ग्रेटर नोएडा गायिका हत्याकांड : 2 कांट्रैक्ट किलर, लिव-इन-पार्टनर सहित 6 गिरफ्तार  

रोज रोज की समस्या को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए गजेंद्र ने भाड़े के शार्प शूटर्स से सुषमा को एक अक्टूबर को गोलियों से भुनवा डाला। सुषमा की जान लेने वाली घटना से चंद दिन पहले ही इन्हीं कॉंट्रैक्ट किलर्स ने सुषमा पर बुलंदशहर इलाके में भी हमला किया था।

फोटो : आईएएनएस
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ग्रेटर नोएडा की रागिनी गायिका, सुषमा नेकपुर हत्याकांड में पुलिस ने रविवार को भाड़े के दो शार्प शूटरों और महिला के लिव-इन-पार्टनर सहित कुल छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी से लगभग साफ हो गया है कि संबंधों में शक, लालच और अति महत्वाकांक्षी होना ही रागिनी गायिका की हत्या की वजह बना।

इस सनसनीखेज हत्याकांड की वजह स्वयं सुषमा निकली। वारदात का मास्टमाइंड निकला उसका लिव-इन-पार्टनर। उसी ने सुषमा की फर्माइशों से आजिज आकर उसे जिंदगी से निकाल फेंकने का षड्यंत्र रच डाला। भाड़े के शार्प शूटरों से सुषमा को कत्ल करवा कर। यह अलग बात है कि सुषमा से मुक्ति पाने के लिए उसने जो षड्यंत्र रचा, उसमें वह खुद भी फंस गया।

इस मामले में पुलिस ने मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हुए दो आरोपी शार्प शूटरों सहित छह लोगों को रविवार को गिरफ्तार कर लिया। गौतमबुद्ध नगर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण ने बताया, "ठेके पर सुषमा का कत्ल करने वाले शार्प शूटरों में से एक का नाम मुकेश निवासी जोलीगढ़ थाना अगौता जिला बुलंदशहर और दूसरे का नाम संदीप निवासी थोरा थाना जेवर जिला गौतमबुद्ध नगर है।"

एसएसपी के मुताबिक, बाकी गिरफ्तार षड्यंत्रकारियों में कत्ल का मास्टमाइंड सुषमा का लिव-इन-पार्टनर गजेंद्र भाटी भी शामिल है। गजेंद्र के साथ पुलिस ने उसके विश्वासपात्र कार चालक अमित, अमित के चचेरे भाई अजब सिंह, गजेंद्र भाटी के दोस्त प्रमोद महसाना को भी गिरफ्तार किया है।

दोनो शार्प शूटरों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। दोनों के पैरों में गोलियां लगी हैं। एसएसपी ने सुषमा नेकपुर हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये की नकद धनराशि देकर सम्मानित करने की भी घोषणा की है।

वैभव कृष्ण ने बताया, "13 फरवरी, 2018 को सुषमा नेकपुर के तानों और डिमांड्स से कुपित होकर गजेंद्र भाटी ने भी आत्महत्या की नाकाम कोशिश की थी। उसके बाद कुछ दिन तक हालात सामान्य रहे। बाद में सुषमा अपने बेटे के लिए जमीन में हिस्सेदारी और अन्य तरह तरह की मांगें फिर करने लगी।"

रोज रोज की समस्या को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए गजेंद्र ने भाड़े के शार्प शूटर्स से सुषमा को एक अक्टूबर को गोलियों से भुनवा डाला। सुषमा की जान लेने वाली घटना से चंद दिन पहले ही इन्हीं कॉंट्रैक्ट किलर्स ने सुषमा पर बुलंदशहर इलाके में भी हमला किया था।

उस घटना में सुषमा के साथ उसका भाई व कुछ और लोग जान बचाकर भाग निकलने में कामयाब रहे थे। उस नाकामी से ठेके पर हत्या की सुपारी लेने वाले हतोत्साहित नहीं हुए। उन्होंने गजेंद्र भाटी से वायदा किया कि हर हाल में वे अब की बार शिकार को कत्ल करके ही मुंह दिखाएंगे।

एसएसपी के मुताबिक, "वारदात में इस्तेमाल एक कार और भी जब्त कर ली गई है। जिन दोनों कातिलों ने वारदात को अंजाम दिया, उन पर कई थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन्हीं शार्प शूटरों के साथ रविवार शाम बीटा-2 पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान, दोनों ओर से गोलियां चलीं। पुलिस की गोलियां लगने से ये बदमाश मौके पर ही पकड़ लिए गए।"

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