इरफान पठान ने गिल की खराब फॉर्म को बताया बुरा संकेत, बोले- इससे टीम प्रबंधन पर दबाव बढ़ रहा है

पठान ने कहा, ‘‘सूर्या पर दबाव होगा क्योंकि वह कप्तान हैं और कप्तान होने के नाते अंतिम एकादश में आपकी जगह स्वतः ही पक्की हो जाती है। एक खिलाड़ी के तौर पर अगर आपने एक साल में रन नहीं बनाए हैं, तो आप दबाव में होते हैं।’’

फोटो: सोशल मीडिया
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पीटीआई (भाषा)

भारत के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान का मानना है कि शुभमन गिल की खराब फॉर्म न केवल उन पर व्यक्तिगत रूप से बल्कि टीम प्रबंधन पर भी दबाव बढ़ा रही है।

पठान ने जियो हॉटस्टार पर कहा कि संजू सैमसन को वापस लाकर पहले की तरह के सफल बल्लेबाजी संयोजन को बहाल करना भी उतना आसान नहीं होगा, क्योंकि केरल के इस खिलाड़ी को भी अपनी लय वापस पाने में कुछ समय लगेगा।

भारत के लिए टी20 में सलामी बल्लेबाज के तौर पर सैमसन काफी सफल रहे थे। इसके बाद जब गिल को टी20 उप-कप्तान बनाया गया तो सैमसन की जगह उन्हें सलामी बल्लेबाज के तौर पर उतारा गया। भारत की टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान गिल हालांकि खेल के सबसे छोटे प्रारूप में रन बनाने के लिए जूझ रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में वह खाता भी नहीं खोल पाए।


पठान ने कहा, ‘‘शुभमन गिल कह सकते हैं कि उन्होंने एक बहुत अच्छी गेंद पर अपना विकेट गंवाया। अगर गिल फॉर्म में होते तो वे उस गेंद को आसानी से खेल लेते। वे फॉर्म में नहीं हैं। जहां तक कप्तान सूर्यकुमार यादव की बात है तो मुझे लगता है कि उन्हें अपने ऑफ साइड के खेल पर ध्यान देने की जरूरत है। जब वे आउट हुए तो वे पूरी तरह से गलत पोजीशन में थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ गिल का रन नहीं बना पाना एक बुरा संकेत है और इससे उन पर और टीम प्रबंधन पर दबाव बढ़ जाता है। वे सोच रहे होंगे कि क्या किया जाए। यह स्थिति और खराब नहीं होनी चाहिए।’’

पठान ने कहा, ‘‘अगर उनसे फिर भी रन नहीं बन पा रहे हैं तो आप संजू सैमसन को वापस लाकर उनसे तुरंत अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद नहीं कर सकते, खासकर तब जब वह भी लय में न हों। इससे कई सवाल पैदा हो गए हैं। अगर वे सैमसन को वापस अंतिम एकादश में शामिल करते हैं, तो उनके लिए रन बनाना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।’’

उन्होंने सूर्यकुमार की मुश्किलों का भी जिक्र किया, जो कप्तानी संभालने के बाद से कोई बड़ा स्कोर नहीं बना पाए हैं।


पठान ने कहा, ‘‘सूर्या पर दबाव होगा क्योंकि वह कप्तान हैं और कप्तान होने के नाते अंतिम एकादश में आपकी जगह स्वतः ही पक्की हो जाती है। एक खिलाड़ी के तौर पर अगर आपने एक साल में रन नहीं बनाए हैं, तो आप दबाव में होते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘विश्व कप (अगले साल फरवरी-मार्च में) से पहले उन्हें अपनी फॉर्म में वापसी करनी होगी। उन्हें बल्लेबाजी की सही स्थिति और बेहतर शॉट चयन की जरूरत है। सूर्या लेग साइड की तरफ सीधी गेंद पर आउट हो रहे हैं। जब आप इस तरह से आउट हो रहे हैं तो आपको ऑफ साइड में अधिक खेलने की कोशिश करनी चाहिए।’’

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