मध्य प्रदेश में किसका राज? ग्वालियर में पत्रकार का अपहरण, बुरी तरह पीटा गया, फिर मारी गई गोली

पुलिस ने बताया कि पीड़ित की पत्‍नी ने पहले कथित तौर पर मारपीट में शामिल एक युवक के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। पुलिस को संदेह है कि हमलावर बदला लेने या पत्रकार से पैसे ऐंठने की कोशिश कर रहे होंगे।

मध्य प्रदेश में के ग्वालियर में पत्रकार का अपहरण, बुरी तरह पीटा गया, फिर मारी गई गोली।
i
user

नवजीवन डेस्क

google_preferred_badge

मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में शनिवार को एक क्षेत्रीय समाचार चैनल से जुड़े पत्रकार का अपहरण कर लिया गया, उसे बुरी तरह पीटा गया और फिर गोली मार दी गई। हालांकि, वह भागने में सफल रहा और अब एक अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। पीड़ित की पहचान शिवम आर्य के रूप में हुई है, जो ग्वालियर के हजीरा इलाके का निवासी है। कथित तौर पर शनिवार सुबह करीब 6 बजे उनके घर से उनका अपहरण कर लिया गया था।

अपहरणकर्ता उन्हे शिकारपुरा गांव ले गए और वहां उसे एक पहाड़ी पर स्थित एक कमरे में बंद कर दिया। खबरों के मुताबिक, उन्होंने उसे शराब पीने के लिए मजबूर किया। शिकारपुरा से अपहरणकर्ता उन्हे दतिया जिले के निकट स्थित ग्वालियर जिले की एक तहसील डबरा ले गए, जहां उन्हे और अधिक शारीरिक उत्पीड़न और दुर्व्यवहार का शिकार होना पड़ा।

बाद में, दोपहर में अपहरणकर्ताओं में से एक ने एक अज्ञात व्यक्ति को वीडियो कॉल किया। फिर अपहरणकर्ता आर्य को गोली मारने के लिए आगे बढ़े, पहली गोली उसकी कनपटी को छूती हुई निकल गई। दूसरी गोली उसकी जांघ में लगी। हालांकि, जब अपहरणकर्ता एक और राउंड के लिए बंंदूक को फिर से लोड कर रहा था, आर्य ने साहस जुटाकर उनमें से एक को एक तरफ धकेल दिया और मौके से भाग गया।

भागकर करीब एक किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद उसने एक स्थानीय व्यक्ति को पूरी कहानी बताई। जल्द ही पुलिस सतर्क हो गई और पत्रकार को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक, उनकी खोपड़ी में फंसी एक गोली को सर्जरी करके निकाल दिया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।


पुलिस ने बताया कि आर्य की पत्‍नी ने पहले कथित तौर पर मारपीट में शामिल एक युवक के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। पुलिस को संदेह है कि हमलावर बदला लेने या पत्रकार से पैसे ऐंठने की कोशिश कर रहे होंगे। ग्वालियर के एसपी राजेश चंदेल ने कहा, "हमने मामले की जांच शुरू कर दी है और अब तक तीन संदिग्धों की पहचान कर ली गई है। हम अपराध के पीछे के मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।"

Google न्यूज़व्हाट्सएपनवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia