तिहाड़ जेल में इलाज के दौरान कैदी ने की खुदकुशी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
मृतक की पहचान रमेश के रूप में हुई है, जो जेल नंबर चार में बंद था और 28 मई से जेल नंबर तीन के अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था।

तिहाड़ जेल में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। हत्या के मामले में बंद एक विचाराधीन कैदी ने अस्पताल में खिड़की के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान रमेश के रूप में हुई है, जो जेल नंबर चार में बंद था और 28 मई से जेल नंबर तीन के अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था।
घटना रविवार देर रात की बताई जा रही है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि जेल अधिकारियों को इसकी जानकारी सोमवार सुबह मिली। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रमेश ने अस्पताल की खिड़की से फंदा बनाकर आत्महत्या की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है और मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है।
फिलहाल आत्महत्या के पीछे की वजह साफ नहीं हो सकी है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि रमेश ने ऐसा कदम क्यों उठाया। इस घटना के बाद जेल प्रशासन की सतर्कता और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों का कहना है कि अगर निगरानी प्रभावी होती, तो यह घटना रोकी जा सकती थी। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
घटना रविवार देर रात की बताई जा रही है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि जेल अधिकारियों को इसकी जानकारी सोमवार सुबह मिली। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रमेश ने अस्पताल की खिड़की से फंदा बनाकर आत्महत्या की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है और मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है।
फिलहाल आत्महत्या के पीछे की वजह साफ नहीं हो सकी है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि रमेश ने ऐसा कदम क्यों उठाया। इस घटना के बाद जेल प्रशासन की सतर्कता और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों का कहना है कि अगर निगरानी प्रभावी होती, तो यह घटना रोकी जा सकती थी। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
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