योगी की पुलिस का नया कारनामा, चोरी की कार का इस्तेमाल करता पाया गया एसएचओ

इस अनोखे कारनामे के सामने आने पर पुलिस के आला अधिकारी भी सकते में हैं। कानपुर रेंज के इंस्पेक्टर जनरल मोहित अग्रवाल ने पूरी घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने पर स्टेशन अधिकारी को विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

फोटोः IANS
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नवजीवन डेस्क

अक्सर अपने कारनामों के लिए चर्चा में रहने वाली उत्तर प्रदेश पुलिस फिर एक बार अपनी हरकतों से चर्चा में है। इस बार मामला कानपुर का है, जहां के बिठूर पुलिस स्टेशन के एसएचओ को दो साल पहले 2018 में चोरी गई एक कार का इस्तेमाल करते हुए पाया गया है। खास बात ये है कि इस एसएचओ का नाम कौशलेंद्र प्रताप सिंह हैं, जो पिछले साल 3 जुलाई को बिकरू गोलीकांड के दौरान घायल हुए पुलिसकर्मियों में से एक थे।

यह मामला तब सामने आया जब कार के मालिक ओमेंद्र सोनी को एक सर्विस सेंटर से फोन आया। सेंटर ने उनकी वैगन आर कार की सर्विसिंग पर उनकी प्रतिक्रिया मांगने के लिए फोन किया था।
इसके बाद जब सोनी सर्विस सेंटर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि कार को एसएचओ को लौटा दिया गया है। उन्हें बताया गया कि फीडबैक कॉल उनके पिछले कार सेवा रिकॉर्ड के आधार पर किया गया था।

कार मालिक ओमेंद्र सोनी ने पत्रकारों को बताया कि उनकी कार बर्रा इलाके से दिसंबर 2018 में चोरी हो गई थी और उन्होंने वहां के पुलिस थाने में इसकी शिकायत भी दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा कि कार बरामद होने पर बर्रा पुलिस को सूचित करना चाहिए था। इस बीच, आरोपी एसएचओ ने कहा कि उन्हें कार परित्यक्त हालत में मिली थी और इसे जब्त कर लिया गया था। उन्होंने आगे सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया।

इस अनोखे कारनामे के सामने आने पर पुलिस के आला अधिकारी भी सकते में हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए कानपुर रेंज के इंस्पेक्टर जनरल मोहित अग्रवाल ने पूरी घटना की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने पर स्टेशन अधिकारी को विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

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