उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण से बाहर, राज्य में दहशत, भय और असुरक्षा

अखिलेश ने यहां जारी एक बयान में कहा, “दहशत, भय और असुरक्षा की भावना से समाज का हर वर्ग चपेट में है। बीजेपी राज में बच्चियां तक सलामत नहीं हैं। उनके साथ हैवानियत की घटनाओं पर सरकारी रुख संवेदनशून्यता का ही दिखाई देता है।

फोटो: सोशल मीडिया
i
user

आईएएनएस

google_preferred_badge

समाजवादी पार्टी (एसपी) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई है। अखिलेश ने यहां जारी एक बयान में कहा, "दहशत, भय और असुरक्षा की भावना से समाज का हर वर्ग चपेट में है। बीजेपी राज में बच्चियां तक सलामत नहीं हैं। उनके साथ हैवानियत की घटनाओं पर सरकारी रुख संवेदनशून्यता का ही दिखाई देता है। अब ऐसे में प्रदेश में कानून-व्यस्था की स्थिति नियंत्रण से बाहर चली गई है।"

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "अलीगढ़ में जिस तरह ढाई साल की बेटी से नृशंस व्यवहार किया गया और उसकी हत्या की गई, वह दिल दहलाने वाली घटना है। 30 मई से बच्ची लापता थी और दो जून, 2019 को उसकी क्षत-विक्षत लाश कूड़े के ढेर पर मिली। पुलिस का पहले दिन से ही लापरवाह रवैया इस मामले में नितांत निंदनीय रहा है। सरकार की गैर जिम्मेदारी की यह पराकाष्ठा है। इस अमानवीय और घृणास्पद घटना के दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।"


उन्होंने कहा, "जेल में बंद रेप के आरोपी से बीजेपी के सांसद मिलने जाते हैं। डीजीपी साहब के घर से अपहरण हो जाते हैं। अलीगढ़ में चार दिन तक बच्ची की तलाश में जुटी नाकाम पुलिस हाथों में लाश लेकर आती है। ये तस्वीर है यूपी में व्याप्त जंगलराज की।"

एसपी मुखिया ने कहा, "बीजेपी राज में अपराधों में बढ़ोत्तरी होने से सरकार पर प्रश्नचिन्ह खड़ा हो गया है। ऐसा लगता है कि प्रशासन ने अपनी इच्छाशक्ति खो दी है, वह पूर्णतया पंगु हो गई है। जनता के दु:ख दर्द से उसका कोई वास्ता नहीं रह गया है।"

Google न्यूज़व्हाट्सएपनवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia