आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार को एक और झटका, अब विश्व बैंक ने घटाया भारत की विकास दर का अनुमान

इससे पहले क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने 2019 के लिए आर्थिक मोर्च पर भारत को झटका दिया था। मूडीज ने भारत के जीडीपी ग्रोथ का आंकड़ा घटा दिया था। मूडीज के मुताबिक, भारत की जीडीपी ग्रोथ 6.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

देश की बिगड़ी अर्थव्यवस्था के बीच केंद्र की मोदी सरकार को आर्थिक मोर्चे एक और झटका लगा है। विश्व बैंक ने भारत की विकास दर का अनुमान घटा दिया है। विश्व बैंक ने भारत की विकास दर घटाकर 6 फीसदी कर दी है। 2018-19 में भारत की विकास दर 6.9 प्रतिशत रही थी।

विश्व बैंक ने कहा है कि लगातार दूसरे साल भारत की विकास दर की रफ्तार गिरी है। 2017-18 में यह 7.2 प्रतिशत थी, जो 2018-19 में घटकर 6.8 फीसदी हो गई। साउथ एशिया इकोनॉमिक फोकस के लेटेस्ट एडिशन में विश्व बैंक ने यह भी कहा कि साल 2021 में भारत विकास दर 6.9 प्रतिशत फिर से रिकवर कर सकता है।

इससे पहले क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने 2019 के लिए आर्थिक मोर्च पर भारत को झटका दिया था। मूडीज ने भारत के जीडीपी ग्रोथ का आंकड़ा घटा दिया था। मूडीज के मुताबिक, भारत की जीडीपी ग्रोथ 6.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। मूडीज ने इससे पहले भारत की इकॉनमी को 6.8 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद जताई थी। लेकिन बाद में उसने मूडीज ने जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 0.6 प्रतिशत कम कर दिया। इसके साथ ही 2020 के लिए जीडीपी ग्रोथ दर के अनुमान को 7.30 से घटाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया।

मूडीज की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि अर्थव्यवस्था में आई सुस्ती ने एशियाई निर्यात पर प्रतिकूल असर डाला है, और कारोबार का अनिश्चित माहौल निवेश पर भारी पड़ा है। इससे पहले जापान की ब्रोकरेज कंपनी नोमुरा ने भी जून की तिमाही में देश की जीडीपी ग्रोथ 5.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया था।

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