बिहार: ‘सुशासन बाबू’ के राज में फिर मॉब लिंचिंग, पशु चोरी के आरोप में युवक की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या

पिछले महीने बिहार में पुलिस मुख्यालय में दर्ज आंकड़ों के मुताबिक, ढाई महीने में मॉब लिंचिंग की 39 घटनाएं दर्ज की गई थीं, जिनमें 14 लोगों की पीट-पीटकर हत्या, जबकि 45 घायल हुए थे। इन घटनाओं में 348 नामजद और 4000 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया

नवजीवन डेस्क

बिहार में दोषियों को सरेआम हिंसक भीड़ द्वारा सजा देने की घटनाएं नहीं रुक रही हैं। पटना जिले के मोकामा थाना क्षेत्र में एकबार फिर हिंसक भीड़ द्वारा कथित तौर पर मवेशी (पालतू पशु) चोरी के आरोप में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर देने का मामला प्रकाश में आया है।

पुलिस के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि सोमवार रात बरहपुर गांव के रहने वाले कुछ युवक पालतू पशु चोरी करने की नियत से मोर गांव गए थे।

ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि इसी दौरान खूंटे में बंधे गाय, बैल को खोलने के क्रम में मचे शोर पर पशुपालकों की नींद खुल गई और उन लोगों ने चोरों को दौड़ाना शुरू कर दिया।

ग्रामीणों ने एक चोर को पकड़ लिया जबकि अन्य संदिग्ध चोर भागने में कामयाब रहे। ग्रामीणों ने पकड़े गए एक कथित आरोपी व्यक्ति की लाठी, डंडे से जमकर पिटाई कर दी। सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों के चंगुल से घायल युवक को बचाया और उसे इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल ले गई, जहां घायल युवक की मौत हो गई।

मोकामा की सहायक पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह के मुताबिक मृतक की पहचान बरहपुर गांव के मतलू बिंद के रूप में की गई है। उन्होंने कहा कि मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस घटना में संलिप्त 12 से 15 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है और जांच जारी है।

हालांकि बिहार में भीड़ द्वार पीट-पीट कर हत्या किए जाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी बच्चा चोरी के शक में और बाकी घटनाओं में कई लोगों की हत्या की जा चुकी है। पिछले महीने बिहार में पुलिस मुख्यालय में दर्ज आंकड़ों के मुताबिक, ढाई महीने के दौरान मॉब लिंचिंग में 14 लोगों की पीट-पीटकर हत्या हुई थी, जबकि 45 घायल हुए थे। इस दौरान मॉब लिंचिंग की 39 घटनाएं दर्ज की गई थीं। पुलिस के मुताबिक, इन घटनाओं में 348 नामजद और 4000 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

लोकप्रिय