तय कर दी है। पहली बार आवेदन करने वाली कंपनियों के लिए निर्माण इकाइयों का फिजिकल निरीक्षण भी अनिवार्य किया गया है।</p><p>इसके अलावा, पुराने लाइसेंस के तहत कम से कम 50 प्रतिशत निर्यात दायित्व पूरा करने के बाद ही नई अनुमति दी जाएगी। ड्यूटी-फ्री गोल्ड आयात करने वाले निर्यातकों को अब हर 15 दिन में चार्टर्ड अकाउंटेंट से प्रमाणित आयात-निर्यात रिपोर्ट भी जमा करनी होगी।</p><p>सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का सोने का आयात 24 प्रतिशत से अधिक बढ़कर रिकॉर्ड 71.98 अरब डॉलर तक पहुंच गया। हालांकि आयात की मात्रा कम रही, लेकिन अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी के कारण कुल आयात बिल बढ़ गया।</p><p>भारत में सबसे अधिक सोना स्विट्जरलैंड से आयात किया गया, जबकि यूएई और दक्षिण अफ्रीका दूसरे और तीसरे बड़े स्रोत रहे।</p><p>ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (जीजेसी) सहित कई उद्योग संगठनों ने सरकार के इस कदम पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि ज्यादा आयात शुल्क और कड़े प्रतिबंधों से ग्रे मार्केट गतिविधियां और तस्करी बढ़ सकती है।</p><p>हालांकि सरकार का मानना है कि इन कदमों से कीमती धातुओं के आयात पर बेहतर नियंत्रण होगा और देश के बढ़ते आयात बिल को संतुलित करने में मदद मिलेगी।</p>]]></content:encoded></item><item><title>केंद्रीय मंत्री बंडी संजय का बेटा पॉक्सो केस में गिरफ्तार, कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेजा</title><link>https://www.navjivanindia.com/news/union-minister-bandi-sanjays-son-arrested-in-pocso-case-court-sends-him-to-judicial-custody</link><comments>https://www.navjivanindia.com/news/union-minister-bandi-sanjays-son-arrested-in-pocso-case-court-sends-him-to-judicial-custody#comments</comments><guid isPermaLink="false">3989a00e-6001-4956-b67e-3a0dcf957bec</guid><pubDate>Sun, 17 May 2026 09:43:39 +0530</pubDate><atom:updated>2026-05-17T09:43:39.847+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>पीटीआई (भाषा)</atom:name><atom:uri>/api/author/1924496</atom:uri></atom:author><description><![CDATA[ पुलिस ने भगीरथ के खिलाफ आठ मई को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। शिकायत 17 वर्षीय लड़की की मां ने दर्ज कराई थी।]]></description><media:keywords>Union Minister,Pocso Act,Pocso case</media:keywords><media:content height="720" url="https://cf-images.assettype.com/navjivanindia/2026-05-17/tfb9vbga/union-minister-son.jpg" width="1280"><media:title type="html"><![CDATA[ फोटो: सोशल मीडिया]]></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://cf-images.assettype.com/navjivanindia/2026-05-17/tfb9vbga/union-minister-son.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>हालात</category><content:encoded><![CDATA[ <p>केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे भगीरथ को पॉक्सो (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) मामले में पुलिस ने शनिवार रात गिरफ्तार किया और बाद में उसे मजिस्ट्रेट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया।</p><p>पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने को बताया, ‘‘पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।’’</p><p>मध्यरात्रि के बाद जारी एक विज्ञप्ति में साइबराबाद के पुलिस आयुक्त ने सूचना दी कि भगीरथ को पकड़ने के लिए करीमनगर, दिल्ली और अन्य स्थानों पर अलग अलग टीम भेजी गई थी।</p><p>टीम ने उसके परिचितों के घर समेत उन अन्य स्थानों की भी तलाशी ली जहां आरोपी अक्सर जाता था।</p><p>विश्वस्त सूचना मिली थी भगीरथ हैदराबाद में पुलिस अकादमी के पास है जिसके आधार पर नाकाबंदी की गई।</p><p>साइबराबाद पुलिस की विशेष अभियान टीम (एसओटी) ने शनिवार रात नरसिंगी पुलिस थाना क्षेत्र के मंचिरेवुला में भगीरथ को गिरफ्तार कर लिया। उसे हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद उसे पेटबशीरबाद थाने ले जाया गया।</p><p>भगीरथ से जांच अधिकारी ने पंच गवाहों (निष्पक्ष नागरिकों) की उपस्थिति में पूछताछ की। विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। इसलिए, जांच अधिकारी ने उसे गिरफ्तार कर लिया।’’</p><p>चिकित्सा जांच के बाद भगीरथ को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।</p><p>इससे पहले दिन में साइबराबाद पुलिस ने भगीरथ के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया था और पुलिस टीम ने उसकी तलाश के लिए देशभर में तलाशी अभियान चलाया था।</p><p>जांच के तहत कथित पीड़िता (17) और उसकी मां के बयान शनिवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किए गए। पीड़िता की मां इस मामले में शिकायतकर्ता है।</p><p>बयान इसलिए दर्ज किया गया ताकि विश्वसनीय दस्तावेजीकरण सुनिश्चित हो और व्यक्तियों को मुकदमे के दौरान अपने बयान बदलने से रोका जा सके।</p><p>हालांकि, बंडी संजय ने कहा कि उन्होंने अपने बेटे को पुलिस के सामने पेश होने और जांच में सहयोग करने के लिए कहा है।</p><p>केंद्रीय मंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सत्यमेव जयते। कानून और न्यायपालिका के प्रति पूर्ण सम्मान के साथ, आज मेरे बेटे बंडी भगीरथ हमारे वकीलों के माध्यम से जांच के लिए तेलंगाना पुलिस के समक्ष पेश हुए।’’</p><p>यह घटनाक्रम तेलंगाना उच्च न्यायालय द्वारा मामले में भगीरथ को अंतरिम राहत देने से इनकार किये जाने के एक दिन बाद हुआ है।</p><p>बंडी संजय ने एक बयान में कहा कि उन्होंने पिछले सप्ताह शिकायत दर्ज होने के तुरंत बाद अपने बेटे से पुलिस के साथ सहयोग करने का आग्रह किया था।</p><p>केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भगीरथ ने बार-बार कहा है कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है। भगीरथ ने अपने वकीलों के सामने अपने पक्ष में सबूत पेश किए।</p><p>बंडी संजय के अनुसार, वकीलों का मानना ​​था कि मामला खारिज कर दिया जाएगा और भगीरथ को जमानत मिल जाएगी जिसके कारण देरी हुई।</p><p>इस बीच, तेलंगाना रक्षा सेना (टीआरएस) की अध्यक्ष के. कविता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर केंद्रीय मंत्रिमंडल से गृह राज्य मंत्री संजय कुमार को हटाने की मांग की ताकि उनके बेटे से जुड़े पॉक्सो के मामले में निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित की जा सके।</p><p>भगीरथ को एक बड़ा झटका देते हुए तेलंगाना उच्च न्यायालय ने शुक्रवार रात उसकी गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा की याचिका खारिज कर दी।</p><p>भगीरथ द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि वह इस स्तर पर कोई अंतरिम राहत देने की इच्छुक नहीं है।</p><p>भगीरथ के वकील ने याचिका पर आदेश पारित होने तक गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा का अनुरोध किया था।</p><p>पुलिस ने भगीरथ के खिलाफ आठ मई को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। शिकायत 17 वर्षीय लड़की की मां ने दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि भगीरथ के उसकी बेटी के साथ संबंध थे और उसने यौन उत्पीड़न किया है।</p><p>लड़की का बयान दर्ज करने के बाद पॉक्सो अधिनियम के तहत और भी गंभीर आरोप लगाए गए।</p><p>भगीरथ ने भी शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें उसने आरोप लगाया था कि उससे जान-पहचान करने के बाद लड़की उसे पारिवारिक समारोहों और सामूहिक सभाओं में आमंत्रित करती थी। उसकी शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई।</p><p>शिकायत में भगीरथ ने कहा कि लड़की के परिवार को भरोसेमंद मानकर वह अपने कुछ दोस्तों संग उनके साथ कुछ धार्मिक स्थलों की यात्रा पर गए थे।</p><p>उसने आरोप लगाया कि लड़की और उसके माता-पिता ने बाद में उन पर शादी करने का दबाव डाला। जब प्रस्ताव ठुकरा दिया, तो लड़की के माता-पिता ने कथित तौर पर रुपयों की मांग की और धमकी दी कि अगर रुपये नहीं दिए तो वे उनके खिलाफ झूठी शिकायतें दर्ज करा देंगे।</p><p>भगीरथ ने दावा किया कि डरकर उसने लड़की के पिता को 50,000 रुपये दे दिए लेकिन परिवार ने बाद में पांच करोड़ रुपये की मांग की। उसने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने धमकी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं कीं तो लड़की की मां आत्महत्या कर लेगी।</p>]]></content:encoded></item><item><title>हिमाचल प्रदेश में नगर निगम चुनाव के लिए वोटिंग, पोलिंग बूथों पर लगीं मतदाताओं की लंबी कतारें</title><link>https://www.navjivanindia.com/news/voting-underway-for-municipal-corporation-elections-in-himachal-pradesh-long-queues-of-voters-at-polling-booths</link><comments>https://www.navjivanindia.com/news/voting-underway-for-municipal-corporation-elections-in-himachal-pradesh-long-queues-of-voters-at-polling-booths#comments</comments><guid isPermaLink="false">b37725b6-9e4f-4773-ade7-24d71dfb0823</guid><pubDate>Sun, 17 May 2026 09:26:29 +0530</pubDate><atom:updated>2026-05-17T09:26:29.386+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>नवजीवन डेस्क</atom:name><atom:uri>/api/author/300041</atom:uri></atom:author><description><![CDATA[ हिमाचल प्रदेश में चारों नगर निगमों के लिए वोटिंग सुबह 7 बजे शुरू हुई। इन चारों नगर निगमों के 439 पदों के लिए कुल 1,147 उम्मीदवार मैदान में हैं।]]></description><media:keywords>Himachal Pradesh,Municipal corporation</media:keywords><media:content height="629" url="https://cf-images.assettype.com/navjivanindia/2026-05-17/lw1bsstu/Himachal-Pradesh-News.jpg" width="1200"><media:title type="html"><![CDATA[ फोटो: IANS]]></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://cf-images.assettype.com/navjivanindia/2026-05-17/lw1bsstu/Himachal-Pradesh-News.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>हालात</category><content:encoded><![CDATA[ <p>हिमाचल प्रदेश में चार नगर निगमों के लिए रविवार को मतदान हो रहा है। सुबह के समय पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिली हैं। जिन चार नगर निगमों में आज वोट डाले जा रहे हैं, उनमें सोलन, मंडी, धर्मशाला और पालमपुर शामिल हैं।</p><p>हिमाचल प्रदेश में चारों नगर निगमों के लिए वोटिंग सुबह 7 बजे शुरू हुई। इन चारों नगर निगमों के 439 पदों के लिए कुल 1,147 उम्मीदवार मैदान में हैं।</p><p>सोलन में नगर निगम चुनाव शुरू होने के साथ ही लोग वोट डालने के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं, मंडी नगर निगम के मंगवाई बूथ पर भी सुबह 7 बजे मतदान शुरू हुआ। समखेतर मॉडल मतदान केंद्र (वार्ड 27, 28, 29) पर मतदाताओं ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के हिस्से के रूप में पूरे उत्साह के साथ मतदान में भाग लिया।</p><p>एक महिला मतदाता ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "मैं चाहती हूं कि लोकतंत्र में अच्छे लोग आगे आएं और देश की प्रगति के लिए काम करें। इन नगर निगम चुनावों में जो भी जीते, वह पूरे वार्ड और क्षेत्र के विकास के लिए ठीक से काम करे।"</p><p>वहीं, एक व्यक्ति ने कहा, "मैं यहां वोट डालने आया हूं। हर व्यक्ति को इसमें हिस्सा लेना चाहिए। एक अच्छा प्रतिनिधि चुना जाना चाहिए, जो वार्ड में सभी विकास कार्यों को पूरा करे।"</p><p>राज्य के भीतर चार नगर निगमों के अलावा, 25 नगर परिषदों (म्युनिसिपल काउंसिल्स) और 22 नगर पंचायतों के लिए भी चुनाव हो रहे हैं। नगर परिषदों और नगर पंचायतों के वोटों की गिनती मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद शुरू हो जाएगी। हालांकि, चार नगर निगमों (सोलन, मंडी, पालमपुर और धर्मशाला) के नतीजे 31 मई को घोषित किए जाएंगे।</p><p>राज्य चुनाव आयोग ने सभी मतदान कर्मियों को निर्देश दिया है कि वे चुनाव पूरी निष्पक्षता के साथ संपन्न कराएं। आयोग ने चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की चूक या कर्तव्य में लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded></item><item><title>त्रिवेंद्रम-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के दो कोच धू-धूकर जले, 68 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया</title><link>https://www.navjivanindia.com/news/trivandrum-nizamuddin-rajdhani-express-fire-ratlam-madhya-pradesh</link><comments>https://www.navjivanindia.com/news/trivandrum-nizamuddin-rajdhani-express-fire-ratlam-madhya-pradesh#comments</comments><guid isPermaLink="false">2f7a133a-da69-48e9-bc99-1b8cc58afabe</guid><pubDate>Sun, 17 May 2026 08:52:20 +0530</pubDate><atom:updated>2026-05-17T08:52:20.254+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>नवजीवन डेस्क</atom:name><atom:uri>/api/author/300041</atom:uri></atom:author><description><![CDATA[ त्रिवेंद्रम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस के दो कोच में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। 68 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।]]></description><media:keywords>Rajdhani Express,Fire in Train</media:keywords><media:content height="675" url="https://cf-images.assettype.com/navjivanindia/2026-05-17/exzv0ngl/Rajdhani-fire.png" width="1200"><media:title type="html"><![CDATA[ फोटो: सोशल मीडिया]]></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://cf-images.assettype.com/navjivanindia/2026-05-17/exzv0ngl/Rajdhani-fire.png?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>हालात</category><content:encoded><![CDATA[ <p>मध्य प्रदेश के रतलाम के पास रविवार सुबह त्रिवेंद्रम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस (12431) के दो कोच में भीषण आग लगने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हादसा लूणी-विक्रमगढ़ रेलवे स्टेशन के बीच सुबह करीब 5:30 बजे हुआ। आग ट्रेन के बी-1 कोच में लगी, जिसमें 68 यात्री सवार थे। घटना के बाद दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर रेल यातायात प्रभावित हो गया और कई ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा।</p><figure><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr">VIDEO | Ratlam, Madhya Pradesh: Two coaches of 12431 Thiruvananthapuram-Hazrat Nizamuddin Rajdhani Express caught fire. <br><br>West Central Railway CPRO Harshit Srivastava says, &quot;the fire broke out at around 5:15 am in the BI and SLR coaches of the train. These were the last two… <a href="https://t.co/NTeOHFND9U">pic.twitter.com/NTeOHFND9U</a></p>&mdash; Press Trust of India (@PTI_News) <a href="https://twitter.com/PTI_News/status/2055858602141974751?ref_src=twsrc%5Etfw">May 17, 2026</a></blockquote>
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</figure><h2>गार्ड की सूचना के बाद रोकी गई ट्रेन</h2><p>जानकारी के मुताबिक, ट्रेन दिल्ली-निजामुद्दीन की ओर जा रही थी, तभी बी-1 कोच से धुआं और आग की लपटें उठने लगीं। गार्ड ने तुरंत लोको पायलट को इसकी सूचना दी, जिसके बाद ट्रेन को तत्काल रोका गया। देखते ही देखते आग ने दो  कोच को अपनी चपेट में ले लिया। आसमान में उठती आग की लपटों को देखकर इलाके में भी हड़कंप मच गया।</p><h2>15 मिनट में खाली कराया गया पूरा कोच</h2><p>हादसे के बाद ट्रेन में मौजूद आरपीएफ स्टाफ और अन्य कर्मचारियों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। यात्रियों को तेजी से कोच से बाहर निकाला गया। बताया जा रहा है कि करीब 15 मिनट के भीतर पूरा कोच खाली करा लिया गया। समय रहते डि-बोर्डिंग शुरू होने से बड़ा हादसा टल गया। ट्रेन का बिजली कनेक्शन भी तुरंत काट दिया गया ताकि आग आगे न फैल सके।</p><h2>राहत और बचाव टीम मौके पर पहुंची</h2><p>घटना की जानकारी मिलते ही कोटा रेल मंडल से राहत और बचाव टीम को मौके के लिए रवाना किया गया। कोटा मंडल के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी स्टाफ भी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। फिलहाल दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर ट्रैफिक रोक दिया गया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।</p>]]></content:encoded></item><item><title>विष्णु नागर का व्यंग्यः देशभक्ति का दूसरा नाम पेट्रोल-डीजल की बचत, कहीं हम निर्यात करने वाले न बन जाएं!</title><link>https://www.navjivanindia.com/opinion/saving-petrol-and-diesel-is-another-name-for-patriotism-lest-we-become-exporters-satire-by-vishnu-nagar</link><comments>https://www.navjivanindia.com/opinion/saving-petrol-and-diesel-is-another-name-for-patriotism-lest-we-become-exporters-satire-by-vishnu-nagar#comments</comments><guid isPermaLink="false">beb2702e-44a8-42c8-a081-8881bdfb66ae</guid><pubDate>Sun, 17 May 2026 07:59:00 +0530</pubDate><atom:updated>2026-05-17T07:59:00.000+05:30</atom:updated><atom:author><atom:name>विष्णु नागर</atom:name><atom:uri>/api/author/360482</atom:uri></atom:author><description><![CDATA[ मोदी जी की नजर में आने के लिए कोई भी मंत्री, कोई भी अफसर जान देने के अलावा बाकी कुछ भी करके दिखा सकता है।अगर देशभक्ति का दूसरा नाम पेट्रोल-डीजल की बचत है तो फिर हाथ के बल पर चलकर भी आया-जाया सकता है!]]></description><media:keywords>PM Modi,Petrol-Diesel,Modi Ministers,Energy Sources,Fuel Price Hike</media:keywords><media:content height="673" url="https://cf-images.assettype.com/navjivanindia/2026-05-16/yn1vs5hc/PM-Modi-cut-his-convoy-size.jpg" width="1000"><media:title type="html"><![CDATA[ देशभक्ति का दूसरा नाम पेट्रोल-डीजल की बचत, कहीं हम निर्यात करने वाले न बन जाएं!]]></media:title><media:description type="html"></media:description></media:content><media:thumbnail url="https://cf-images.assettype.com/navjivanindia/2026-05-16/yn1vs5hc/PM-Modi-cut-his-convoy-size.jpg?w=280" width="280"></media:thumbnail><category>विचार</category><content:encoded><![CDATA[ <p>तो मोदी जी देशवासियों को एक साल‌ तक विदेश यात्रा न‌ करने का उपदेश देकर खुद यूरोप की हवाखोरी करने खिसक&nbsp;गए हैं। उनके निंदक कह रहे हैं कि&nbsp;'पर उपदेश कुशल बहुतेरे...'। ये तुलसीदास भी बहुत गड़बड़ आदमी थे। एक-दो लाइनों का ये ऐसा हथियार लोगों को थमा गए हैं कि जरा से इधर से उधर या उधर से इधर हुए नहीं कि लोग तुरंत इसे चेंप देते हैं। पर कोई बात नहीं। करो,&nbsp;जीभर कर निंदा करो,&nbsp;मोदी जी की। सुबह करो,&nbsp;शाम करो, दोपहर में करो। इस रविवार से अगले शनिवार तक करो। उसके दो साल बाद तक करो। अरे बनाना हो तो‌ इसे चुनाव का मुद्दा बनाकर देख लो!</p><p>मोदी जी छप्पन इंची हैं,&nbsp;वह निंदाओं-आलोचनाओं की परवाह नहीं करते। 18&nbsp;घंटे&nbsp;'काम'&nbsp;करते हैं तो उन्हें सब हजम हो जाता है। जब तक उनकी गद्दी सुरक्षित है,&nbsp;इन छुटपुट आलोचनाओं से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता,&nbsp;जब तक कि उस निंदा के साथ राहुल गांधी का नाम न जुड़ जाए! वे इतना चाहते हैं कि किसी न किसी बहाने उनकी चर्चा होती रहना चाहिए,&nbsp;चाहे बहाना एप्स्टीन फाइल का हो! उनकी मान्यता है कि&nbsp;बदनाम होंगे तो क्या नाम न होगा! जरूर होगा बल्कि बहुत ज्यादा होगा। दशकों बल्कि सदियों तक होगा! उनके जीवन का अंतिम लक्ष्य है कि किसी भी तरह उनका नाम हो! वैसे&nbsp;2002&nbsp;को अंजाम देकर उन्होंने इतिहास में पहले ही मुकम्मल जगह बना ली है मगर वे यहीं रुके नहीं हैं!</p><p>उन्हें उस बदनामी का इंतजार है,&nbsp;जिसकी धमकी उन्हें&nbsp;बार-बार दी जाती है। वे शूरवीर हैं,&nbsp;बता देंगे कि किसी फाइल में उनका नाम या फोटो आने से उनका कुछ नहीं बिगड़ सकता। ऐसी फाइलें आती-जाती रहती हैं। जो मोदी या ट्रंप होते हैं,&nbsp;वे वीरतापूर्वक डटे रहते हैं। और जरूरत पड़े तो रास्ते से फाइल गायब&nbsp;&nbsp;करवा देते हैं और भी अनेक हथकंडे हैं!&nbsp;</p><p>पर प्रशंसा करने वाले मोदी जी की प्रशंसा खूब कर रहे हैं। कुछ जी खोलकर कर रहे हैं तो कुछ कपड़े खोलकर! अब ये बात तो सही है न कि विदेश रवाना होने से पहले मोदी जी मात्र चार गाड़ियों का काफिला लेकर कैबिनेट की मीटिंग में गए थे। बताओ जो छप्पन इंची पंजाब में कुछ दूरी&nbsp;पर किसानों के रास्ता जाम से डरकर उल्टे पांव लौट आया था,&nbsp;वही का वही पेट्रोल-डीजल बचाकर देशभक्ति का सबूत देने के लिए मात्र चार गाड़ियों के काफिले के साथ अपने बंगले से रवाना हुआ और वापस&nbsp;आया! इसके लिए साहस चाहिए!</p><p>वह चाहते तो कैबिनेट की बैठक अपने बंगले में बुला सकते थे मगर उन्होंने ऐसा नहीं किया। देश के सामने चुनौती आई तो फटाफट वह महाराणा प्रताप बन गए और उनका बाल कोई अकबर,&nbsp;कोई जयसिंह बांका नहीं कर पाया! वैसे आलोचकों की इस बात में भी दम है कि बांके कर सकें,&nbsp;इतने बाल अब उनकी खोपड़ी में बचे नहीं हैं और जितने भी हैं, सबके सब बांके-टेढ़े हैं!</p><p>उनकी इस महाराणा प्रतापी का असर यह हुआ है कि उनके मंत्री भी एकाएक वीर होते चले गए हैं। उन्होंने अपने काफिले में पचास फीसदी की कमी कर दी है! फिर तो होड़ मच गई। कोई साइकिल पर जाकर पेट्रोल-डीजल बचा रहा है और उसके सुरक्षाकर्मी उसके साथ दौड़ लगाकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। मन ही मन गालियां भी दे रहे हैं। कैमरामैन भी धंधे से लगे हुए हैं। अच्छा खासा ड्रामा क्रिएट हो रहा है।</p><p>कोई बस से जा रहा है,&nbsp;कोई ई रिक्शा से,&nbsp;कोई ई कार से,&nbsp;कोई मेट्रो से। हर कोई आदर्श स्थापित करने में लगा हुआ है। कोई घोड़े से भी दफ्तर जरूर गया होगा क्योंकि इससे वीडियो जोरदार बनता है। कोई बैलगाड़ी चलाकर आया या नहीं,&nbsp;पता नहीं मगर मोदी जी की नजर में आने के लिए कोई भी मंत्री,&nbsp;कोई भी अफसर जान देने के अलावा बाकी कुछ भी करके दिखा सकता है।अगर देशभक्ति का दूसरा नाम पेट्रोल-डीजल की बचत है तो फिर हाथ के बल पर चलकर भी आया-जाया सकता है!</p><p>और&nbsp;जिनके पास पहला और आखिरी विकल्प बस या मेट्रो या लोकल ट्रेन है,&nbsp;वे देशभक्ति के प्रदर्शन के इस सुनहरे अवसर का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। खाने का तेल इतना महंगा है कि लोग दस प्रतिशत तेल में ही आज खाना बना रहे हैं। उसका भी दस प्रतिशत नहीं हो सकता! इससे अच्छा है कि बैंगन और मूली आदि को कच्चा ही चबा लिया जाए! आदिम अवस्था की ओर लौटने का यह सुनहरा मौका है!</p><p>मतलब सरकार के स्तर पर ऊर्जा की इतनी अधिक बचत की जा रही है कि लगता है कि अगले कुछ महीनों में हम पेट्रोल-डीजल-गैस आदि निर्यात करने की स्थिति में आ जाएंगे। मुझे एक ही षड़यंत्र&nbsp;का डर है कि इस बीच कोई दुष्ट मोदी जी&nbsp;को उनपचासवीं या पचासवीं बार धमकी देने का ड्रामा कर सकता है। फिर तो मोदी जी को पचास कारों के काफिले के साथ चलने और रोड शो करने से दुनिया की कोई ताकत रोक नहीं पाएगी! अभी तक तो उनके अंदर का महाराणा प्रताप ही जागा है,&nbsp;अगर वीर शिवाजी जी भी जाग गए तो सोच लो अंजाम क्या होगा!</p>]]></content:encoded></item></channel></rss>