कादर खान को ‘पद्मश्री’ मिलने पर बेटे का छलका दर्द, कहा- सम्मान देने में मोदी सरकार ने कर दी देरी

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता कादर खान को हाल ही में पद्मश्री पुरस्कार दिए जाने की घोषणा हुई है। इस घोषणा के बाद उनके बेटे सरफराज ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा है, ‘”अच्छा होता अगर मेरे पिता इसे स्वीकार करने के लिए आसपास होते। सरफाज मानते हैं कि उनके पिता को यह पुरस्कार मिलने में देरी हुई।

फोटो: सोशल मीडिया 
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नवजीवन डेस्क

मोदी सरकार ने हाल ही में बॉलीवुड अभिनेता कादर खान को ‘पद्मश्री’ अवॉर्ड देने का ऐलान किया है। इस सम्मान देने मे देरी को लेकर कादर खान के बेटे सरफराज का दर्द छलका है। एक इंटरव्यू के दौरान सरफराज ने कहा, “मुझे और सभी को बेहद खुशी होती अगर पद्मश्री सम्मान मेरे पिता खुद अपने हाथों से ले पाते। लेकिन अगर ईश्वर किसी से खुश है तो उसे सम्मानित करने का तरीका खुद ही निकल आता है।” इतना ही नहीं सरफराज ने आगे कहा कि सरकार ने उनके पिता को यह सम्मान देने में काफी देर कर दी। बता दें कि पिछले साल 31 दिसंबर को अभिनेता कादर खान का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था।

बता दें कादर खान के निधन के बाद सरफराज खान ने फिल्म इंडस्ट्री के लोगों के प्रति अपनी निराशा जाहिर की थी। उन्होंने का था कि कनाडा जाने के बाद फिल्म इंडस्ट्री के लोगों ने उनके पिता को नजरअंदाज कर दिया था। कनाडा में फिल्म जगत के लोगों ने उन्हें फोन कर के हालचाल तक नहीं जाना। इतना ही नहीं निधन के बाद भी बॉलीवुड के कई लोग, जो कभी करीबी हुआ करते थे, फोन तक नहीं किया।

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बता दें कि अभिनेता कादर खान का जन्म 22 अक्टूबर, 1937 को काबुल में हुआ था। उन्होंने 1973 में ‘दाग’ फिल्म से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। इसमें राजेश खन्ना मुख्य भूमिका में थे। इससे पहले वह रणधीर कपूर और जया बच्चन की फिल्म ‘जवानी-दिवानी’ के लिए संवाद लिख चुके थे। एक पटकथा लेखक के तौर पर कादर खान ने मनमोहन देसाई और प्रकाश मेहरा के साथ मिलकर कई फिल्में लिखी थी। बात करे फिल्मों की करीब 300 फिल्मों में काम कर चुके हैं और 250 से ज्यादा फिल्मों के संवाद लिख चुके हैं।

Published: 29 Jan 2019, 4:06 PM
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