Budget 2026: करदाताओं के लिए क्या बदलेगा? TDS से लेकर ITR तक सरकार ने किए ये बड़े बदलाव

Budget 2026 में करदाताओं के लिए कई बड़े बदलाव किए गए हैं। TDS प्रक्रिया को आसान बनाने, ITR फाइलिंग की समयसीमा बढ़ाने, TCS रेट घटाने और NRI प्रॉपर्टी बिक्री से जुड़े नियमों में संशोधन जैसे अहम ऐलान किए गए हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
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नवजीवन डेस्क

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए करदाताओं और निवेशकों के लिए कई अहम बदलावों का ऐलान किया है। वित्त मंत्री ने साफ किया कि सरकार का उद्देश्य टैक्सपेयर्स को बार-बार दफ्तरों के चक्कर से मुक्त करना और नियम आधारित ऑटोमेटेड सिस्टम के जरिए पारदर्शिता बढ़ाना है।

छोटे करदाताओं के लिए नई TDS व्यवस्था

बजट में छोटे करदाताओं के लिए एक नई और बड़ी सुविधा की घोषणा की गई है। अब कम या शून्य टीडीएस (Lower या Nil TDS) के लिए अलग से असेसिंग ऑफिसर के पास आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।

सरकार एक नियम आधारित स्वचालित प्रणाली (Rule Based Automated Process) लाने जा रही है, जिसके तहत योग्य करदाता सीधे डिजिटल तरीके से TDS डिडक्शन सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकेंगे। इससे समय और कागजी कार्रवाई दोनों की बचत होगी।


निवेशकों के लिए आसान होगा Form 15G और 15H का झंझट

जिन निवेशकों के पास एक से ज्यादा कंपनियों की सिक्योरिटीज हैं, उनके लिए भी प्रक्रिया आसान की गई है। अब डिपॉजिटरीज सीधे निवेशक से फॉर्म 15G या फॉर्म 15H स्वीकार कर सकेंगी और इन्हें संबंधित कंपनियों तक खुद भेजेंगी

इससे निवेशकों को हर कंपनी के पास अलग-अलग फॉर्म जमा कराने की परेशानी से छुटकारा मिलेगा।

नया इनकम टैक्स एक्ट कब से होगा लागू?

सरकार ने यह भी साफ किया है कि नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। इस नए कानून का उद्देश्य मौजूदा जटिल टैक्स कानूनों को सरल बनाना और टैक्स सिस्टम को ज्यादा स्पष्ट व समझने योग्य बनाना है।


शिक्षा और स्वास्थ्य पर टैक्स बोझ कम

बजट 2026 में शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े खर्चों को राहत देने के लिए

TCS (Tax Collected at Source) की दर घटा दी गई है।

  • पहले TCS: 5%

  • अब TCS: 2%

इस फैसले से विदेश में पढ़ाई या इलाज कराने वालों को सीधा फायदा मिलेगा।

रिवाइज्ड रिटर्न भरने वालों को ज्यादा समय

अब टैक्सपेयर्स को रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के लिए ज्यादा समय मिलेगा। सरकार ने नाममात्र की फीस के साथ अतिरिक्त समय देने का प्रावधान किया है, ताकि गलती होने पर करदाता बिना डर के अपनी आयकर रिटर्न में सुधार कर सकें।


ITR फाइलिंग की नई समयसीमा

बजट में आयकर रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन भी स्पष्ट कर दी गई है-

ITR-1 और ITR-2 फाइल करने वाले:

  • अंतिम तिथि 31 जुलाई

नॉन-ऑडिट बिजनेस केस और ट्रस्ट्स:

  • अंतिम तिथि 31 अगस्त

इससे अलग-अलग श्रेणी के करदाताओं को बेहतर योजना बनाने का समय मिलेगा।

NRI प्रॉपर्टी बिक्री पर TDS नियम बदले

एनआरआई द्वारा प्रॉपर्टी बेचने से जुड़े TDS नियमों में भी अहम बदलाव किया गया है। अब TDS की कटौती निवासी खरीदार करेगा और इसके लिए TAN लेना जरूरी नहीं होगा, जो पहले अनिवार्य था। इससे रियल एस्टेट लेन-देन में प्रक्रिया और आसान हो जाएगी।

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