बॉलीवुड में खेलों पर फिल्म बनाने का क्रेज, इस साल कई फिल्मों से लोगों को बड़ी उम्मीदें

इस साल कम से कम सात ऐसी फिल्में प्रदर्शित होने जा रही हैं, जो खेल-खिलाड़ियों पर ही हैं। इन दिनों फिल्मकारों में खेलों पर केंद्रित फिल्मों को लेकर जैसा उत्साह दिख रहा है, वैसा उत्साह पहले कभी नहीं दिखा। आगामी दस अप्रैल को फिल्म ‘83’ रिलीज होने जा रही है।

फोटोः सोशल मीडिया
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प्रदीप सरदाना

हमारे यहां खेलों पर फिल्में तो बरसों से बनती रही हैं लेकिन इन दिनों फिल्मकारों में खेलों पर केंद्रित फिल्मों के प्रति जिस तरह का उत्साह दिख रहा है, वैसा उत्साह पहले कभी नहीं दिखा। इस बात की सबसे बड़ी मिसाल यह है कि इस साल यानी 2020 में ही कम से कम सात ऐसी फिल्में प्रदर्शित होने जा रही हैं जो खेल और खिलाड़ियों पर ही हैं।

खेल और खिलाड़ियों पर बनी फिल्मों का यूं तो पुराना इतिहास है। 1960 के दशक में इसकी बड़ी शुरुआत तब हुई थी जब रुस्तम-ए-हिंद दारा सिंह की ऐसी कई फिल्में कतार से आईं। उन फिल्मों में दारा सिंह की कुश्तियों और मुक्केबाजी के मुकाबले और उनकी विजय गाथा को एक्शन और ड्रामा के साथ कुछ इस अंदाज में पेश किया गया कि ये फिल्में काफी लोकप्रिय और सफल रहीं। इन फिल्मों में ‘किंग कांग’, ‘बॉक्सर’, ‘रुस्तम-ए- बगदाद’, ‘रुस्तम-ए-हिंद’ और ‘हरक्युलिस’ जैसी कई फिल्मों के नाम लिए जा सकते हैं।

इसके बाद1980 और 1990 के दशक में भी खेलों पर आधारित फिल्मों को लेकर कुछ निर्माताओं ने नई पहल की, जिनमें 1984 में आई प्रकाश झा की ‘हिप हिप हुर्रे’ और 1990 में देव आनंद की आमिर खान के साथ आई ‘अव्वल नंबर’ के नाम शामिल हैं। लेकिन इस तरह की फिल्मों को बड़ी कामयाबी मिली 1992 में निर्माता नासिर हुसैन और निर्देशक मंसूर खान की फिल्म ‘जो जीता वो ही सिकंदर’ से। आमिर खान, आयशा जुल्का, पूजा बेदी, मामिक और कुलभूषण खरबंदा की मैराथन साइकिल रेस पर बनी इस फिल्म ने खेलों पर केंद्रित फिल्मों को एक नई दिशा दी।

‘जो जीता वो ही सिकंदर’ फिल्म ने बता दिया कि यदि फिल्मकार खेल जैसे विषय को दिलचस्प और बेहतरीन ढंग से दिखाएं तो अपने देश में भी खेलों पर आधारित फिल्मों को एक बड़ा बाजार मिल सकता है और इन्हें बड़ी सफलता भी मिल सकती है। इस फिल्म के नायक आमिर खान ने अपनी इस फिल्म की सफलता से प्रेरित होकर बाद में आशुतोष गोवारीकर के साथ मिलकर जब फिल्म ‘लगान’ बनाई तो उसे भी बड़ी सफलता मिली।


क्रिकेट जैसे खेल को लेकर 2001 में रिलीज हुई ‘लगान’ फिल्म की सफलता इतनी बड़ी थी कि आमिर के प्रोडक्शन में बनी यह पहली फिल्म बॉक्स ऑफिस पर तो सुपर हिट रही ही और साथ ही इसे राष्ट्रीय पुरस्कार और फिल्म फेयर पुरस्कार भी मिले। यहां तक विदेशी फिल्म के रूप में ‘लगान’ ऑस्कर अवार्ड के लिए भी नामांकित हुई। इसके बाद इस दशक में खेलों पर केंद्रित कई और फिल्मों के आने का लंबा सिलसिला शुरू हो गया। ऐसी प्रमुख फिल्मों में रवीना टंडन की ‘स्टंप्ड’ और सुभाष घई की ‘इकबाल’ के अलावा ‘माइ ब्रदर निखिल’, ‘कबड्डी कबड्डी’, ‘बैंड इट लाइक बेकहम’ भी हैं।

इन फिल्मों के बाद खेलों पर बनी फिल्मों ने एक बार फिर ऊंची छलांग भरी 2007 में। इस बरस यूं तो ‘हैट्रिक’ और ‘सलाम इंडिया’ जैसी खेल फिल्में भी प्रदर्शित हुईं थीं। लेकिन जिन फिल्मों ने सफलता पाई, वे थीं निर्देशक अनिल शर्मा की ‘अपने’ और यशराज फिल्म्स की ‘चक दे इंडिया’। बॉक्सिंग पर केंद्रित ‘अपने’ में धर्मेंद्र पहली बार अपने बेटे सनी और बॉबी के साथ किसी फिल्म में आए। साथ ही कटरीना कैफ और शिल्पा शेट्टी भी इस फिल्म में थीं। इस फिल्म की सफलता से पूरे देओल परिवार को एक नया जीवन मिला। लेकिन हॉकी पर बनी शाहरुख खान की फिल्म ‘चक दे इंडिया’ ने तो सफलता, लोकप्रियता का एक ऐसा नया इतिहास रचा जिसे आज भी याद किया जाता है।

निर्देशक शिमित अमीन ने जयदीप साहनी की पटकथा को इतने सुंदर ढंग से पर्दे पर उतारा कि दर्शकों की रग-रग में खेल भावना का संचार हो गया। शाहरुख खान के करियर में भी ‘चक दे इंडिया’ एक मील का पत्थर साबित हुई। फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर तो बड़ी सफलता मिली ही और साथ ही फिल्म ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के साथ फिल्मफेयर, स्क्रीन और स्टारडस्ट जैसे कई पुरस्कार अपनी झोली में समेट लिए।

‘भाग मिल्खा भाग’ से हौसले हुए बुलंद

खेलों पर आधारित फिल्मों को लेकर फिल्मकारों के हौसले तब बुलंद हुए जब 2013 में फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ प्रदर्शित हुई। सुप्रसिद्ध धावक मिल्खा सिंह की जिंदगी पर बनी यह फिल्म दर्शकों को इतनी पसंद आई कि फिल्म ने 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन करके सभी को अचंभित कर दिया। फ्लाइंग सिख के रूप में मशहूर रहे और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल सहित कई पुरस्कार जीत चुके मिल्खा सिंह की जीवन गाथा ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया था।

राकेश ओमप्रकाश मेहरा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अभिनेता फरहान अख्तर ने भी मिल्खा की भूमिका में प्राण फूंक दिए। ‘भाग मिल्खा भाग’ के बाद से खेलों पर आधारित फिल्मों के निर्माण में एक दम तेजी आ गई। उसी का नतीजा 2014 में बॉक्सर मेरी कॉम की जिंदगी पर बनी फिल्म ‘मेरी कॉम’ रही। निर्माता संजय लीला भंसाली और निर्देशक ओमंग कुमार की प्रियंका चोपड़ा अभिनीत यह फिल्म हर तरह से कामयाब रही।


फिर 2016 में तो एक साथ छह खेल फिल्में आ गईं, ‘एमएस धोनी- द अंटोल्ड स्टोरी’, ‘अजहर’, ‘बुधिया सिंह’, ‘साला खड़ूस’, ‘सुल्तान’ और ‘दंगल’। इन फिल्मों में से विश्व प्रसिद्ध भारतीय क्रिकेटर धोनी की जिंदगी पर बनी ‘एमएस धोनी’, हरियाणा की महिला पहलवान फोगाट बहनों पर बनी ‘दंगल’ और हरियाणा की पृष्ठभूमि पर पहलवानी को लेकर ही बनी ‘सुल्तान’ ने तो कमाई के मामले में भी नए क्षितिज को छूकर कई नए आयाम बनाए।

वहीं, आमिर खान की ‘दंगल’ तो देश-विदेश में अब तक सर्वाधिक कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बन गई है। ‘दंगल’ ने देश में तो करीब 387 करोड़ रुपये का कारोबार किया ही लेकिन विदेशों में हुए अपने कलेक्शन के साथ यह फिल्म कुल करीब 1900 करोड़ रुपये का बिजनेस कर चुकी है। उधर, सलमान खान और अनुष्का शर्मा की ‘सुल्तान’ ने भी देश में ही 300 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया था। जबकि ‘धोनी’ फिल्म ने भी 133 करोड़ रुपये से भी कुछ अधिक का कारोबार किया था। उधर 2018 में हॉकी को लेकर बनी फिल्म ‘गोल्ड’ और ‘सूरमा’ ने भी अच्छी चर्चा पाई।

2020 में खेलों पर केंद्रित फिल्में

साल 2016 के बाद 2020 का यह साल खेलों पर आधारित फिल्मों के बारे में और भी बीस होने जा रहा है। 2016 में जहां खेलों पर केंद्रित छह फिल्में आई थीं, वहीं इस साल सात फिल्में रिलीज होंगी जो खेलों पर बन रही हैं। इनमें एक फिल्म ‘पंगा’ तो 24 जनवरी को ही प्रदर्शित हो चुकी है। हालांकि कबड्डी की कप्तान रही जया निगम की बायोपिक को लेकर बनी कंगना रनोट की ‘पंगा’ फ्लॉप हो गई। लेकिन इस साल आने वाली अन्य खेल फिल्मों से अच्छी उम्मीद हैं।

आगामी 10 अप्रैल को फिल्म ‘83’ रिलीज होने जा रही है। यह फिल्म सुप्रसिद्ध क्रिकेटर और पूर्व कप्तान कपिल देव की जिंदगी और 1983 में भारतीय क्रिकेट टीम द्वारा जीते उस विश्व कप पर है, जिसके बाद भारत का मान विश्व में तेजी से बढ़ गया था। कबीर खान के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में कपिल देव की भूमिका अभिनेता रणवीर सिंह निभा रहे हैं। इसके बाद आठ मई को फिल्म ‘झुंड’ प्रदर्शित होगी। यह फिल्म स्लम सॉकर के संस्थापक विजय बरसे की जिंदगी पर है। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन मुख्य भूमिका में हैं।

इसके बाद 28 अगस्त को फिल्म ‘जर्सी’ आएगी। शाहिद कपूर, मृणाल ठाकुर की यह फिल्म एक क्रिकेटर की यात्रा है जो इसी नाम से बनी एक तेलुगू फिल्म का रिमेक है। फिर दो अक्टूबर को प्रदर्शित होने वाली ‘तूफान’ में एक बार फिर फरहान अख्तर एक खिलाड़ी के रूप में नजर आएंगे, तो 27 नवंबर को फिल्म ‘मैदान’ रिलीज होगी। यह फिल्म फुटबाल कोच सैयद अब्दुल रहीम की बायोपिक है। इस फिल्म में अजय देवगन मुख्य भूमिका में हैं। इन फिल्मों के अलावा इस साल फिल्म ‘सायना’ भी रिलीज होगी। यह फिल्म बैडमिंटन की विख्यात खिलाड़ी सायना नेहवाल की जिंदगी पर है। इस साल जहां खेलों पर इतनी फिल्में एक साथ आ रही हैं, वहीं यह भी दिलचस्प है कि इसी बरस ओलंपिक खेलों के साथ वर्ल्ड कप जैसे दो बड़े खेल आयोजन भी होने जा रहे हैं।

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