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योगी राज में बेलगाम अपराधियों का कहर, मुजफ्फरनगर दंगे में हत्या के गवाह को सरेराह गोलियों से भूना

यूपी के मुजफ्फरनगर में बाइक सवार तीन बदमाशों ने मुजफ्फरनगर दंगों में मारे गये शख्स के भाई की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। बता दें कि साल 2013 में दंगे के दौरान असबाब के दो भाइयों की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में वह गवाह थे।

फोटो: सोशल मीडिया 

नवजीवन डेस्क

योगी सरकार में बेखौफ बदमाशों का तांडव जारी है। यूपी के मुजफ्फरनगर में बाइक सवार तीन बदमाशों ने मुजफ्फरनगर दंगों में मारे गये शख्स के भाई की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। साल 2013 में दंगे के दौरान असबाब के दो भाइयों की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में वह गवाह थे, असबाब की हत्या को उसी घटना से जोड़कर देखा जा रहा है। देर रात एसएसपी सुधीर कुमार सिंह और एसपी सिटी सतपाल अंतिल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।

खबरों के मुताबिक, असबाब की उस समय हत्या कर दी गई जब वह एक दुकान पर दूध पहुंचाने जा रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाइक सवार तीन बदमाशों ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर फरार हो गए। घायल असबाब को आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

खबरों के मुताबिक, खेड़ी तगान निवासी अशफाक के दो भाइयों नवाब और शाहिद की साल 2013 के दंगे में मथेड़ी के जंगल में हत्या कर दी गई थी। दंगे के दौरान दोनों भाई अपने घर वापस लौट रहे थे। उस समय सांप्रदायिक हिंसा के दौरान उन्हें निशाना बनाया गया। दोनों भाइयों की हत्या का कोर्ट में मुकदमा चल रहा है। जिसकी पैरवी मृतक असबाब कर रहा था। गांव वालों का कहना है कि उसे समझौते के लिए धमकी भी मिली थी।

बताया जा रहा है कि दो भाइयों की एक साथ हत्या होने के बाद असबाब ने परिजनों के साथ गांव छोड़ दिया था और खतौली के मोहल्ला इस्लामनगर में आकर रहने लगा था। यहां रहते हुए ही वह गांव खेड़ी तगान से दूध लाकर कस्बे में स्थित अग्रवाल डेयरी पर सप्लाई करता था।

Published: 13 Mar 2019, 12:26 PM
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