सिनेजीवन: फिल्मकार बासु चटर्जी का 93 वर्ष की आयु में निधन और सोनाक्षी चाहती हैं कि 'लोग जानवरों की तरह' व्यवहार करें

मशहूर फिल्मकार और पटकथा लेखक बासु चटर्जी का गुरुवार को मुंबई में उम्र संबधी बीमारियों के चलते 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया। सोनाक्षी सिन्हा जानवरों के साथ गलत व्यवहार करने वाले लोगों से काफी नाराज हैं और उनका कहना है कि जानवर इंसानों से कहीं बेहतर हैं, क्योंकि वे 'दिमागी तौर पर बीमार' नहीं हैं।

फोटो: IANS
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नवजीवन डेस्क

फिल्मकार बासु चटर्जी का 93 वर्ष की आयु में निधन

मशहूर फिल्मकार और पटकथा लेखक बासु चटर्जी का गुरुवार को मुंबई में उम्र संबधी बीमारियों के चलते 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह 'रजनीगंधा' और 'चितचोर' जैसी बेहतरीन फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। गुरुवार अपराह्न् दो बजे सांताक्रूज श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। फिल्मकार अशोक पंडित ने उनके निधन की पुष्टि की, जो इंडियन फिल्म एंड टीवी डायरेक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं।

पंडित ने ट्वीट करते हुए कहा, "दिग्गज फिल्मकार बासु चटर्जी के निधन के बारे में आप सभी को बेहद दुख के साथ सूचित कर रहा हूं। यह फिल्म उद्योग के लिए एक भारी क्षति है। आपकी याद आएगी सर।" चटर्जी ने सत्तर के दशक में कई यादगार फिल्में बनाई हैं, जिन्हें आज भी दर्शकों द्वारा खूब पसंद किया जाता है। ऋषिकेश मुखर्जी के साथ बासु चटर्जी भी कम बजट में फिल्में बनाकर पेश करते थे, जिनमें सामान्यत: एक आम आदमी की कहानी दिखाई जाती थी।

'छोटी सी बात' (1975), 'चितचोर' (1976), 'रजनीगंधा' (1974) और 'बातों बातों में' (1979) जैसी उनकी फिल्मों में अमोल पालेकर मुख्य किरदारों में रहे हैं, जिनके माध्यम से उन्होंने यथार्थवादी, आम इंसान की कहानी को दर्शकों के सामने लेकर आए। बात टेलीविजन की करें, तो चटर्जी दूरदर्शन पर 'ब्योमकेश बख्शी' और 'रजनी' जैसे हिट धारावाहिकों का भी निर्माण कर चुके हैं।

उनकी सदाबहार फिल्मों में 'पिया का घर' (1972), 'खट्टा मीठा', 'चक्रव्यूह' (1978), 'प्रियतमा' (1977), 'मन पसंद', 'हमारी बहू अल्का', 'शौकीन' (1982) और 'चमेली की शादी' (1986) इत्यादि शामिल हैं। साल 1997 में आई फिल्म 'गुदगुदी' उनकी आखिरी फिल्म है, जिसमें अनुपम खेर और प्रतिभा सिन्हा जैसे कलाकार प्रमुख भूमिकाओं में थे। उनका जन्म 10 जनवरी, 1927 को राजस्थान के अजमेर में हुआ था। आखिरी वक्त में उनकी दो बेटियां उनके साथ थीं।

दीपिका अपनी भूमिकाओं को बखूबी निभाती हैं : माधुरी

फोटो: IANS
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माधुरी दीक्षित भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित अभिनेत्रियों में से एक हैं, जिन्होंने कुछ महत्वपूर्ण किरदारों के साथ दर्शकों के दिलों में अपनी गहरी छाप छोड़ी है। हाल ही में एक इंटरव्यू में अभिनेत्री से एक प्रशंसक द्वारा पूछा गया था कि वह किस अभिनेत्री को इस पीढ़ी से इंडस्ट्री की रॉकिंग स्टार मानती हैं?

माधुरी ने इस सवाल के जवाब में अभिनेत्री दीपिका पादुकोण का नाम लिया। उन्होंने कहा कि उन्हें दीपिका पसंद हैं क्योंकि "वह उन अभिनेत्रियों में से एक हैं, जो किरदार को अपने भीतर उतार लेती हैं।" माधुरी ने आगे यह भी कहा, "दीपिका बड़ी-बड़ी भूमिकाओं को भी बखूबी निभा लेती हैं।"

माधुरी से दीपिका की तारीफ को सुनकर उनके प्रशंसक फूले नहीं समाए और सभी उनके मुरीद बन गए।

सोनाक्षी चाहती हैं कि 'लोग जानवरों की तरह' व्यवहार करें

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सोनाक्षी सिन्हा जानवरों के साथ गलत व्यवहार करने वाले लोगों से काफी नाराज हैं और उनका कहना है कि जानवर इंसानों से कहीं बेहतर हैं, क्योंकि वे 'दिमागी तौर पर बीमार' नहीं हैं। अभिनेत्री ने ट्वीट किया, "लोग बुरे व्यवहार को जानवरों की तरह व्यवहार करना क्यों मानते हैं? कृपया जानवरों जैसा व्यवहार करें, क्योंकि जानवर सिर्फ मजे के लिए किसी की हत्या नहीं करते हैं, न ही मनोरंजन के लिए करते हैं, और न ही वे दिमागी तौर पर बीमार हैं। लेकिन मनुष्य हैं, और वे ऐसा करते हैं।

सोनाक्षी का यह ट्वीट उस गर्भवती हाथिनी की क्रूर घटना से संबंधित है, जिसे कुछ बदमाशों ने पटाखों से भरा अनानास खिला दिया था। पटाखों से हथिनी के मुंह में विस्फोट हो गया और नदी में खड़े होने के दौरान ही उसकी मौत हो गई।

सोनाक्षी ने वल्र्ड वाइड फंड फॉर नेचर इंडिया (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया) के एक बयान को भी साझा किया, जिसमें इस घटना की निंदा की गई थी।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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