अर्थतंत्र की खबरें: वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच शेयर बाजार सपाट बंद और रुपया फिर टूटा
अमेरिका-ईरान सीजफायर को लेकर अनिश्चितता के कारण जोखिम की भावना में गिरावट आई, जिससे निफ्टी50 और सेंसेक्स सुस्त सत्र के बाद अपने दिन के उच्चतम स्तर से नीचे फिसल गए।

पश्चिम एशिया में जारी तनावों के बीच वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के चलते हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार मामूली बढ़त के साथ सपाट बंद हुआ। दिन के कारोबार में घरेलू बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा।
बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 26.76 अंक या 0.03 प्रतिशत बढ़कर 78,520.30 पर था, तो वहीं एनएसई निफ्टी50 11.30 (0.05 प्रतिशत) की मामूली बढ़त के साथ 24,364.85 पर था।
दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 78,632.90 स्तर पर खुलकर 78,942.45 का इंट्रा-डे हाई और 78,203.30 का लो बनाया। जबकि निफ्टी 24,391.50 पर खुलकर 24,480.65 का दिन का हाई और 24,241.25 लो छुआ।
अमेरिका-ईरान सीजफायर को लेकर अनिश्चितता के कारण जोखिम की भावना में गिरावट आई, जिससे निफ्टी50 और सेंसेक्स सुस्त सत्र के बाद अपने दिन के उच्चतम स्तर से नीचे फिसल गए।
यही कारण रहा कि व्यापक बाजार सूचकांक शुरुआती बढ़त के बाद लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.18 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.45 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
वहीं सेक्टरवार बात करें तो निफ्टी मीडिया, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी ऑटो, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में तेजी देखने को मिली, जबकि निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी मेटल, निफ्टी फार्मा निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी आईटी में बिकवाली का दबाव रहा।
भारत-कोरिया के बीच डिजिटल पेमेंट सिस्टम के एकीकरण पर समझौता, लोकल क्यूआर कोड से कर सकेंगे भुगतान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। बैठक के बाद दोनों देशों के नेताओं ने संयुक्त बयान दिया। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली ने कहा कि बढ़ती मांगों को देखते हुए भारत में कोरिया फाउंडेशन और कोरियन एजुकेशन सेंटर के तहत हम कोरियन भाषा और स्टडी प्रोग्राम को भी बढ़ावा देंगे।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने कहा, "भारत के लोगों और पीएम मोदी, मैं आपकी पहल और मुझे और मेरे डेलीगेशन को दी गई गर्मजोशी भरी मेहमाननवाजी के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जो सबसे तेजी से आगे बढ़ रहा है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के तौर पर 8 साल में पहली बार आपके देश का स्टेट विजिट करके मुझे बहुत खुशी हो रही है।"
उन्होंने कहा, "आज, पीएम और मैंने अपने संबंधों को और आगे बढ़ाने के तरीकों पर गहरी बातचीत की और वैश्विक और क्षेत्री मामलों पर अपने विचार शेयर किए। दुनिया की सबसे बड़ी आबादी और दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ, भारत वैश्विक दक्षिण में एक नेता के तौर पर उभरा है। आपके 'विकसित भारत 2047' विजन के तहत भारत बहुत अच्छा विकास कर रहा है। रिपब्लिक ऑफ कोरिया भी चिप-बिल्डिंग, सेमीकंडक्टर और कल्चरल इंडस्ट्रीज में एक लीडर के तौर पर उभरा है।"
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने कहा, "अनिश्चितता के इस दौर में हम इस बात पर सहमत हैं कि भारत और कोरिया आपसी विकास और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर सहयोग के लिए सबसे अच्छे पार्टनर हो सकते हैं। हम शिप बिल्डिंग, एआई, वित्त और रक्षा जैसी रणनीतिक उद्योग में सहयोग बढ़ाने और कल्चर और लोगों के बीच लेन-देन को बढ़ावा देने पर भी सहमत हुए हैं।"
उन्होंने कहा, "हमारा मकसद भारत और साउथ कोरिया के बीच अभी के 25 बिलियन डॉलर के सालाना ट्रेड वॉल्यूम को 2030 तक बढ़ाकर लगभग 50 बिलियन डॉलर करना है।"
रुपया 19 पैसे कमजोर होकर 93.10 प्रति डॉलर पर
पश्चिम एशिया में फिर से तनाव बढ़ने के बीच अमेरिकी डॉलर की मांग में तेजी और कच्चे तेल में मजबूती रहने से सोमवार को रुपया शुरुआती बढ़त गंवाकर 19 पैसे टूटकर 93.10 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर गतिरोध बने रहने से वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हुई है और ईरान एवं अमेरिका के बीच ताजा टकराव के कारण डॉलर की मांग बढ़ने से रुपये पर दबाव बना रहा।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 92.73 पर खुला और कारोबार के दौरान 92.70 के उच्च स्तर तक गया। हालांकि कारोबार के दौरान रुपये ने 93.24 प्रति डॉलर के निचले स्तर को भी छुआ।
कारोबार के अंत में रुपया 93.10 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से 19 पैसे की कमजोरी दर्शाता है।
इससे पहले शुक्रवार को रुपया 28 पैसे मजबूत होकर 92.91 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था, जबकि उससे एक दिन पहले बृहस्पतिवार को इसमें 19 पैसे की बढ़त दर्ज की गई थी।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, "मजबूत डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण रुपया कमजोर हुआ है। अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से निकट अवधि में रुपये में कमजोरी का रुख रह सकता है।" उन्होंने कहा कि डॉलर-रुपया विनिमय दर 93 से 93.60 प्रति डॉलर के दायरे में रह सकती है।