जयपुर के आमेर में टूरिस्ट गाइड की मौत से बवाल, चाकू से हुआ था हमला, बाजार बंद, 6 मांगों पर अड़े प्रदर्शनकारी

मनीष सोनी की मौत के बाद आमेर में स्थानीय लोगों और गाइड समुदाय का गुस्सा फूट पड़ा। बाजार बंद रहे और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई समेत 6 मांगें रखी गईं।

फोटो: सोशल मीडिया
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राजस्थान की राजधानी जयपुर के आमेर में टूरिस्ट गाइड मनीष सोनी की मौत के बाद लोगों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया है। सोमवार को आमेर महल के पास मावठा में गाड़ियों की आवाजाही को लेकर हुए विवाद के दौरान मनीष पर चाकू से हमला किया गया था। गंभीर हालत में उन्हें जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मंगलवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत की खबर आमेर पहुंचते ही स्थानीय लोगों, व्यापारियों और गाइड समुदाय में आक्रोश फैल गया और विरोध में बाजार बंद करा दिए गए।

गाड़ियों की आवाजाही को लेकर हुआ था विवाद

पुलिस के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब 10 बजे मावठा के पास गाड़ियों की आवाजाही को लेकर विवाद शुरू हुआ था। मनीष सोनी आमेर किले की ओर जाने वाली गाड़ियों को रोक रहा था। इसी दौरान जीप चालक आजम से उनकी कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर आजम और उसके साथी नाजिश ने मनीष पर चाकू से हमला कर दिया।

हमले में मनीष के पेट में गंभीर चोट आई और वह मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर गए। इसके बाद उन्हें गंभीर हालत में एसएमएस अस्पताल ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक, ज्यादा चोट और खून बहने के कारण मंगलवार को इलाज के दौरान मनीष की मौत हो गई।


मौत के बाद बाजार बंद, थाने के बाहर प्रदर्शन

मनीष की मौत की सूचना मिलते ही आमेर में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय निवासी, व्यापारी और गाइड समुदाय बड़ी संख्या में आमेर थाने के बाहर जुट गए और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। विरोध के चलते आमेर के बाजार बंद रहे।

प्रदर्शन को देखते हुए आमेर महल की ओर जाने वाले रास्ते पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस-प्रशासन लगातार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है, लेकिन घटना के बाद पूरे आमेर क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।

दो आरोपी हिरासत में, चाकू की तलाश जारी

आमेर थानाधिकारी राजेंद्र गोदारा के मुताबिक, पुलिस ने घटना के बाद मुख्य आरोपी जीप चालक आजम और उसके साथी नाजिश को हिरासत में ले लिया था। दोनों से पूछताछ की जा रही है। वारदात में इस्तेमाल चाकू को बरामद करने की कोशिश भी जारी है। पुलिस ने बताया कि आजम के खिलाफ आमेर थाने में पहले से दो आपराधिक मामले दर्ज हैं।

मनीष की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस-प्रशासन के सामने छह मांगें रखी हैं। इनमें पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शामिल है। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के घर पर तत्काल बुलडोजर कार्रवाई, मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने और आमेर महल व आसपास के इलाके में चल रहे अवैध-अनधिकृत जीप संचालन पर पूरी तरह रोक लगाने की भी मांग की है।

इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों ने पूर्व में शिकायतें दिए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने के आरोप लगाते हुए SHO और जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आमेर थाने के पूरे स्टाफ को लाइन हाजिर करने और पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा देने की मांग भी रखी गई है। फिलहाल पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

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