राम के नाम पर पिटाई: अब असम में ‘जय श्रीराम’ का नारा न लगाने पर तीन मुस्लिम युवकों को पीटा

फखरुद्दीन अली अहमद मेडिकल कॉलेज के पास स्थित ज्योति गांव इलाके में सुबह के समय चार बाइक सवार एक मेडिकल स्टोर पर पहुंचे, और वहां काम करने वाले एक मुस्लिम युवक और पास के ही दो अन्य मुस्लिम युवकों पर ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाने का दबाव बनाने लगे।

फोटो: सोशल मीडिया 
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नवजीवन डेस्क

बीजेपी शासित प्रदेशों में भगवान के नाम पर मुस्लिम लोगों की पिटाई की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। असम में ‘जय श्रीराम’ के नाम पर मुस्लिम युवकों की पिटाई का मामला सामने आया है। घटना असम के बारपेटा जिले की है, जहां उपद्रवियों ने तीन मुस्लिम युवकों को ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाने के लिए मजबूर किया और जब उन्होंने इस बात का विरोध किया तो उपद्रवियों ने उनके साथ मारपीट की।

जानकारी के मुताबिक फखरुद्दीन अली अहमद मेडिकल कॉलेज के पास स्थित ज्योति गांव इलाके में सुबह के समय चार बाइक सवार एक मेडिकल स्टोर पर पहुंचे, जहां रकीबुल हक नाम का एक शख्स कम करता है। आरोप है कि बाइक सवार लोगों ने रकीबुल के साथ गाली-गलौच और मारपीट की।

वेस्ट बारपेटा ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष, जाकिर हुसैन ने कहा, "उपद्रवियों ने कुर्बान खान और बुरान अली को भी पकड़ लिया, जो पास की एक चीय की दुकान पर काम करते थे, और बगैर किसी वजह के उन्हें गालियां देने लगे और उनकी पिटाई की। बाद में उन्होंने तीनों को ‘जय श्रीराम’ बोलने के लिए मजबूर किया।”

सूचन पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने उपद्रवियों की बाइक जब्त कर ली है, जबकि आरोपी भागने में कामयाब रहे। पुलिस ने कहा, "हमने इस संबंध में एक एफआईआर दर्ज की है और जांच शुरू कर दी है। दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।"

बता दें कि अभी दो सप्ताह पहले कुछ मुस्लिम युवकों को ‘जय श्रीराम’ बोलने के लिए मजबूर करने पर एक युवक को गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा अभी कुछ दिन पहले ही पश्चिम बंगाल में एक मदरसा शिक्षक पर कुछ लोगों ने ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाने आरोप लगाया और ऐसा न करने पर उसे चलती ट्रेन से धक्का दे दिया। उधर कानपुर में भी गुरूवार देर रत एक मुस्लिम ऑटो चालाक को ‘जय श्रीराम’ न कहने पर कुछ लोगों ने उसे सार्वजनिक शौचालय में बंद करके ईंटों से मारा था।

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