यूपी में गैंगरेप की शिकायत दर्ज कराने गई नाबालिग से पुलिस थाने में रेप, पीड़िता और उसके परिजनों से मिले अखिलेश

उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में एक नाबालिग लड़की जब गैंंगरेप की शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंची तो वहां भी कथित तौर पर उसके साथ रेप किया गया। 13 साल की पीड़िता ने थाने के एसएचओ पर रेप का आरोप लगाया है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

उत्तर प्रदेश पुलिस पर एक बार फिर से सवालों के घेरे में है। घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है। दरअसल राज्य के ललितपुर जिले में एक नाबालिग लड़की जब गैंंगरेप की शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंची तो वहां भी कथित तौर पर उसके साथ रेप किया गया। 13 साल की पीड़िता ने थाने के एसएचओ पर रेप का आरोप लगाया है। इसके बाद एसएचओ तिलकधारी सरोज को गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में थानाध्यक्ष समेत 6 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। 13 वर्षीया किशोरी ने आरोप लगाया है कि पहले 4 लोगों ने उसके साथ गैंगरेप किया और फिर जब वह अपनी शिकायत लेकर थाने पहुंची तो थानाध्यक्ष ने थाने के अंदर उसके साथ बलात्कार किया। पुलिस स्टेशन के सभी अन्य पुलिसकर्मियों को पहले ही ड्यूटी से हटा दिया गया है। डीआईजी लेवल की जांच केस में हो रही है और उनसे 24 घंटे में रिपोर्ट देने को कहा गया है।

इस बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आज ललितपुर पहुंचे और रेप पीड़िता के साथ ही उसके परिजनों से मुलाकात की है। मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने कहा, 'मैं रेप पीड़िता की मां से मिलकर आया हूं। मां ने बताया कि उनकी बेटी को कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। शुरू में पुलिस ने मामले में सुनवाई नहीं की। मामले में पुलिस दोषी है।' उन्होंने आगे कहा कि, 'जिससे उम्मीद की जाती है, उनसे न्याय मिलेगा अगर वही पुलिस उस बेटी के साथ ऐसी घटना करे तो सोचिए हम किस दौर में हैं। अब बीजेपी की सरकार बताए पुलिस स्टेशन पर बुलडोज़र चलेगा की नहीं चलेगा?'


बता दें कि ललितपुर जिले के पाली थाना इंचार्ज सहित 6 लोगों पर एक 13 वर्षीय नावालिग किशोरी के साथ सामूहिक रेप का आरोप लगा है। मामले में चाइल्ड लाइन की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक ने गंभीरता दिखाते हुए पाली थाना इंचार्ज तिलक धारी सरोज सहित 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज करावाया था।

पुलिस अधीक्षक निखिल पाठक के अनुसार, पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत रहने वाली एक 13 वर्षीय किशोरी को उसके ही गांव में रहने वाले 4 लड़के 22 अप्रैल को बहला फुसलाकर भोपाल ले गये, जहां जाकर उसके साथ तीन दिनों तक सामूहिक रेप की घटना को अंजाम दिया गया। तीन दिन बाद चारों आरोपियों ने नाबालिग किशोरी को पाली थाने में पहुंचाकर थाना इंचार्ज के सुपुर्द कर फरार हो गये थे।


एसपी ने आगे बताया, 'इसके बाद थाना इंचार्ज पाली ने नाबालिग पीड़ित को उसकी मौसी के साथ चाइल्ड लाइन भेज दिया, दो दिन बाद उसे थाने में बुलाया गया, जहां पाली थाना इंचार्ज ने बयान लेने के बहाने नाबालिग किशोरी को एक कमरे में ले जाकर बलात्कार की घटना को अंजाम दिया।'

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Published: 04 May 2022, 7:47 PM