लॉकडाउन के दौरान बॉलीवुड स्टार्स के कभी ना भुला पाने वाले किस्से, आधी हकीकत, आधे दिखावे!

कोरोना महामारी के मद्देनजर जो देशव्यापी सख्त लॉकडाउन लगाया गया था, उस दौरान आम से लेकर खास इंसान की अपनी-अपनी कथा-कहानियां हैं। इन कथा-कहानियों से बॉलीवुड भी अछूता नहीं रहा है। सबने अपनी तरह से इस संकट को देखा और झेला है।

फोटो: सोशल मीडिया
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सुभाष के झा

लॉकडाउन से संबंधित कथा-कहानियों में किसी दिन सबके लिए एक ही प्रश्न होगा कि जब यह सब शुरू हुआ तो, तुम कहां थे? बॉलीवुड के दिग्गजों के लिए इस प्रश्न का उत्तर देना आसान नहीं होगा। सलमान खान जैसे कुछ घर से बहुत दूर थे और ऐसी परिस्थितियों में नहीं थे जिनके विषय में वे सामान्यतः बात करना पसंद नहीं करेंगे। अगर सबको बताना जरूरी ही है तो सलमान मुंबई के बाहरी इलाके पनवेल में स्थित अपने फार्म हाउस में थे जहां वह अपने इस अस्थायी स्वर्ग में अपनी रोमानियाई गर्लफ्रैंड इयूलिया वंतूर और अपनी पसंदीदा सह-कलाकार जैकलिन फर्नांडीस के साथ रह रहे थे।

अरे ठहरिए! यह इतना घटिया नहीं है जितना सुनाई दे रहा है। कम-से-कम उम्मीद तो यही है। इस सब में एक ‘पिता’ पक्ष भी डाला गया जिसमें फार्म हाउस को एक ऐन्टिक्स की पूर्ण अनुभूति दी जा सके। सलमान सोशल मीडिया पर यह दुख प्रदर्शित करते रहे कि वह अपने पिता (लेखक सलीम खान) से मिलने के लिए किस कदर बैचेन हैं जो कि उनसे बस चार घंटे की दूरी पर थे और जिन्हें वह लॉकडाउन हो या न हो, आराम से मिल सकते थे। मुंबई के हॉटस्पॉट यानी फिल्म इंडस्ट्री के लॉकडाउन के किस्सों (एनक्डोट्स) में से अधिकांश दिखावा हैं। बहुत से सितारे सोशल मीडिया पर केक बनाने में और जरूरत मंदों की मदद करने के बारे में बातें करने में व्यस्त थे, हालांकि उस केक में से कितना भाग वास्तव में जरूरत मंदों तक पहुंचा यह मूट(वाद-विवाद) और म्यूट(चुप्पी) का विषय है।

ऐसा नहीं है, इस अभूतपूर्व परेशानी के समय में हर कोई जो कुछ है, वह बस तस्वीर खिंचवाने के मौके ढूंढता रहा है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब देश में पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की थी तो उस समय अभिनेता मनोज वाजपेयी बहुत दूर उत्तराखंड में फिल्म की शूटिंग में व्यस्त थे। इस बारे में उनका कहना है कि जब यह सब कुछ हुआ तो किस्मत से मेरी पत्नी और मेरी बेटी मेरे साथ थे। सच पूछो तो मैं शिकायत भी नहीं कर सकता क्योंकि जहां मैं था, वहां हवा और माहौल में बहुत ताजगी थी। उनके परिवार ने घर के आसपास खेतों में उगी ताजी सब्जियां खाई। बेटी को नैट पर होम स्कूलिंग मिली। उनके लिए तो कोरोना संकट का वक्त स्वास्थ्य भरा ही समय रहा।

लेकिन हर कोई इतना किस्मत वाला नहीं रहा। लॉकडाउन के दौरान बेचारे संजय दत्त मुंबई के अपने घर में अकेले रहे जबकि उनकी पत्नी और दोनों बच्चे दुबई में अटक गए। अपने बच्चों को प्यार से याद करते हुए संजय दत्त ने सवाल के लहजे में कुछ इस तरह अपनी भावनाओं को व्यक्त किया था, “मैं नहीं जानता कि मैं उन्हें कब देख पाउंगा। यह सब कब खत्म होगा?” वह उनसे रोज वीडियो कॉल पर बात किया करते लेकिन वह उन्हें अपने पास अपने हृदय से लगाना चाहते थे। लॉकडाउन के दौरान बॉलीवुड का हर बाशिंदा घर से दूर रहकर नाखुश भी नहीं रहा। जाने- मानी अभिनेत्री और राज्यसभा सांसद जया बच्चन लॉकडाउन के समय दिल्ली में थीं जबकि उनके पति अमिताभ बच्चन ने मुंबई में अपना समय टूरिस्ट हॉट स्पॉट वाले घर–जलसा में बिताया और अबाधित रूप से सोशल मीडिया पर अपने फैन्स के साथ जुड़े रहे। जया बच्चन लॉकडाउन में बने भाईचारे के इस झूठे वर्चुअल समुदाय से बहुत दूर अलग-थलग, बहुत खुश रहीं। राज्यसभा की सांसद होने के नाते जया बच्चन को दिल्ली में एक बहुत बड़ा सरकारी बंगला मिला हुआ है। इस अनुभव के बारे उनका कहना था, “सारा काम करने के लिए स्टाफ मेंबर हैं। मैं बहुत खुश हूं क्योंकि मैं सारा दिन पढ़ती हूं, संगीत सुनती हूं और बस, आराम करती हूं। शाम को मैं अपने घर के लॉन में बहुत देर तक टहलती हूं। मैं अपने साथ संतुष्ट हूं।”

वहीं, महागाथा सरीखी फिल्म बनाने वाले संजय लीला भंसाली का इंतजार मुंबई फिल्म सिटी में लगा हुआ उनका छह करोड़ का सेटकर रहा है जहां वह आलिया भट्ट के साथ ‘गंगूबाई काठियाबाड़ी’ फिल्म की शूटिंग कर रहे थे जब लॉकडाउन लागू हुआ था। भंसाली कहते हैं कि आराम और आनंद बहुत हुआ। अब आराम और सुस्ती की जगह अशांति से उठने वाले गुस्से ने ले ली है। वह कहते हैं, “मैंने जितनी फिल्में देखनी थीं देख लीं। अब मैं लौटकर एक बनाना चाहता हूं।” हालांकि वह असमंजस में हैं कि सोशल डिस्टेन्सिंग के चलते इस ‘न्यूनॉर्मल’ में शूटिंग कैसे हो पाएगी। वहीं, मशहूर फिल्म अभिनेता और राजनीतिक शत्रुघ्न सिन्हा हैरानी के साथ पूछते हैं, “अगर शूटिंग शुरू हो गई तो हम कलाकारों के लिए नॉर्मल क्या है? फिल्म मेकर अंतरंग दृश्यों को कैसे शूट करेंगे या फिर फाइट सिक्वेंस कैसे की जाएगी।” और उन्होंने लॉकडाउऩ का अपना समय उन सभी वेबसीरिज और फिल्मों को देखने में गुजारा जो समय के अभाव में वह अभी तक नहीं देख पाए थे। सिन्हा मुस्कराते और गला साफ करते हुए कहते हैं, “कितने सारे नए प्रतिभाशाली नौजवान अदाकार हैं जिसमें कोई सोनाक्षी सिन्हाभी शामिल है।”

क्वारंटीन जैसी स्थिति में हर कोई सिन्हा परिवार की तरह प्रफुल्लित नहीं रहता। अदाकारा प्रीति जिंटा बहुत दूर लॉस एंजेलिस में अपने पति के साथ रहती हैं। वह कहती हैं कि घर के अंदर कैद होकर रहना एक आजमाइश हो गई है। उनका कहना है, “बहुत मुश्किल है लेकिन हम किसी तरह से सकारात्मक और क्रियाशील रहने का यथा संभव प्रयास कर रहे हैं।” यह चमत्कार हुआ किसनी लियोनी अपने पति और तीन बच्चों के साथ वैश्विक लॉकडाउन के दौरान लॉस एंजेलिस पहुंच गईं। उनका कहना है कि वहां उनके बच्चे अपेक्षाकृत रूप से अधिक सुरक्षित हैं। वह कहती हैं, “जाहिर है, मुझे मालूम है कि आज कोई कहीं भी सुरक्षित नहीं है। लेकिन यहां मेरे बच्चों के पास दौड़ने-खेलने के लिए एक एकड़ की हरियाली है। उन्हें ऐसे खुलकर साफ हवा में सांस लेते हुए और खेलते हुए देखकर मुझे बहुत खुशी मिलती है।”

करण जौहर की ‘स्टूडेंट ऑफ दईयर’ फिल्म से लोकप्रियता हासिल करने वाली युवा कलाकार अनन्या पांडेय लॉकडाउन के दौरान बहुत खुश रहीं। अनन्या ने अपने परिवार के साथ ‘क्वारंटाइन’ के हर लम्हे का आनंद लिया। वह कहती हैं, “...एक परिवार के रूप में हमें साथ रहने का बहुत अवसर नहीं मिलता इसलिए हम इसका हर लम्हा जीने का प्रयास कर रहे हैं। हम लोग काफी बोर्ड गेम खेलते हैं और साथ बैठकर फिल्में देखते हैं। इसके अलावा शाम को मैं अपने मित्रों के साथ फेस टाइम करती हूं, मुझे बहुत अच्छा लगता है और वर्चुअली ही सही हम एक दूसरे से जुड़े रहते हैं।” हालांकि अनन्या शूटिंग टाइम बहुत मिस करती हैं, “लॉकडाउन से पहले मेरी जिंदगी एक सूटकेस में थी, हर समय एक लोकेशन से दूसरी लोकेशन में यात्रा करती रहती थी। लेकिन मौजूदा हालात में घर पर रहना सबसे उचित है।”

दूसरे व्यस्त कलाकार राजकुमार राव भी शूटिंग बहुत मिस करते हुए कहते हैं, “आज कल मैं बहुत क्रियाशी लहूं और काफी उपयोगी काम में व्यस्त हूं। हालांकि मैं अभिनय और एक चरित्रको खंगालने की प्रक्रिया को मिस करता हूं। लेकिन हम सबको ही सब्र रखना होगा। क्योंकि इस मुश्किल समय में सोशल डिस्टेन्सिंग ही एक मात्र ऐसा जरिया है जिससे हम इस मुसीबत के उभार को दबा सकते हैं। मैं काफी काम कर रहा हूं और बहुत बड़े-बड़े विषयों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देख रहा हूं, थोड़ी बहुत कुकिंग भी हो रही है, गिटार पर अभ्यास भी हो रहा है और बस कोशिश हो रही है कि एक सकारात्मक बौद्धिक अवस्था बनाए रखें।” सामूहिक रूप से फिल्म जगत अपना सब्र खो रहा है। अब केक बनाने में या अपने पालतू जानवरों के साथ फोटो खिंचवाने में उसे मजा नहीं आ रहा है।

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