अर्थतंत्र की खबरें: बैंकिंग, रिलायंस के शेयरों में आई तेजी और US इन्फ्लेशन डेटा आते ही सोने-चांदी की कीमतों में उछाल
च्चे तेल के दाम में नरमी के बीच बैंक, आईटी तथा रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में भारी लिवाली से मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 1,534 अंक चढ़कर तीन सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया जबकि निफ्टी 23,000 अंक के करीब पहुंच गया।

घरेलू शेयर बाजार में बृहस्पतिवार को तेजी आई। कच्चे तेल के दाम में नरमी के बीच बैंक, आईटी तथा रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में भारी लिवाली से मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 1,534 अंक चढ़कर तीन सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया जबकि निफ्टी 23,000 अंक के करीब पहुंच गया।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 1,533.72 अंक चढ़कर 74,315.61 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 1,548.4 अंक चढ़कर 74,330.29 अंक तक पहुंच गया था।
एनएसई निफ्टी भी 374.65 अंक यानी 1.66 प्रतिशत चढ़कर 22,997.35 अंक पर बंद हुआ। यह निफ्टी का 25 सितंबर के बाद उच्चतम स्तर है।
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में टेक महिंद्रा का शेयर सबसे अधिक 4.61 प्रतिशत चढ़ा। इसके अलावा आईसीआईसीआई बैंक में 4.17 प्रतिशत, भारती एयरटेल में 2.94 प्रतिशत, इटर्नल में 2.77 प्रतिशत, एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 2.58 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक में 2.51 प्रतिशत और टीसीएस में 2.28 प्रतिशत की तेजी रही।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 4.03 प्रतिशत उछला। उसकी दूरसंचार और डिजिटल सेवा इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया है। इससे ऊपरी स्तर पर करीब 30,213 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं। इसके साथ यह देश का अबतक का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये अंकित मूल्य वाले अधिकतम 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। यह निर्गम बुधवार, 21 अक्टूबर को खुलेगा और शुक्रवार, 23 अक्टूबर को बंद होगा।
सेंसेक्स में शामिल भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, ट्रेंट और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में गिरावट रही।वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.34 प्रतिशत टूटकर 103.6 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
बेरोजगारी दर सितंबर में पांच प्रतिशत पर स्थिर रही : सरकारी सर्वेक्षण
देश में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की बेरोजगारी दर सितंबर, 2026 में पांच प्रतिशत पर स्थिर रही। बृहस्पतिवार को जारी सरकारी सर्वेक्षण में यह जानकारी दी गई। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) के अनुसार, अगस्त, 2026 की तुलना में सितंबर में बेरोजगारी दर में कोई बदलाव नहीं हुआ। बेरोजगारी दर सितंबर, 2025 में 5.2 प्रतिशत थी।
ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर सितंबर में मामूली रूप से बढ़कर 4.2 प्रतिशत हो गई, जो अगस्त में 4.1 प्रतिशत थी। वहीं, शहरी क्षेत्रों में यह 6.8 प्रतिशत से बढ़कर 6.9 प्रतिशत रही। ग्रामीण बेरोजगारी दर सितंबर, 2025 में 4.6 प्रतिशत और शहरी बेरोजगारी दर 6.8 प्रतिशत थी।
सर्वेक्षण के अनुसार, सितंबर, 2026 में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के पुरुषों में बेरोजगारी दर 4.9 प्रतिशत पर स्थिर रही, जबकि जून, 2026 के बाद से इसमें गिरावट या स्थिरता का रुख बना हुआ है।
महिलाओं में बेरोजगारी दर सितंबर में मामूली बढ़कर 5.2 प्रतिशत रही, जो अगस्त में 5.1 प्रतिशत थी। ग्रामीण महिलाओं में यह दर 3.9 प्रतिशत रही, जो 2026 में अबतक का सबसे निचला स्तर है। वहीं, शहरी महिलाओं में बेरोजगारी दर 8.9 प्रतिशत से बढ़कर 9.2 प्रतिशत हो गई।
सर्वेक्षण के अनुसार, पिछले साल की समान अवधि की तुलना में पुरुषों और महिलाओं, दोनों में बेरोजगारी दर घटी है। ग्रामीण महिलाओं में यह दर 2026 के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई।
एनएसओ का पीएलएफएस श्रम बल की भागीदारी तथा रोजगार और बेरोजगारी की स्थिति से जुड़े आंकड़ों का प्रमुख स्रोत है।
यह मासिक सर्वेक्षण देश भर में 3,70,513 लोगों से जुटाई गई जानकारी पर आधारित हैं।
सर्वेक्षण के अनुसार, सितंबर, 2026 में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर) 55.5 प्रतिशत रही। यह सितंबर, 2025 की तुलना में 0.2 प्रतिशत अधिक है।
रुपया 12 पैसे की बढ़त के साथ 95.05 प्रति डॉलर पर
रुपये में बृहस्पतिवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी जारी रही और यह अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 12 पैसे मजबूत होकर 95.05 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के विदेशी मुद्रा बाजार में लगातार किए जा रहे संरचनात्मक हस्तक्षेपों के असर के बीच घरेलू मुद्रा को समर्थन मिला।
कारोबारियों ने रुपये में लगातार आ रही मजबूती का श्रेय केंद्रीय बैंक के हस्तक्षेप और डॉलर में तेजी की उम्मीद पर लगाए गए सौदों को वापस लेने को दिया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.95 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 94.86 के उच्च स्तर तक गया और 95.11 के निचले स्तर तक आया। कारोबार के अंत में रुपया 95.05 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा, जो पिछले बंद भाव से 12 पैसे की बढ़त है।
रुपया बुधवार को 19 पैसे मजबूत होकर 95.17 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
पिछले पांच कारोबारी सत्रों में रुपये में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले कुल 183 पैसे की तेजी आई है।
खुदरा महंगाई अक्टूबर में छह प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमानः इंडिया रेटिंग्स
इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रतिकूल तुलनात्मक आधार, मौसम और ईंधन कीमतों में उछाल के कारण अक्टूबर में देश की थोक मुद्रास्फीति 12 प्रतिशत से अधिक और खुदरा मुद्रास्फीति छह प्रतिशत के पार जा सकती है।
रेटिंग एजेंसी के मुताबिक, प्रतिकूल तुलनात्मक आधार प्रभाव की वजह से फरवरी, 2027 तक थोक कीमतों पर दबाव बना रह सकता है और थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति दहाई अंक में रह सकती है।
इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के मुख्य अर्थशास्त्री देवेंद्र कुमार पंत ने कहा, “अक्टूबर के महीने में थोक मुद्रास्फीति 12 प्रतिशत से अधिक जबकि खुदरा महंगाई छह प्रतिशत के पार जा सकती है। हालांकि, पश्चिम एशिया संकट का समाधान होने पर महंगाई थोड़ा कम भी रह सकती है।”
उन्होंने कहा कि मौजूदा सख्त मौद्रिक नीति चक्र में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) नीतिगत दरों में 0.50 से 0.75 प्रतिशत तक की वृद्धि कर सकता है।
थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति सितंबर में बढ़कर 11.39 प्रतिशत पर पहुंच गई, जबकि अगस्त में यह 9.92 प्रतिशत थी। वहीं, खुदरा महंगाई सितंबर में बढ़कर 23 महीने के उच्च स्तर 5.54 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो अगस्त में 4.83 प्रतिशत थी।
रेटिंग एजेंसी ने कहा कि थोक मुद्रास्फीति पर ईंधन कीमतों, विशेषकर पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बदलाव का तत्काल असर पड़ता है। इसके विपरीत, खुदरा महंगाई पर सरकार के करों एवं शुल्कों में बदलाव और पेट्रोल पंप पर ईंधन की कीमतों का असर पड़ता है। इसके अलावा रुपये में कमजोर रुख ने भी महंगाई बढ़ाने में योगदान दिया है।
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