कर्नाटकः जेल में प्रज्वल रेवन्ना की बैरक से मोबाइल मिलने की होगी जांच, डीआईजी की अगुवाई में विशेष टीम गठित

हाल में सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में छापेमारी की थी। छापेमारी में प्रज्वल की कोठरी से एक नीला रेडमी 5जी मोबाइल, एक चार्जर, एक नीली पॉकेट नोटबुक और एक पेन ड्राइव मिली थी। मोबाइल और पेन ड्राइव में आपत्तिजनक वीडियो भी पाए गए।

कर्नाटकः जेल में प्रज्वल रेवन्ना की बैरक से मोबाइल मिलने की होगी जांच, डीआईजी की अगुवाई में विशेष टीम गठित
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कर्नाटक सरकार ने रेप मामले में जेल में बंद पूर्व जेडीएस सांसद प्रज्वल रेवन्ना की बैरक से मोबाइल फोन बरामद होने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। कर्नाटक पुलिस ने मामले की जांच के लिए डीआईजी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया है। कई महिलाओं के यौन उत्पीड़न का आरोपी प्रज्वल रेवन्ना रेप के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है। प्रज्वल पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के भतीजे हैं।

प्रज्वल रेवन्ना को वीआईपी बैरक से शिफ्ट किया गया

कारागार विभाग के महानिदेशक आलोक कुमार ने विशेष टीम के गठन की पुष्टि की। इस टीम का नेतृत्व डीआईजी कारागार एवं सुधार जिनेंद्र खनागवी करेंगे। टीम को यह जांच सौंपी गई है कि मोबाइल फोन प्रज्वल रेवन्ना की जेल बैरक तक कैसे पहुंचा। टीम यह भी पता लगाएगी कि फोन किसने उन्हें दिया और उन्होंने कितने समय तक उस डिवाइस का इस्तेमाल किया।

यह घटनाक्रम उस दिन सामने आया जब प्रज्वल रेवन्ना को बेंगलुरु सेंट्रल जेल की वीआईपी बैरक से हटाकर अन्य सजायाफ्ता कैदियों वाली सामान्य सेल में शिफ्ट कर दिया गया। वीआईपी सेल में उनके साथ पॉक्सो मामले में गिरफ्तार एक अन्य विचाराधीन कैदी प्रताप राय भी था। आरोप है कि राय प्रज्वल की मदद कर रहा था। यह कार्रवाई जेल में उनकी बैरक से मोबाइल फोन बरामद होने की खबर के बाद की गई।


वायरल वीडियो से खुली पोल

इससे पहले मामले ने तब तूल पकड़ा जब सोशल मीडिया पर 17 सेकंड का एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में प्रज्वल अपनी जेल की बैरक के अंदर मोबाइल पर बात करते दिख रहे थे। वीडियो में प्रज्वल अनिवार्य जेल वर्दी के बजाय रंगीन कपड़े पहने हुए दिख रहे थे। कोठरी में सीलिंग फैन भी लगा दिख रहा था। वीडियो में उन्हें यह कहते हुए भी सुना गया था कि उन्होंने दो दिन पहले भी कॉल किया था।

जेल अधिकारियों ने अब तक इस वीडियो पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस वीडियो के सामने आने के बाद सवाल उठे हैं कि सुरक्षा इंतजामों के बावजूद मोबाइल फोन उनकी बैरक तक कैसे पहुंचा और जेल के अंदर से कॉल कैसे हो सकी। जेल में मोबाइल जैमर लगे होने के बावजूद ऐसा कैसे हुआ, इसकी भी जांच होगी।

सेंट्रल क्राइम ब्रांच की छापेमारी में मोबाइल बरामद

पुलिस के अनुसार, विशेष टीम यह भी जांच करेगी कि सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद कैदियों की बैरकों तक मोबाइल फोन कैसे पहुंच रहे हैं। जेल के अंदर कथित तौर पर आंध्र प्रदेश से आए सिम कार्ड मिलने की भी जांच की जाएगी। टीम यह भी पता लगाएगी कि जेल अधिकारियों की कोई मिलीभगत या लापरवाही तो नहीं थी। यह भी देखा जाएगा कि क्या किसी जेल कर्मी ने फोन रखने या इस्तेमाल करने में मदद की।

हाल ही में सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान प्रज्वल की कोठरी से एक मोबाइल फोन और एक पेन ड्राइव बरामद की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार एक नीला रेडमी 5जी मोबाइल, एक चार्जर, एक नीली पॉकेट नोटबुक और एक काली सैंडिस्क पेन ड्राइव मिली थी। मोबाइल और पेन ड्राइव में आपत्तिजनक वीडियो भी पाए गए। फोन में कई ओटी एप्लिकेशन भी पाए गए। छापेमारी के दौरान जेल में 10 से ज्यादा मोबाइल फोन बरामद किए गए।

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होगी सख्त कार्रवाईः प्रियांक खड़गे

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि उन्होंने खुद सीसीबी की छापेमारी का आदेश दिया था। उन्होंने कहा, "छापेमारी के लिए गृह विभाग और मुख्यमंत्री की अनुमति जरूरी होती है। मैंने दो हफ्ते पहले परप्पना अग्रहारा का दौरा किया था और कुछ खामियां देखी थीं। इसलिए मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद छापेमारी का आदेश दिया।" उन्होंने कहा कि अधिकारियों से मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई की गई और जो अधिकारी अनियमितता में शामिल पाए गए उन्हें निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस बीच डीआईजी जिनेंद्र खनागवी ने डीजीपी कारागार आलोक कुमार से मुलाकात कर जांच को लेकर चर्चा की। आलोक कुमार ने कहा, "कड़ी सुरक्षा के बीच कैदियों की कोठरियों तक मोबाइल फोन कैसे पहुंच रहे हैं। क्या जेल अधिकारियों की कोई मिलीभगत है, इसकी भी जांच होगी।" कारागार डीजीपी आलोक कुमार ने बताया कि लापरवाही के आरोप में सहायक अधीक्षक ईरन्ना को निलंबित किया गया है। वहीं जेल अधीक्षक अंशुकुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

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