गोरखपुर का बीआरडी अस्पताल फिर बना मासूमों की कब्रगाह 

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 42 बच्चों की मौत पिछले 48 घंटों के दौरान हुई, जिसमें से 7 बच्चों की मौत इंसेफ्लाइटिस महामारी की वजह से हुई।

फोटो: Getty images
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हे प्रभु! ये अगस्त का महीना जल्द खत्म क्यों नहीं हो रहा है। यूपी के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कुछ दिनों पहले ही कहा था कि इस मौसम या महीने में अक्सर बच्चों की मौत होती है। एक बार फिर से गोरखपुर का बीआरडी कॉलेज बच्चों की मौत को लेकर सुर्खियों में है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बच्चों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 42 बच्चों की मौत पिछले 48 घंटों के दौरान हुई जिसमें से 7 बच्चों की मौत इंसेफ्लाइटिस महामारी की वजह से हुई।

अस्पताल अधिकारियों के मुताबिक, 27 से 29 अगस्त के बीच अस्पताल में 61 बच्चों की मौत हुई। एक बार फिर से इतनी बड़ी संख्या में बच्चों की हुई मौतों से मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज सफाई देने में जुट गया। मेडिकल कॉलेज का कहना है कि सभी मृतकों का आंकड़ा एकबारगी पेश करके भ्रम फैलाया जा रहा है। इनमें ऐसे भी मरीज थे, जिन्हें इन्सेफलाइटिस नहीं था। इस बीच यूपी एसटीएफ ने गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल राजीव मिश्रा और उनकी पत्नी पूर्णिमा शुक्ला को कानपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है।

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल पीके सिंह ने बताया कि अगस्त महीने में 290 बच्चों की मौत हो चुकी है। इस महीने की शुरुआत में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इंसेफलाइटिस से पीड़ित 70 से ज्यादा बच्चों की मौत हुई थी। इस हादसे के लिए ऑक्सीजन की कमी को जिम्मेदार बताया गया था। प्रदेश सरकार की लापरवाही पर उंगलियां उठीं तो उन्होंने तरह-तरह के बहाने बनाए। मुख्यमंत्री समेत पूरी सरकार अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने में लगी रही और दूसरों पर आरोप लगाती रही। अब ऐसा लगता है कि उस हादसे से यूपी सरकार और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कोई सबक नहीं लिया, वरना कोई वजह नहीं थी कि फिर से बीआरडी अस्पताल में इतने बच्चों की मौत होती।

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Published: 30 Aug 2017, 1:13 PM