दुनिया की सबसे 'प्रतिभाशाली' एआई साइंटिस्ट में से एक थी सूचना, आखिर उसने अपने बच्चे की गला दबाकर हत्या क्यों की?

इस सनसनीखेज मामले की अब तक की जांच से पता चला है कि आरोपी बेंगलुरु स्थित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्ट-अप कंपनी की सीईओ 39 वर्षीय सूचना सेठ लंबे समय से अपराध की योजना बना रही थी।

फोटो: IANS
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आईएएनएस

चार साल के एक लड़के के शव को उसके पिता द्वारा ले जाते हुए दिल दहला देने वाले विजुअल्स आज भी लोगों के जेहन में ताजा हैं। लोगों को यह बात समझ नहीं आ रही थी कि लड़के की हत्या उसकी सीईओ मां ने की थी। ऊपर से इस अमानवीय कृत्य के पीछे का मकसद लोगों को हैरान कर गया।

इस सनसनीखेज मामले की अब तक की जांच से पता चला है कि आरोपी बेंगलुरु स्थित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्ट-अप कंपनी की सीईओ 39 वर्षीय सूचना सेठ लंबे समय से अपराध की योजना बना रही थी। वह बिल्कुल नहीं चाहती थी कि उसका बेटा अपने पिता और उसके तलाकशुदा पति को देखे।

पुलिस सूत्रों ने यह भी बताया कि सूचना कथित तौर पर अपने बेटे से नफरत करने लगी थी क्योंकि उसका चेहरा उसके पिता से मिलता जुलता था, जो उसे लगातार उसकी याद दिलाता था।

पुलिस इस नतीजे पर पहुंची है कि यह एक पूर्व नियोजित कृत्य था और हत्यारन मां ने उसे कफ सिरप पिलाया था ताकि बच्चा उसका गला दबाकर हत्या करते समय विरोध न कर सके। इस घटनाक्रम ने समाज में चिंता पैदा कर दी है और एक मां के अपने ही बच्चे की हत्यारी बनने पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

सूचना अपने ही कृत्य से स्तब्ध होने से पहले अपने करियर के चरम पर थी। वह एक एआई नैतिकता विशेषज्ञ और डेटा वैज्ञानिक थीं, जिनके पास डेटा विज्ञान टीमों को सलाह देने और स्टार्टअप और उद्योग अनुसंधान प्रयोगशालाओं में मशीन लर्निंग समाधानों को स्केल करने का 12 सालों से ज्यादा का अनुभव था।


सूचना 'एआई एथिक्स लिस्ट 2021 में 100 प्रतिभाशाली महिलाओं' में थीं और डेटा एंड सोसाइटी में मोजिला फेलो, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में बर्कमैन क्लेन सेंटर में फेलो और रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट में रिसर्च फेलो थीं। उनके पास प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण में पेटेंट भी है।

सूचना ने इस उपलब्धि के बाद गर्व से अपनी प्रोफाइल पर लिखा, ''मैं एआई एथिक्स में महत्वपूर्ण कार्य करने वाली महिलाओं के इस अविश्वसनीय समूह का हिस्सा बनकर उत्साहित और बेहद सम्मानित महसूस कर रही हूं!''

उनकी सफलता के लिए सोशल मीडिया पर उनके पोस्ट पर बधाई संदेशों की बाढ़ आ गई। हालांकि, मामला सामने आते ही सब कुछ बदल गया। एक कमेंट में कहा गया, "तुम्हें शर्म आनी चाहिए, डिस्गस्टिंग लेडी।"

''अगर वह अपने पति से खुश नहीं है, तो, उसे अपने बेटे को क्यों मारना पड़ा? यह अकल्पनीय है और इसकी गहन जांच की आवश्यकता है। यहां तक कि उच्च शिक्षा भी आपको एक अच्छा इंसान नहीं बना सकती, यह सिद्ध है।"

जांच में और भी चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। जब बच्चे के शव वाला सूटकेस खोला गया तो सूचना ने कोई भाव या प्रतिक्रिया नहीं दी। उसने शव को कपड़ों से ढक दिया था।

उसने गोवा से बेंगलुरु के लिए 30,000 रुपये में टैक्सी भी फाइनल कर ली थी और जल्दी से चल पड़ी। बेलगावी के चोरला घाट में दुर्घटना के कारण चार घंटे तक जाम लगा रहा। जाम न होता तो आरोपी बेंगलुरु पहुंच गई होती।

जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी के पास 6 से 10 जनवरी तक की बुकिंग थी। उसने 8 जनवरी को अपने बेटे की हत्या कर दी और 12.30 बजे चेकआउट कर दिया। अब, पुलिस को संदेह है कि बेंगलुरु पहुंचने के बाद आरोपी सूटकेस को अपने वाहन में स्थानांतरित करने और शव को ठिकाने लगाने की योजना बना रही थी। लेकिन, उसकी योजना विफल रही और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।


सूचना ने दावा किया था कि उसने अपने बेटे को अपने पिता से वीडियो कॉल पर बात करने से रोकने के लिए उसके चेहरे पर तकिया दबाकर उसे बेहोश करने का प्रयास किया और बच्चे की दम घुटने से मौत हो गई।

बाद में उसने दावा किया कि उसने अपने हाथ काटकर आत्महत्या करने का प्रयास किया, लेकिन, असफल रही। इस स्थिति में क्या किया जाए, यह समझ में नहीं आ रहा था, उसने शव को एक सूटकेस में भर दिया और होटल से बाहर चली गई। सूचना ने कबूल किया था कि वह नहीं चाहती थी कि उसका बेटा अपने पिता से बात करे।

प्रारंभिक जांच से पता चला है कि अदालत से मुलाकात का अधिकार दिए जाने के बाद उसने अपने पूर्व पति को बच्चे तक पहुंच से वंचित करने के लिए अपराध किया था। वेंकटरमण इंडोनेशिया के जकार्ता में एक प्रतिष्ठित कंपनी में काम करते थे।

बता दें कि गोवा पुलिस ने अपने कर्नाटक समकक्षों के साथ समन्वय में, सेठ को गोवा के एक सर्विस अपार्टमेंट में अपने चार वर्षीय बेटे की कथित तौर पर हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया।

घटना तब सामने आई जब हाउसकीपिंग स्टाफ को उस कमरे में खून के धब्बे मिले जिसमें वह रुकी थी। चेक आउट करने के बाद आरोपी बेंगलुरु जाने के लिए एक बड़ा सूटकेस लेकर निकली थी।

जब वह टैक्सी में चढ़ रही थी, तो होटल के जिस कर्मचारी ने उसके बेटे को देखा था, उसने बच्चे के बारे में पूछताछ की। आरोपी ने स्टाफ को बताया कि उसे उसके रिश्तेदार के यहां भेज दिया गया है और वह होटल से चली गई।


होटल से जानकारी मिलने के बाद, गोवा पुलिस को टैक्सी ड्राइवर का संपर्क नंबर मिला और जैसे ही उसने राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक पुलिस स्टेशन देखा, उसे रुकने के लिए कहा। टैक्सी चालक ने इमंगला पुलिस स्टेशन के पास वाहन रोक दिया। गोवा पुलिस ने अपने कर्नाटक समकक्षों को घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी। पुलिस को बच्चे का शव कार की डिग्गी में सूटकेस के अंदर मिला।

सूचना की प्रोफाइल पर टिप्पणी करने वाले कई लोगों ने माता-पिता बनने से पहले महिलाओं और पुरुषों को पालन-पोषण के लिए परामर्श देने की आवश्यकता जताई, गर्भावस्था से पहले विचारशील विचार के महत्व पर जोर दिया। एक टिप्पणी में कहा गया, "अगर आपकी प्राथमिकता सूची में अन्य चीजें हैं, तो प्रेग्नेंसी की न सोचें।"

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