अर्थ जगत की 5 बड़ी खबरें: शेयर बाजार में कोरोना का कोहराम, दिसंबर तिमाही में यस बैंक को हुआ भारी घाटा

इस साल घरेलू शेयर बाजार के लिए एक ‘ब्लैक मंडे’ साबित हुआ 16 मार्च का दिन। इससे पहले 9 मार्च को बाजार ने ऐतिहासिक गिरावट देखी थी। यस बैंक ने दिसंबर 2019 की समाप्त तिमाही के आंकड़े जारी कर दिए हैं। इस तिमाही के दौरान यस बैंक को 18,564 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

शेयर बाजार में कोरोना का कोहराम, साल दूसरी बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 2713 और निफ्टी 757 अंक लुढ़का

इस साल घरेलू शेयर बाजार के लिए एक 'ब्लैक मंडे' साबित हुआ 16 मार्च का दिन। इससे पहले 9 मार्च को बाजार ने ऐतिहासिक गिरावट देखी थी। पिछले सोमवार को बजार ने एक दिन में इतिहास की सबसे बड़ी इंट्राडे की 2467 अंकों की गिरावट देखी। आज यानी 16 मार्च को एक बार फिर सेंसेक्स और निफ्टी भारी गिरावट के साथ बंद हुए। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 2713.41 अंकों की गिरावट के साथ 31,390.07 पर और निफ्टी 757.80 अंकों की गिरावट के साथ 9,197.40 पर बंद हुआ। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सुबह 1000.24 अंकों की गिरावट के साथ 33,103.24 पर खुला और 2713.41 अंकों या 7.96 फीसदी की गिरावट के साथ 31,390.07 पर बंद हुआ। दिन भर के कारोबार में सेंसेक्स ने 33,103.24 के ऊपरी स्तर और 31,276.30 के निचले स्तर को छुआ। शेयर बाजार में इस साल की ये 8वीं बड़ी और दूसरी सबसे बड़ी गिरावट है।

दिसंबर तिमाही में यस बैंक को हुआ भारी घाटा, एनपीए में भी इजाफा

यस बैंक ने दिसंबर 2019 की समाप्त तिमाही के आंकड़े जारी कर दिए हैं। इस तिमाही के दौरान यस बैंक को 18,564 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। यस बैंक का ये अब तक का सबसे बुरा तिमाही नतीजा है। शनिवार को जारी किए गए आंकड़ों से सामने आया कि यस बैंक की गैर-निस्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) दिसंबर तिमाही में बढ़कर 18.87 फीसदी हो गया हैं। इससे पिछली सितंबर तिमाही में यस बैंका एनपीए 7.39 फीसदी था।

हालांकि बैंक ने दिसंबर 2018 के दौरान 1000 करोड़ रुपये का लाभ कमाया था। वहीं पिछले साल की सितंबर तिमाही में बैंक को 629 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। एनपीए के अलावा बैंक के पास अनिवार्य रूप से रखी जाने वाली नकदी में भी गिरावट देखने को मिली है।

डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ रुपया

डॉलर के मुकाबले रुपया सोमवार को 15 पैसे की कमजोरी के साथ 74.06 पर खुलने के बाद 74.15 रुपये प्रति डॉलर पर बना हुआ था। फेड के फैसले के बाद शेयर बाजारों में आई गिरावट के कारण रुपये में कमजोरी आई है। पिछले सप्ताह रुपया 74.50 के निचले स्तर तक गिरने के बाद संभला था और 73.91 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। उधर, अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में कटौती के फैसले के बाद डॉलर में कमजोरी आने के कारण डॉलर इंडेक्स पिछले सत्र के मुकाबले 0.37 फीसदी की कमजोरी के साथ 98.53 पर बना हुआ था। डॉलर इंडेक्स यूरो, पौंड समेत दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत का सूचक है। डॉलर के मुकाबले यूरो 0.09 फीसदी की बढ़त के साथ 1.1115 पर बना हुआ था।

YES बैंक खाताधारकों के लिए अच्छी खबर, 18 मार्च से बिना लिमिट निकाल सकेंगे पैसा

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास का कहना है कि कोरोना वायरस से भारतीय इकोनॉमी ग्रोथ को भी झटका लगेगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक कोरोना का अर्थव्यवस्था पर कम असर पड़े उसपर काम कर रहा है। शक्तिकांत दास ने कहा कि येस बैंक के ग्राहकों को राहत देने के लिए बड़ी तेजी से काम किया जा रहा है। बुधवार से येस बैंक से पैसा निकालने के लिए लगाई गई रोक हटा दी जाएगी। यानी ग्राहकों अपने खातों से 50 हजार रुपये से ज्यादा निकाल पाएंगे। ये पाबंदी बुधवार की शाम 6 बजे खत्म हो जाएगी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि येस बैंक में डिपॉजिट करने वाले ग्राहकों के पैसे बिल्कुल सुरक्षित है, उन्हें किसी तरह से घबराने की जरूरत नहीं है। येस बैंक का नया बोर्ड 26 मार्च से कामकाज संभालेगा।

लगातार 5वें दिन घटे पेट्रोल, डीजल के दाम

पेट्रोल और डीजल के दाम में सोमवार को लगातार पांचवें दिन गिरावट का सिलसिला जारी रहा। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में नरमी रहने से आगे भी देश के उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल की महंगाई से राहत मिलती रहेगी क्योंकि बीते दो सप्ताह में बेंचमार्क कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड का भाव तकरीबन 20 डॉलर प्रति बैरल टूटा है। तेल कंपनियों ने सोमवार को पेट्रोल के दाम में दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में 16 पैसे जबकि चेन्नई में 17 पैसे प्रति लीटर कटौती की। वहीं, डीजल की कीमत में दिल्ली और कोलकाता में 15 पैसे जबकि मुंबई और चेन्नई में 16 पैसे की कटौती की गई है।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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