विराट ने क्यों लिया टी20 की कप्तानी छोड़ने का फैसला, क्या कोई दबाव था? पढ़ें किंग कोहली की पूरी चिट्ठी

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने गुरूवार को घोषणा की कि वह इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले टी20 विश्व कप के बाद टी20 प्रारूप की कप्तानी छोड़ेंगे।

फोटो: IANS
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नवजीवन डेस्क

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने गुरूवार को घोषणा की कि वह इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले टी20 विश्व कप के बाद टी20 प्रारूप की कप्तानी छोड़ेंगे। कई दिनों से चल रहे संशय पर विराम लगाते हुए कोहली ने आज ट्विटर के जरिए एक बयान में इसकी घोषणा की। कोहली ने बताया कि वह इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले टी20 विश्व कप के बाद टी20 के कप्तानी पद को छोड़ देंगे। ट्वीट के जरिए उन्होंने इस यात्रा के दौरान उनका साथ देने के लिए सभी का धन्यवाद दिया। कोहली ने बताया कि उन्होंने यह फैसला अपने वर्कलोड को मैनेज करने के लिए लिया है।

कोहली ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर बयान जारी कर कहा, मैं खुद को भाग्यशाली समझता हूं कि मुझे सिर्फ भारत का प्रतिनिधित्व ही नहीं बल्कि भारतीय क्रिकेट टीम को लीड करने का मौका भी मिला। जिन्होंने कप्तान के रूप में मेरे सफर में मेरा साथ दिया, खिलाड़ी, सहायक स्टाफ, चयन समिति, मेरे कोच और हर भारतीय का मैं धन्यवाद करता हूं जो हमारी जीत के लिए प्रार्थना करते हैं।

मेरी समझ से वर्क लोड बेहद अहम होता है। मैं पिछले 8-9 साल से तीनों फॉर्मेट में खेल रहा हूं और 5-6 साल से लगातार कप्तानी भी कर रहा हूं। मैं महसूस कर रहा हूं कि टेस्ट और वनडे में टीम इंडिया की कप्तानी के लिए खुद को पूरी तरह से तैयार करने के लिए मुझे थोड़ा सा स्पेस चाहिए। टी-20 के कप्तान के तौर पर मैंने टीम को अपना सब कुछ दिया। आगे भी एक बल्लेबाज के तौर पर मैं टी-20 टीम में अपना योगदान जारी रखूंगा।

निश्चित तौर पर ऐसे फैसले पर पहुंचने में वक्त लगता है। टीम लीडरशिप के बेहद जरूरी हिस्से रवि भाई, रोहित और अपने करीबियों से लंबे विचार-विमर्श के बाद मैंने टी-20 वर्ल्ड कप के बाद इस फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। मैंने BCCI के अध्यक्ष सौरव गांगुली, सेक्रेटरी जय शाह और सभी सिलेक्टर्स से इस बारे में बात की है। मैं अपनी पूरी ताकत के साथ भारतीय क्रिकेट और भारतीय क्रिकेट टीम की सेवा करता रहूंगा।

विराट कोहली के कप्तानी छोड़ने के फैसले से सवाल उठने लगे थे कि क्या उन्होंने किसी दबाव में ये फैसला लिया है। इसका जवाब बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने दिया है। उन्होंने कहा कि ये उनका व्यक्तिगत निर्णय है। उन पर कोई दबाव नहीं था और न ही बीसीसीआई की तरफ से कोई निर्देश था। उन्होंने खुद ये निर्णय लिया है। इससे पहले उन्होंने बीसीसीआई अध्यक्ष, सचिव और अन्य लोगों से चर्चा किया और उसके बाद ये निर्णय लिया है। जब उन्होंने निजी रूप से निर्णय लिया तो सबको इसका सम्मान करना चाहिए। वहीं नए कप्तान को लेकर राजीव शुक्ला ने कहा कि विश्वकप के बाद सलेक्टर तय करेंगे।


हालांकि, महज तीन दिन पहले ही बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने आईएएनएस से बात करते हुए कोहली के कप्तानी पद से हटने की संभावनाओं को खारिज करते हुए कहा था कि कोहली तीनों प्रारूपों में कप्तान बने रहेंगे। धूमल ने आईएएनएस से कहा था, यह बकसास है और ऐसा कुछ होने नहीं जा रहा है। इस बारे में बस मीडिया में चर्चा चल रही है। बीसीसीआई ने इस मामले को लेकर कोई चर्चा नहीं की है।

कोहली ने इंग्लैंड के खिलाफ 2017 में तीन मैचों की टी20 सीरीज से टी20 प्रारूप में कप्तानी संभाली थी। कप्तान के तौर पर अपने 45 टी20 में कोहली के नेतृत्व में टीम को 27 जीत और 14 मैचों में हार मिली जबकि दो मुकाबले टाई रहे और दो मैचों का कोई नतीजा नहीं निकला।

कोहली इस प्रारूप में महेंद्र सिंह धोनी के बाद भारत के दूसरे सबसे सफल कप्तान रहे। कोहली भारत के पहले कप्तान हैं जिनके नेतृत्व में टीम ने 2018 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ द्विपक्षीय सीरीज में टी20 में 2-1 और इंग्लैंड के खिलाफ 2-1 से जीत हासिल की। इसके अलावा कोहली की कप्तानी में भारत को 2020 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 5-0 और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2-1 से जीत मिली।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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