अर्थ जगत की 5 बड़ी खबरें: लॉकडाउन से सुस्त पड़ी ऑनलाइन डिलीवरी और ग्राहक परेशान और शहरों में आटे की किल्लत

देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति दुरुस्त करने को लेकर सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में अनाज मंडियां बंद होने के कारण शहरों में आटे की किल्लत हो गई है।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया
user

नवजीवन डेस्क

गेहूं की आपूर्ति नहीं होने से शहरों में आटे की किल्लत

देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति दुरुस्त करने को लेकर सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में अनाज मंडियां बंद होने के कारण शहरों में आटे की किल्लत हो गई है, लेकिन गांवों में ऐसी समस्या नहीं है। कारोबारियों ने बताया कि गांवों में किसानों के पास खुद का गेहूं है और पीडीएस के तहत लोगों को मिलने वाला अनाज भी कुछ मात्रा में बाजार में आ जाता है, जिसके कारण वहां गेहूं की आपूर्ति की समस्या नहीं है। लेकिन संपूर्ण दक्षिण भारत समेत देश के बड़े शहरों में स्थित मिलों को गेहूं की आपूर्ति मुख्य रूप से मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से होती है, जहां की अनाज मंडियां बंद पड़ी हैं, जिसके कारण शहरों में आटे की किल्लत हो गई है।

देश की राजधानी दिल्ली में गेहूं का आटा बिना पैकेट का जहां 26 रुपये प्रति किलो उपभोक्ताओं को मिलता था, वहां आज उसकी कीमत 30 रुपये प्रति किलो हो गई है।

कोविड-19 : मारुति की बिक्री मार्च में 47 फीसदी घटी

कोविड-19 के कारण देशभर में लगे लॉकडाउन के बीच देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने बुधवार को कहा कि मार्च 2020 में उसकी बिक्री 47 प्रतिशत घटकर 83,792 इकाई रह गई। मार्च 2019 में कंपनी ने कुल 1,58,076 वाहन बेचे थे। अगर दोनों आंकड़ों की तुलना की जाए तो मार्च 2020 की बिक्री के आधार पर 47 प्रतिशत की कमी आई है।

कंपनी ने कहा कि इस महीने के दौरान उसकी घरेलू बिक्री 76,976 इकाइयों में दर्ज की गई, जो पिछले साल की समान अवधि में बेची गई 1,47,613 (यूनिट) की तुलना में 47.9 प्रतिशत कम है। कोरोनावायरस संकट और देशव्यापी लॉकडाउन के मद्देनजर परिचालन स्थगित करने के कारण इस महीने में बड़े स्तर पर बिक्री प्रभावित हुई है।

लॉकडाउन से सुस्त पड़ी ऑनलाइन डिलीवरी, ग्राहक परेशान

राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन को एक सप्ताह हो गया है और इस दौरान बिगबास्केट और ग्रोफर्स जैसे ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफार्मों को कर्मचारियों की कमी के कारण डिलीवरी पहुंचाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफार्मों को लॉकडाउन के 24 मार्च मध्यरात्रि से लागू होने से पहले ही काफी ऑर्डर प्राप्त हुए थे, जिन्हें इन कंपनियों को पूरा करना है।

केंद्र के साथ-साथ स्थानीय अधिकारियों के आश्वासन के बाद, पिछले सप्ताह ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफार्मों ने उपयोगकर्ताओं को अगले चार से पांच दिनों में उसकी सेवाओं के सुव्यवस्थित होने का आश्वासन दिया था। मगर लॉकडाउन की वजह से कंपनी अपनी डिलीवरी प्रक्रिया को पूरा नहीं कर पा रही हैं।

सरकार ने बीपीसीएल के लिए बोली लगाने की समयसीमा 13 जून तक बढ़ाई

सरकार ने कोविड-19 से उत्पन्न मौजूदा स्थिति के मद्देनजर देश की दूसरी सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी और रिटेलर भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (बीपीसीएल) की रणनीतिक विनिवेश प्रक्रिया को एक महीने के लिए टाल दिया है। इच्छुक बोलीकर्ताओं द्वारा एक्सप्रेशन आफ इंट्रेस्ट (ईओआई) या अभिरुचि पत्र जमा करने की तारीख को 13 जून तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। यह समय सीमा पहले दो मई रखी गई थी। इसके अलावा बोली लगाने वालों को अब अपने लिखित प्रश्न को प्रारंभिक सूचना ज्ञापन (पीआईएम) पर भेजना होगा। लिखित प्रश्न पूछे जाने की समयसीमा अब 16 मई कर दी गई है, जबकि पूर्व में यह चार अप्रैल थी।

सेंसेक्स 1200 अंक लुढ़का, निफटी में 4 फीसदी की गिरावट

कोरोना के कहर से बने निराशाजनक माहौल में बिकवाली के भारी के चलते बुधवार को बंबई स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1200 अंक से ज्यादा लुढ़ककर 28,265 पर जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख संवेदी सूचकांक निफ्टी चार फीसदी टूटकर 8,254 के करीब बंद हुआ।

कोरोनावायरस के गहराते प्रकोप और विदेशों से मिले कमजोर संकेतों से नये वित्त वर्ष 2020-21 के पहले दिन घरेलू शेयर बाजार में चैतरफा बिकवाली के दबाव में प्रमुख संवेदी सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स पिछले सत्र से 1,203 अंकों यानी 4.08 फीसदी की गिरावट के साथ 28,265.31 पर बंद हुआ और निफ्टी 343.95 अंकों यानी चार फीसदी की गिरावट के साथ 8,253.80 पर रूका।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

लोकप्रिय