मध्य प्रदेशः इंदौर में गुंडों से परेशान परिवार घर बेचने को मजबूर, मकान के बाहर लगाया पोस्टर-घर बिकाऊ है

स्थानीय लोगों का कहना है कि वे इलाके में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों से परेशान हैं और पुलिस को भी हालातों से अवगत करा चुके हैं। उसके बाद भी सुधार नहीं आया है। लोगों का आरोप है कि इस इलाके में पुलिस गश्त पूरी तरह बंद है और इसी का कुछ लोग लाभ उठा रहे हैं।

इंदौर में गुंडों से परेशान परिवार घर बेचने को मजबूर
इंदौर में गुंडों से परेशान परिवार घर बेचने को मजबूर
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नवजीवन डेस्क

मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर के एक इलाके में नशेड़ी और गुंडों का ऐसा आतंक मचा है कि वहां के कई परिवार पलायन को मजबूर हैं। वो मकान तक बेचने का मन बना चुके हैं। उन्होंने अपने मकानों के बाहर बाजाप्ता पोस्टर लगा दिया है, जिस पर लिखा है- 'मेरा घर बिकाऊ है।'

मामला इंदौर के राजेंद्र नगर इलाके का है। यहां के ट्रेजर टाउन में बनी गरीबों की बस्ती में रहने वाले गुंडागर्दी और नशे के कारोबारियों से परेशान हैं। इन लोगों का आतंक इतना है कि यहां रहने वाले कई परिवार अपने को असुरक्षित पा रहे हैं और हर पल, हर दिन उन्हें आशंकाएं सताए रहती हैं। यही कारण है कि कई परिवार अपने मकान छोड़कर यहां से जा चुके हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में लगभग 300 परिवार निवास करते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में किराएदार भी हैं। यहां के निवासी बढ़ती आपराधिक गतिविधियों से परेशान हैं और पुलिस को भी हालातों से अवगत करा चुके हैं। उसके बाद भी सुधार नहीं आया है। लोगों का आरोप है कि इस इलाके में पुलिस गश्त पूरी तरह बंद है और इसी का कुछ लोग लाभ उठा रहे हैं।


स्थाानीय लोगों के अनुसार, यहां के युवा नशाखोरी करते हैं और चोरी आदि की वारदात को अंजाम देने के साथ महिलाओं और बच्चों से छेड़छाड़ भी करते हैं। इस इलाके के छोटे बच्चों पर भी इसका असर पड़ रहा है। इससे परेशान होकर कई परिवार यहां से पलायन कर गए हैं और कई परिवारों ने अपने मकान बेचने का मन बना लिया है। इसीलिए मकान के बाहर 'मेरा घर बिकाऊ है' पोस्टर लगा दिया है।

क्षेत्र के डीसीपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि ट्रेजर टाउन में अधिकांश विस्थापित लोग हैं। क्षेत्र में समस्याएं सामने आई हैं। वहां के लोगों की जो परेशानी है, उसके निराकरण के लिए प्रशासन की ओर से शिविर लगाए जाएंगे। उनकी समस्याओं को सुना जाएगा और उनके निराकरण की दिशा में पहल की जाएगी। लोगों से पूछा जाएगा कि उनकी मूल समस्या क्या है। अगर वे अपराधी, नशा करने वालों से परेशान हैं तो उस दिशा में पहल होगी। अगर उनकी मूलभूत समस्या है तो उसका भी निराकरण किया जाएगा। साथ ही किराएदारों का भी ब्योरा तैयार किया जाएगा।

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