दिल्ली: खुद को BJP-RSS से जुड़ा नेता बताने वाले की गुंडई देखिए! बीच सड़क पर बाप-बेटे को बुरी तरह पीटा
घटना रिहायशी इलाके में हुई, जहां उस वक्त कई लोग मौजूद थे। इसके बावजूद कोई भी व्यक्ति पीड़ित को बचाने आगे नहीं आया।

राजधानी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। इस मामले ने दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
2 जनवरी 2026 को दिनदहाड़े रिहायशी इलाके में खुद को बीजेपी-RSS से जुड़ा नेता बताने वाले एक व्यक्ति ने अपने साथियों के साथ मिलकर सड़क पर एक बाप-बेटे को सरेआम बेरहमी से पीटा। यह पूरी वारदात CCTV कैमरे में कैद हो गई, जबकि पीड़ित बेटे की PCR कॉल का ऑडियो भी सामने आया है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालों की बाढ़ ला दी है।
घर से खींचकर सड़क पर घसीटा
CCTV फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि दबंगों ने पहले पीड़ित युवक को उसके घर से जबरन बाहर निकाला। इसके बाद उसे सड़क पर घसीटते हुए ले जाया गया। पीड़ित लगातार चीखता-चिल्लाता रहा, लेकिन आरोपी बिना रुके उस पर लात-घूंसे और थप्पड़ों से हमला करते रहे।
घटना रिहायशी इलाके में हुई, जहां उस वक्त कई लोग मौजूद थे। इसके बावजूद कोई भी व्यक्ति पीड़ित को बचाने आगे नहीं आया। CCTV में यह भी दिखता है कि दबंगों ने युवक को सड़क पर नंगा कर दिया और फिर बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। यह मंजर इलाके में फैले डर और आरोपियों की दबंगई को साफ दिखाता है।
पुलिस पहुंची, लेकिन सख्ती नजर नहीं आई
कुछ देर बाद बाइक से पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन हालात में तुरंत कोई सख्त कार्रवाई होती नहीं दिखी। CCTV फुटेज में देखा जा सकता है कि पुलिस के सामने भी आरोपी मौके पर मौजूद रहे और सीना तानकर खड़े रहे।
वीडियो में एक पुलिसकर्मी पीड़ित को उसके कपड़े उठाकर देता हुआ भी दिखाई देता है। यह दृश्य पुलिस की भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े करता है, क्या मौके पर मौजूद हालात को काबू में लाने में देरी हुई?
“एक घंटे से फोन कर रहा हूं, कोई मदद नहीं मिली”
‘आज तक’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में पीड़ित द्वारा की गई PCR कॉल का ऑडियो भी सामने आया है। कॉल में पीड़ित बेहद घबराई हुई आवाज में पुलिस से मदद मांगता सुनाई देता है। वह बताता है कि उसके पिता को बेरहमी से पीटा जा रहा है और वह करीब एक घंटे से पुलिस को फोन कर रहा है, लेकिन कोई मदद नहीं पहुंच रही।
यह ऑडियो दिल्ली पुलिस की रिस्पॉन्स टाइम और संवेदनशीलता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
जिम को लेकर चल रहा था विवाद
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित राजेश गर्ग के घर में एक जिम खोला गया था। इसी जिम को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। आरोप है कि इसी रंजिश के चलते दबंगों ने इस वारदात को अंजाम दिया।
घटना के बाद पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन वारदात के समय पुलिस की भूमिका अब भी जांच और बहस का विषय बनी हुई है।
किन-किन आरोपियों पर दर्ज हुआ केस
इस मामले में पुलिस ने विकास यादव, शुभम यादव, ओमकार यादव और पिंटू यादव समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मुख्य आरोपी सतीश यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है।
हालांकि CCTV फुटेज में मारपीट करते हुए कई अन्य लोग भी दिखाई दे रहे हैं, जो फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं।
आरोपी ओमकार यादव अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कई नेताओं के साथ तस्वीरें साझा करता रहा है। आरोप है कि इन्हीं तस्वीरों और कथित राजनीतिक संबंधों के दम पर वह इलाके में दबंगई दिखाता था।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
डीसीपी ईस्ट के मुताबिक, इस केस में BNSS की धारा 115(2), 126(2), 329(4), 333, 74, 351(3), 79 और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
इलाके में दहशत, परिवार सहमा
इस सनसनीखेज वारदात के बाद लक्ष्मी नगर इलाके में डर का माहौल है। पीड़ित परिवार बेहद डरा हुआ है और उसे सुरक्षा को लेकर चिंता सता रही है। CCTV और PCR कॉल के सामने आने के बाद यह मामला अब सिर्फ एक आपसी विवाद नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही से जुड़ा बड़ा सवाल बन चुका है।
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