सिनेजीवनः फिर साथ दिखेंगे समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया, हाईकोर्ट ने संजय कपूर की संपत्ति बेचने पर लगाई रोक
मुंबई की एक विशेष एनडीपीएस अदालत ने अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती और उनकी मां संध्या चक्रवर्ती से जुड़े एक बैंक खाते को डीफ्रीज करने का आदेश दिया है। अनिल कपूर ने खुलासा किया है कि फिल्म वेलकम में 'मजनू भाई' के किरदार के लिए उन्हें खास मेहनत नहीं करनी पड़ी थी।

फिर साथ दिखेंगे समय रैना और रणवीर अल्लाहाबदिया
'इंडियाज गॉट लेटेंट' में आपत्तिजनक कंटेंट की वजह से विवादों में आने के बाद समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया दोबारा एक साथ एक ही शो में दस्तक देने वाले हैं। दोनों को एक साथ नेटफ्लिक्स पर टेलीकास्ट हो रहे शो 'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' में देखा जाएगा, जिसका प्रोमो भी रिलीज हो चुका है। नेटफ्लिक्स ने 'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' का नया प्रोमो जारी किया है, जिसमें कॉमेडियन समय रैना दिख रहे हैं और कपिल शर्मा के शो पर आने की खुशी जता रहे हैं, लेकिन उन्हें नहीं पता कि उनके साथ दूसरा गेस्ट कौन होने वाला है। तभी एंट्री होती है होस्ट रणवीर अल्लाहबादिया की, जो डांस करते हुए फ्रेम में एंट्री लेते हैं। यह देखकर समय रैना माथा पकड़ लेते हैं और कहते हैं- 'अब फिर से नहीं।'
समय रैना के शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' में ही रणवीर अल्लाहबादिया ने माता-पिता को लेकर बहुत आपत्तिजनक बाद बोली थी, जिसके बाद पूरा विवाद खड़ा हुआ था। दोनों पर कई एफआईआर भी दर्ज हुई और दोनों को कोर्ट के ट्रायल का भी सामना करना पड़ा। हालांकि हाल ही में समय रैना ने यूट्यूब पर 'स्टिल अलाइव' शो के जरिये धमाकेदार वापसी की थी और अपने बुरे फेज के बारे में खुलकर बात की थी। उन्होंने शो में खुलासा किया था कि जिस बात को लेकर विवाद हुआ था, उसे शो में रणवीर अल्लाहबादिया ने सात बार बोला था और उन्होंने एडिट के बाद एक ही जोक को रखा था, जिसके लेकर पूरा विवाद हो गया। उन्होंने बताया कि कैसे वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें तनाव से मुक्ति पाने के लिए नींद की दवा का सहारा लेना पड़ा था और उनके माता-पिता को जान से मारने की धमकियां मिली थीं।
हालांकि अब विवाद के बाद समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया को दोबारा एक साथ कपिल शर्मा के शो पर देखा जाएगा। अब देखना होगा कि दोनों मिलकर दोबारा किसी नए विवाद को जन्म न दें। बता दें कि शो 2 मई को नेटफ्लिक्स पर टेलीकास्ट होगा। नेटफ्लिक्स ने प्रोमो जारी कर लिखा, विश्व हंसी दिवस पर हंसी की डबल डोज, समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया करेंगे एक साथ मस्ती।
हाईकोर्ट ने संजय कपूर की संपत्ति बेचने पर लगाई रोक, करिश्मा को मिली राहत
संजय कपूर की संपत्ति मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर और उनके बच्चों समायरा और कियान को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने साफ किया है कि जब तक करिश्मा कपूर के बच्चों द्वारा दायर मामले का निपटारा नहीं होता है, तब तक संजय कपूर की संपत्ति को बेचा नहीं जा सकता। कोर्ट ने कहा, बैंक खातों के ट्रांजैक्शन की जानकारी भी कोर्ट को देनी होगी और इसकी जिम्मेदारी प्रिया कपूर की होगी। दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि प्रिया कपूर संजय कपूर की संपत्ति को बेच नहीं सकती। प्रिया कपूर को बच्चों द्वारा वसीयत की प्रमाणिकता पर उठाए गए शक को दूर करना चाहिए। अब प्रिया कपूर किसी भी प्रॉपर्टी को न तो बेच सकती हैं और न ही ट्रांसफर कर सकती हैं।
मामले पर सुनवाई करते हुए जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा, "संपत्ति को खत्म नहीं किया जाना चाहिए। संपत्ति को बचाकर रखने की जरूरत है।" कोर्ट ने बैंक अकाउंट्स के ऑपरेशन पर रोक लगा दी है। संजय कपूर के बैंक अकाउंट्स फ्रीज करने के आदेश भी दिए हैं। दिल्ली हाईकोर्ट का कहना है कि अगर ट्रायल स्टेज पर वसीयत जाली साबित होती है, तो यह समायरा और कियान के साथ अन्याय होगा। हाईकोर्ट ने कहा, करिश्मा कपूर और संजय कपूर की मां ने संजय की छोड़ी हुई वसीयत की वैलिडिटी और असली होने पर शक जताया है और इसलिए अब उन शकों को दूर करने की जिम्मेदारी प्रिया कपूर पर है।
कोर्ट ने कहा कि वसीयत कितनी असली है, यह अब ट्रायल का मामला है और इस बीच वसीयत करने वाले (संजय कपूर) की संपत्ति को सुरक्षित रखने की जरूरत है। कोर्ट ने प्रिया कपूर को भारतीय कंपनियों की इक्विटी या शेयरहोल्डिंग को अलग करने, ट्रांसफर करने, गिरवी रखने और बदलने से रोक लगा दी। कोर्ट ने संजय कपूर के बैंक खातों पर भी निगरानी रखने की बात कही है। कोर्ट ने संजय कपूर के विदेशी बैंक अकाउंट और क्रिप्टो करेंसी के ऑपरेशन पर भी रोक लगा दी है। मतलब प्रिया संपत्ति के साथ क्रिप्टो करेंसी को भी नहीं बेच पाएंगी।
'मजनू भाई' बनने के लिए अनिल कपूर को नहीं करनी पड़ी थी ज्यादा मेहनत
बॉलीवुड एक्टर अनिल कपूर इन दिनों अपनी हालिया रिलीज हुई फिल्म 'सूबेदार' को लेकर सुर्खियों में हैं। फिल्म में अभिनेता के एक्शन और अग्रेशन ने फैंस का दिल पूरी तरह से जीत लिया है लेकिन इसी बीच अभिनेता ने अपनी फिल्म और किरदारों को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उनका कहना है कि फिल्म वेलकम में 'मजनू भाई' के किरदार के लिए उन्होंने वर्षों पहले तैयारी कर ली थी। अनिल कपूर अपने हर किरदार को पूरी शिद्दत के साथ निभाते हैं और किरदार को पर्दे पर जीवंत करने के लिए पूरी जान लगा देते हैं। यही कारण है कि उनके द्वारा निभाए गए किरदार वर्षों तक उनके जेहन में जिंदा होते हैं और मौके पर उन्हीं किरदारों में बदलाव करके वह पर्दे पर नया किरदार निभाते हैं। ऐसा ही उन्होंने 1990 की फिल्म 'आवारगी' के गैंगस्टर के किरदार के साथ किया, जिसने उन्हें वेलकम में मजनू भाई बनने की प्रेरणा दी।
एक यूजर के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए अनिल कपूर ने लिखा, "आवारगी शायद मेरी सबसे चर्चित फिल्म न रही हो, लेकिन यह किरदार मेरे दिल से कभी नहीं निकला। सालों बाद वही किरदार मजनू भाई के पीछे प्रेरणा बनकर लौटा, बस थोड़ा हल्के अंदाज में। कंधे झुकाने का तरीका, हाव-भाव, पागलपन, पहले महेश भट्ट की दुनिया में, बाद में अनीस बज़्मी के अंदाज में जिंदगी का चक्र पूरा होता है।"
'आवारगी' में अनिल कपूर का किरदार खतरनाक गैंगस्टर का था, जो अपने उसूलों के खिलाफ जाकर वेश्यालय से मीनाक्षी शेषाद्री को बचाता है। फिल्म एक लव-ट्राएंगल बन जाती है, क्योंकि गोविंदा भी मीनाक्षी से प्यार करते हैं। इस फिल्म में अभिनेता के किरदार को सबसे ज्यादा पसंद किया गया था, क्योंकि पर्दे पर कॉमेडी और रोमांस करने वाले अनिल कपूर को दर्शकों ने पहली बार खतरनाक गैंगस्टर के निगेटिव किरदार में देखा गया था। वहीं फिल्म 'वेलकम' का सीन भी कुछ ऐसा ही है। फिल्म में अभिनेता गैंगस्टर बने हैं, लेकिन उनके किरदार में कॉमेडी का तड़का है। साथ ही वह मल्लिका शेरावत से प्यार कर बैठते हैं, जिससे गैंगस्टर उदय शेट्टी (नाना पाटेकर) का भी दिल लगा है।
10 साल बाद संभावना सेठ के घर आई खुशखबरी
अभिनेत्री और बिग बॉस की पूर्व प्रतियोगी संभावना सेठ और अविनाश द्विवेदी के घर लंबे इंतज़ार के बाद खुशियों ने दस्तक दी है। कपल ने घर में नन्हे मेहमान के आने की खुशखबरी शेयर की है। इस दिन का इंतज़ार कपल को काफी समय से था क्योंकि संभावना सेठ ने कई मिसकैरेज और आईवीएफ का दर्द झेला है। 10 साल बाद संभावना सेठ ने मां बनने की खुशखबरी शेयर की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पति अविनाश द्विवेदी के साथ लिटिल बेबी के शूज की फोटो पोस्ट की है। उन्होंने कैप्शन में लिखा, "वी आर प्रेग्नेंट...प्यार, उम्मीद और सरोगेसी के ज़रिए हमारी सबसे खूबसूरत कहानी अब साकार होने की राह पर है, काउंटडाउन शुरू हो चुका है।" हालांकि अभिनेत्री का कौन सा महीना चल रहा है, इसको लेकर जानकारी नहीं है क्योंकि उन्होंने अपना बेबी बंप छिपा रखा है लेकिन उन्होंने अपने अल्ट्रासाउंड की फोटो शेयर की है।
संभावना सेठ और अविनाश द्विवेदी के साथ ही उनके फैंस के लिए यह बहुत बड़ी खुशखबरी है क्योंकि संभावना काफी समय से बच्चे के लिए ट्राई कर रही थी, लेकिन कई मिसकैरेज के बाद उन्होंने आईवीएफ का सहारा लिया। अभिनेत्री के तीन आईवीएफ भी विफल रहे थे। इस बात का खुलासा खुद उन्होंने कई इंटरव्यू में किया था। अपने मिसकैरेज पर बात करते हुए संभावना ने बताया था कि उन्होंने 15 दिनों तक जहर को पाला था क्योंकि उन्हें नहीं पता था कि भ्रूण का विकास रुक चुका है। संभावना ने कहा था, गर्भावस्था के दौरान मुझे असामान्य रूप से बेचैनी महसूस होने लगी। शरीर में कुछ गड़बड़ थी, लेकिन इसका कारण समझ नहीं आ रहा था। जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि भ्रूण का विकास रुक चुका है। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि मुझे 15 दिनों तक इस स्थिति का पता भी नहीं चला। शरीर ने कोई अलग प्रतिक्रिया नहीं दी या कोई संकेत नहीं दिखाया, जिसकी वजह से इलाज में देरी हुई।" अभिनेत्री ने यह भी साझा किया था कि वे प्रेग्नेंसी बेबी शूट भी करा चुके थे, लेकिन सोशल मीडिया पर जानकारी देने से पहले ही सब कुछ बिगड़ गया।
रिजेक्शन की वजह से खुली अनुष्का शर्मा की किस्मत
कहते हैं कि जो कुछ भी होता है, उसके पीछे कोई न कोई कारण होता है। रिजेक्शन को लेकर हिंदी सिनेमा में कई कहानियां है। रिजेक्शन की वजह से अभिनेता और अभिनेत्रियों को डिप्रेशन का सामना करना पड़ा लेकिन अनुष्का शर्मा के लिए रिजेक्शन वरदान साबित हुआ। ये जानकर आपको हैरानी होगी कि मल्टीपल रिजेक्शन की वजह से ही अनुष्का शर्मा को पर्दे पर पहली बार शाहरुख खान के साथ काम करने का मौका मिला था। 1 मई को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में जन्मी अनुष्का ने कभी नहीं सोचा था कि वह फिल्मी दुनिया में कदम रखेंगी क्योंकि अभिनेत्री आर्मी बैकग्राउंड से आती हैं। अनुष्का पत्रकारिता और मॉडलिंग में अपना करियर बनाना चाहती थीं और यही कारण था कि उन्होंने 15 साल की उम्र में मॉडलिंग शुरू कर दी थी। मॉडलिंग के दौरान भी उन्हें कई बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा लेकिन पहली फिल्म साइन करने से पहले लगभग 1 महीने में उन्हें चार बार रिजेक्शन झेलना पड़ा था।
अनुष्का का फिल्मों में आने का इरादा नहीं था लेकिन वे विज्ञापन के लिए ट्राई कर रही थीं। विज्ञापन के ऑडिशन को क्रैक कर पाना उनके लिए मुश्किल हो रहा था। फाइनल ऑडिशन में भी उन्हें हर बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा, और जब उन्होंने पहली बार 'रब ने बना दी जोड़ी' के लिए स्क्रीन टेस्ट दिया, तब भी उन्हें अपनी किस्मत पर भरोसा नहीं था। उन्हें लगता था कि यहां भी रिजेक्शन का सामना ही करना पड़ेगा। खुद अनुष्का ने इस बात का खुलासा किया था कि ऑडिशन के दौरान वे बिल्कुल भी सीरियस नहीं थीं और बिना मेकअप और बालों को संवारे ही स्क्रीन टेस्ट देने के लिए पहुंच गई थीं।
कुछ दिन बात आदित्य चोपड़ा की टीम की तरफ से फोन आया कि आपको फाइनल ऑडिशन और बातचीत के लिए बुलाया गया है लेकिन तब भी उन्हें लग रहा था कि अब फाइनल में पहुंचकर निकाल देंगे लेकिन हुआ उसका उल्टा। अभिनेत्री को फिल्म के लिए साइन किया और उसके पीछे की वजह थी रिजेक्शन। दरअसल आदित्य चोपड़ा को ऐसे नए चेहरे की तलाश थी, जिसे स्क्रीन पर कम ही देखा गया हो। अनुष्का ने खुद बताया कि अगर उन्हें विज्ञापन में रिजेक्शन नहीं मिला होता तो उनके साथ इतनी बड़ी फिल्म नहीं लगती।
मुंबई कोर्ट से रिया चक्रवर्ती को राहत, बैंक खाते डीफ्रीज करने का आदेश
मुंबई की एक विशेष एनडीपीएस अदालत ने अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती और उनकी मां संध्या चक्रवर्ती से जुड़े एक बैंक खाते को डीफ्रीज करने का आदेश दिया है। अदालत ने माना कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत अनिवार्य प्रावधानों का पालन करने में विफल रहा। विशेष न्यायाधीश यूसी देशमुख ने 25 अप्रैल को पारित एक आदेश में आईसीआईसीआई बैंक की डीफ्रीज करने की याचिका को स्वीकार कर लिया और आरबीआई नियमों के अनुसार इसके संचालन की अनुमति दी।
आवेदकों ने तर्क दिया था कि खाता फ्रीज करना अवैध था क्योंकि केंद्रीय एजेंसी ने एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68एफ के प्रावधानों का पालन नहीं किया था, जो अवैध रूप से अर्जित संदिग्ध संपत्ति की जब्ती या फ्रीजिंग से संबंधित है। अभियोजन पक्ष ने इस दलील का विरोध करते हुए दावा किया कि जांच के दौरान दर्ज किए गए बयानों से पता चलता है कि रिया चक्रवर्ती एक ड्रग सिंडिकेट की सक्रिय सदस्य थीं और कथित ड्रग तस्करों से उनके संबंध थे, इसलिए बैंक खातों को फ्रीज करना उचित था। हालांकि, अदालत ने दर्ज किया कि धारा 68एफ(2) स्पष्ट रूप से यह प्रावधान करती है कि संपत्ति को फ्रीज करने या जब्त करने का आदेश 30 दिनों के भीतर सक्षम प्राधिकारी द्वारा पुष्टि किए बिना अप्रभावी हो जाता है।
आदेश में कहा गया कि इस बात में कोई विवाद नहीं है कि प्रतिवादी के अधिकारी द्वारा संबंधित बैंक खाते को फ्रीज कर दिया गया है। प्रतिवादी इस बात से इनकार नहीं करता कि अधिनियम की धारा 68एफ की उपधारा (2) का अनुपालन नहीं किया गया है। इसमें आगे कहा गया कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत आवश्यक पुष्टिकरण आदेश पारित नहीं किया गया है और इसलिए फ्रीज को जारी रखना कानून की दृष्टि से उचित नहीं है। बॉम्बे उच्च न्यायालय के एक पूर्व निर्णय का हवाला देते हुए न्यायालय ने कहा कि संपत्ति को फ्रीज करने की शक्तियां अनियंत्रित नहीं हैं और इनका प्रयोग वैधानिक सुरक्षा उपायों के अनुसार ही किया जाना चाहिए। परिणामस्वरूप, अदालत ने निर्देश दिया कि खाते को अनफ्रीज किया जाए और खाताधारकों को लागू बैंकिंग नियमों के अनुसार खाता संचालित करने की अनुमति दी जाए। यह मामला अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु के बाद कथित ड्रग संबंधी गतिविधियों से जुड़े एनसीबी की 2020 की जांच से संबंधित है।
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