UP: यूट्यूब देखकर नकली नोट बनाना सीखा और लगे छापने, पर ऐसे चढ़े पुलिस के हत्थे

आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने बताया कि आरोपी शालू ने यूटयूब से नकली नोट बनाने की कला सीखी। भाई विजय का साथी साहिल से जान पहचान बढ़ गई तो उससे नकली नोट छापने की योजना के बारे में बताया।

फोटो: IANS
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नवजीवन डेस्क

ग्रेटर नोएडा में सुरजपुर पुलिस ने नकली नोट छापने वाले 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से लगभग 6 हजार रुपए के नकली नोट बरामद किए हैं। इनके कब्जे से पुलिस ने नकली नोट छापने का सामान भी बरामद किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी गांजे की तस्करी से भी जुड़े थे। इनके कब्जे से 300 ग्राम गांजा और गांजा बेचकर प्राप्त किए गए 10,490 रुपए और चोरी की बाइक भी बरामद की है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर उन्हे जेल भेज दिया है। दरअसल, सूरजपुर कोतवाली पुलिस को बीट पुलिसिंग तथा लोकल इंटेलीजेंस से गोपनीय जानकारी मिली थी कि क्षेत्र में नकली नोट छापने तथा सप्लाई करने का गोरखधंधा चल रहा है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए साहिल कुमार उर्फ सुन्दर उर्फ संजू (27) निवासी जौनपुर और शालू (19) निवासी कानपुर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी वर्तमान में सूरजपुर कस्बे में ही रह रहे थे।

डीसीपी रामबदन सिंह ने बताया कि आरोपी साहिल कुमार उर्फ सुन्दर उर्फ संजू और शालू शातिर किस्म का अपराधी है। वह पूर्व में भी जेल जा चुका है। दूसरे आरोपी शालू का भाई विजय तथा साहिल एक साथ जेल में बंद थे। जेल में ही विजय और साहिल की दोस्ती हो गयी और एक दूसरे के घर आना जाना हो गया। इस दौरान शालू की साहिल से मुलाकात हुई थी।


शालू ने साहिल से नकली नोट छापने और बाजार में चलाने की योजना बनाई। शालू भी शराब बनाने के आरोप में जेल जा चुका था। शालू कानपुर से आकर अपनी माता और भाई के पास ग्राम देवला में तथा साहिल किराये का कमरा लेकर कस्बा सूरजपुर में रहने लगा। शालू और साहिल ने मिलकर अमेजन से 13,500 का कलर प्रिंटर, प्रिंटर में प्रयुक्त स्याही तथा नकली नोट छापने के लिए पेपर खरीदे। दोनों आरोपी मिलकर नकली नोट छापने लगे। पुलिस ने बताया कि आरोपी अधिकांशत: सौ सौ रुपए के नोट छापते थे। इन नोटों को बाजार में सामान खरीदने में चलाते थे। इन नोटों को बाजार में चलाना आसान होता था। इसके अतिरिक्त छुट्टे रूपयों के रूप में भी इन नकली नोटों को आरोपी बाजार में चलाते थे।

आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने बताया कि आरोपी शालू ने यूटयूब से नकली नोट बनाने की कला सीखी। भाई विजय का साथी साहिल से जान पहचान बढ़ गई तो उससे नकली नोट छापने की योजना के बारे में बताया। साहिल भी शालू की इस योजना में शामिल होने के लिए तैयार हो गया। पुलिस ने बताया कि शालू और साहिल अपने साथी मोनू निवासी सूरजपुर के साथ मिलकर बाइक चोरी की घटनाओं को भी अंजाम दे रहे थे। उन्होंने हाल ही में सूरजपुर कोर्ट के पास से एक बाइक चोरी की थी। आरोपी शालू पूर्व में नकली शराब बनाने के अपराध में तथा साहिल गांजा तस्करी आदि में जेल जा चुका है। इनके साथी मोनू के खिलाफ कई थानों में लूट,चोरी, गांजा और अवैध शराब तस्करी से सम्बंधित मामले दर्ज हैं। वर्तमान में मोनू जेल में निरुद्ध है।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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