दिल्ली बम विस्फोट की जांच का डर दिखाकर BMC के पूर्व अधिकारी से 16.5 लाख रुपए की ठगी, ATS-NIA के नाम पर ऐसे ऐंठे पैसे

पुलिस अधिकारी ने बताया कि ठगों ने दावा किया कि एजेंसी को यह सत्यापित करना है कि उनके निवेश और जमा राशि कानूनी स्रोतों से हैं या नहीं। इसके लिए उन्होंने पीड़ित से कुछ बैंक खातों में धन राशि अंतरित करने को कहा।

दिल्ली बम विस्फोट की जांच का डर दिखाकर BMC के पूर्व अधिकारी से 16.5 लाख रुपए की ठगी
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नवजीवन डेस्क

जालसाज आजकल सबसे ज्यादा निशाना सेवा सेवानिवृत्ति लोगों और वरिष्ठ अधिकारियों को बना रहे हैं। किसी घटना से जोड़कर उन्हें डराया जाता है और फिर उनसे मोटी रकम ऐंठी ली जती है। ऐसा ही एक मामला देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से सामने आया है। यहां जालसाजों ने खुद को आतंकवादी रोधी दस्ते (एटीएस) और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) का अधिकारी बताकर एक वरिष्ठ नागरिक को ‘डिजिटल अरेस्ट’ किया और कथित तौर पर 16.5 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने पीड़ित को यह कहकर डराया कि दिल्ली बम विस्फोट के मामले में उनका नाम सामने आया है।

बीएमसी के सेवानिवृत्त अधिकारी से ठगी

एक अधिकारी ने बताया कि मुंबई के अंधेरी (पूर्व) निवासी पीड़ित ने सोमवार को पश्चिम क्षेत्र के साइबर थाने से संपर्क किया।

पिछले साल 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किले के बाहर एक गाड़ी में हुए विस्फोट में 12 से अधिक लोग मारे गए थे।

पुलिस के अनुसार, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के सेवानिवृत्त अधिकारी को 11 दिसंबर को अज्ञात व्यक्तियों का फोन आया, जिन्होंने खुद को दिल्ली आतंकवाद रोधी विभाग का अधिकारी बताया। फोन करने वाले ने पीड़ित को धमकी दी कि दिल्ली बम विस्फोट मामले में उनका नाम सामने आया है और उनसे गुप्त रूप से पूछताछ की जरूरत है।


ऐप के जरिए घटना को दिया गया अंजाम

उसने बताया कि इसके बाद जालसाज ने पीड़ित को ‘सिग्नल’ एप्लिकेशन डाउनलोड करने के लिए कहा और उस ऐप पर वीडियो कॉल की। वीडियो कॉल करने वाले ने खुद को एनआईए अधिकारी सदानंद दाते के रूप में पेश किया।

पुलिस ने बताया कि फोन करने वाले ने पीड़ित से कहा कि उनके मोबाइल नंबर से जुड़े एक बैंक खाते में धनशोधन के जरिए कथित तौर पर सात करोड़ रुपये अंतरित हुए हैं और उन्हें धमकी दी कि इस मामले में उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

मामले की गंभीरता और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए कॉल करने वाले ने पीड़ित को किसी से भी इस बारे में बात न करने का निर्देश दिया।

जालसाजों ने ऐसे ऐंठे पैसे

पुलिस अधिकारी ने बताया कि ठगों ने दावा किया कि एजेंसी को यह सत्यापित करना है कि उनके निवेश और जमा राशि कानूनी स्रोतों से हैं या नहीं। इसके लिए उन्होंने पीड़ित से कुछ बैंक खातों में धन राशि अंतरित करने को कहा।

इसके बाद पीड़ित ने 16.5 लाख रुपये अंतरित कर दिए, लेकिन इसके तुरंत बाद कॉल करने वाले ने सेवानिवृत्त अधिकारी का नंबर ब्लॉक कर दिया।

अधिकारी ने बताया कि पीड़ित ने बाद में साइबर थाने से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

पीटीआई के इनपुट के साथ

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