कांग्रेस का सीतारमण पर हमला, कहा- वित्त मंत्री ने छोड़ा जुमले का गोला, क्या मंदी की वजह उबर और ओला

कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने वितमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा कि अर्थशास्त्र के इस नए ज्ञान में देश के बहुत बड़े ऑटोमोबाइल सेक्टर में मंदी का जिम्मेदार ओला और उबर को ठहराया जा रहा है। वित्तमंत्री का यह अविश्वसनीय बयान बीजेपी शासन की नाकाबिलियत, अपरिपक्वता और अनुभवहीनता को दर्शाता है।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया
user

नवजीवन डेस्क

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन के ओला-ऊबर से आई मंदी को लेकर दिए बयान पर कांग्रेस ने हमला बोला है। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा है कि ऑटो सेक्टर में मंदी के लिए ओला-उबर को जिम्मेदार ठहराना वित्त मंत्री की अपरिपक्वता दर्शाता है।

उन्होंने आगे कहा कि अर्थशास्त्र के इस नए ज्ञान में देश के बहुत बड़े ऑटोमोबाइल सेक्टर में मंदी का जिम्मेदार ओला और उबर को ठहराया जा रहा है। वित्तमंत्री का यह अविश्वसनीय बयान बीजेपी शासन की नाकाबिलियत, अपरिपक्वता और अनुभवहीनता को दर्शाता है।

उन्होंने आगे कहा, “मुझे यकीन है कि वित्त मंत्री ऐसा नहीं करेंगी, जो उनको वास्तव में करना चाहिए। इसलिए मैं मोदी जी से ही उनकी इस टिप्पणी को वापस लेने और राष्ट्र से उनके लिए माफी मांगने का अनुरोध कर सकता हूं।”

उन्होंने आगे कहा, “ओला-उबर कई वर्षों से इस देश में है। ये भी पता है कि मंदी कुछ समय से चल रही है। फिर ये उबर-ओला का कारण अचानक कहां से आया।”


अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि वित्तमंत्री के इस तर्क के अनुसार 10 प्रश्न खड़े होते हैं। भले ही प्रश्न मजाकिया लगे, परन्तु देश की आर्थिक स्थिति बेहद गंभीर अवस्था में है

1.युवा पीढ़ी की मानसिकता और ओला-उबर इसके लिए जिम्मेदार है

2.. रिएलस्टेट में मंदी के लिए मिलेनियल्स जिम्मेदार हैं, क्योंकि वो किराए के घरों में रहना पसंद कर रहे हैं।

3..वित्त मंत्री के तर्क के अनुसार लोग और युवा पीढ़ी, जो रहने के लिए किराए के घर को प्राथमिकता दे रहे हैं, वो रियल एस्टेट में मंदी के जिम्मेदार हैं यदि वित्त मंत्री का तर्क सही है तो, गृहिणियों द्वारा अधिक व्यय और फिजूलखर्ची वित्तीय घाटे के लिए समान रूप से जिम्मेदार है

4. अगर वित्त मंत्री के तर्क को माना जाए तो पारिवारिक व्यवसायों के विकास के कारण बेरोजगारी बढ़ रही है और इसलिए ही, 2012-13 के मुकाबले 2017-18 में 90 लाख श्रमिक कम हो गए

5. इसी तरह वित्त मंत्री के तर्क के आधार पर गिरते रुपए के लिए यूएसए का विकास और वृद्धि जिम्मेदार है। इसमें सरकार/एनडीए या अर्थव्यवस्था की गलती नहीं है, बल्कि यूएसए की गलती है

6.अगर वित्त मंत्री के तर्क को सच मान लिया जाए तो, क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां बेईमान हैं और वो भारत को खराब रेटिंग कर रही हैं। यह हमारी गलती नहीं है। हमारी आर्थिक स्थिति मजबूत है

7. वित्त मंत्री के हास्यास्पद तर्क के अनुसार तो, हमारा निर्यात इसलिए नीचे जा रहा हैं, क्योंकि स्वदेशी की बात करने वाले इसके लिए जिम्मेदार हैं। हमारे निर्यात में कोई गड़बड़ नहीं है

8. वित्त मंत्री के तर्क के अनुसार हमारा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश इसलिए गिर गया, क्योंकि साहूकार और उधार देने वाले स्थानीय लोगों का काम बढ़ गया है

9. वित्त मंत्री के तर्क के हिसाब से गिरती जीडीपी के लिए वार्षिक बजट और आर्थिक सर्वेक्षण का मसौदा तैयार करने वाले वित्त मंत्रालय के शोधकर्ता जिम्मेदार हैं। जीडीपी सरकार की गलती नहीं है, बल्कि शोधकर्ता अलग-अलग तरीके इस्तेमाल कर रहे हैं

10. अब अगर वित्त मंत्री के तर्क को सही माना जाए तो, स्टॉक मार्केट में 17 साल की सबसे बड़ी गिरावट के लिए भूकंप के झटके जिम्मेदार हैं न कि आर्थिक स्थिति

इसके बाद कांग्रेस ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से चार सवाल पूछे।

1.समाधान के बजाय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की रुचि मजाक उड़ाने में क्यों है?

2.10 बड़े सेक्टर में मंदी के बावजूद जादू की किस छड़ी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री देश की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन तक ले जाएंगे

3.पिछले एक साल से बदहाल ऑटो सेक्टर की बेहतरी के लिए क्या कदम उठाए जाने हैं?

4.हर मुद्दे पर देश को संबोधित करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन मुद्दों पर मौन क्यों हैं?


देश की अर्थव्यवस्था की हालत खस्ता है। ऐसे में मोदी सरकार और उसके मंत्रियों से जनता सवाल पूछ रही है। जनता द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में मोदी के मंत्री ऊलजलूल बयान दे रहे हैं। ऑटो सेक्टर पर पड़ी मंदी की मार को लेकर मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऑटो सेक्टर में मंदी के लिए ओला-उबर को जिम्मेदार ठहराया था। उस बयान से केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी दो कदम और आगे निकल गए। नितिन गडकरी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के ओला-उबर वाले बयान का बचाव करते हुए कहा कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट बेहतर करने का असर भी गाड़ियों की खरीद पर पड़ा है।

इसे भी पढ़ें: वित्त मंत्री के ‘ओला-उबर’ वाले बयान से दो कदम आगे निकले गडकरी, गिरती अर्थव्यवस्था में ई रिक्शा को भी घसीटा

ऑटो इंडस्ट्री की बुरी हालत पर निर्मला का तर्क, बोली- ओला उबर है कारण, कांग्रेस पूछा-फिर ट्रक क्यों नहीं बिक रहे

नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia


Published: 11 Sep 2019, 8:29 PM