अर्थजगत की खबरें: कैम्पबेल विल्सन होंगे एयर इंडिया के नये प्रमुख, जापान के सॉफ्टबैंक को 13 अरब डॉलर का घाटा

बैंकिंग, वित्त और धातु क्षेत्र में जबरदस्त बिकवाली के दबाव में गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार में कोहराम मच गया, जिससे बीएसई 1,158 अंक की गिरावट में बंद हुआ। केंद्र की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल महीने में खुदरा महंगाई दर 7.79 प्रतिशत के स्तर पर रही।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

कैम्पबेल विल्सन होंगे एयर इंडिया के नये सीईओ और एमडी

सिंगापुर एयरलाइंस की किफायती विमानन सेवा कंपनी स्कूट के प्रमुख कैम्पबेल विल्सन को एयर इंडिया का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक (एमडी) नियुक्त किया गया है। विल्सन पिछले 26 साल से विमानन उद्योग में हैं। पहले तुर्की एयरलाइंस के प्रमुख इल्कर आयसी को एयर इंडिया का सीईओ नियुक्त किया गया था। इल्कर ने लेकिन एक मार्च को टाटा संस का यह ऑफर ठुकरा दिया।

टाटा के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन ने विज्ञप्ति में कहा है कि एयर इंडिया को विल्सन के अनुभव का लाभ मिलेगा। विल्सन ने कहा कि एयर इंडिया दुनिया की सबसे बेहतर एयरलाइन बनने के रोमांचक सफर पर है। यह कंपनी विश्व स्तरीय उत्पाद तथा सेवा ऑफर करती है। यह ग्राहकों को अद्भुत अनुभव देते हैं, जो भारतीयों की गर्मजोशी तथा सेवा भावना का परिचायक है। उन्होंने कहा कि वह एयर इंडिया का हिस्सा बनने को लेकर उत्साहित हैं। जनवरी 2022 में एयर इंडिया की कमान टाटा संस ने संभाली थी।

सॉफ्टबैंक को 13 अरब डॉलर का घाटा, स्टार्टअप फंडिंग में करेगा कटौती

जापान के सॉफ्टबैंक को 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष में 13.14 अरब डॉलर का बड़ा घाटा उठाना पड़ा है। सॉफ्टबैंक द्वारा गुरुवार को जारी वित्तीय परिणाम के आंकड़ों के अनुसार, उसे गत वित्त वर्ष सबसे अधिक घाटा जनवरी से मार्च 2022 की तिमाही में उठाना पड़ा। अंतिम तिमाही में उसे 16 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ। सॉफ्टबैंक ने आलोच्य वित्त वर्ष के दौरान विजन फंड में 27 अरब डॉलर के नुकसान की बात की है। उसे यह नुकसान टेक कंपनियों कूपांग और दिदि ग्लोबल में निवेश से हुआ है।

सॉफ्टबैंक का 100 अरब डॉलर का विजन फंड 2017 में लॉन्च किया गया था। इसे सऊदी अरब और अबू धाबी का समर्थन प्राप्त है। सॉफ्टबैंक ने जनवरी-मार्च तिमाही में ढाई अरब डॉलर का निवेश किया था जबकि उससे पहले की तिमाही में उसने 10.4 अरब डॉलर का निवेश किया था। गत वित्त वर्ष सॉफ्टबैंक ने स्टार्टअप में 46 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया। सॉफ्टबैंक के घाटे को देखते हुये चालू वित्त वर्ष के दौरान स्टार्टअप में इसका निवेश काफी कम हो सकता है। सॉफ्टबैंक के सीईओ मासायोशी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष स्टार्टअप में निवेश में 50 फीसदी या 75 फीसदी की कटौती की जा सकती है।


अप्रैल में खुदरा महंगाई दर 7.79 प्रतिशत पर पहुंची

अप्रैल महीने में भारत की खुदरा महंगाई दर 7.79 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (सीपीआई) पर आधारित महंगाई दर लगातार चौथे महीने आरबीआई की निर्धारित सीमा से अधिक रही है। सरकार की ओर से गुरुवार को जारी डेटा से पता चलता है कि अप्रैल में भी उपभोक्ता कीमतें उच्च स्तर पर रही। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल माह में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई दर बढ़कर 7.79 प्रतिशत पर जा पहुंची है।

यूक्रेन में चल रहे युद्ध के बीच उच्च ईंधन और खाद्य कीमतों के कारण खुदरा मुद्रास्फीति (महंगाई दर) लगातार चौथे महीने भारतीय रिजर्व बैंक के टागरेट से काफी ऊपर रही है। मार्च में खुदरा महंगाई दर 6.95 फीसदी थी। बता दें कि अप्रैल में खाने-पीने के सामानों में भी काफी तेजी आई है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक द्वारा ट्रैक की गई खुदरा मुद्रास्फीति खुदरा बाजार के नजरिए से कीमतों में बदलाव को मापती है। इसके अलावा, आंकड़ों से पता चलता है कि मार्च में औद्योगिक उत्पादन 1.9 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2022 में 11.3 प्रतिशत बढ़ा है।

शेयर बाजार में मचा कोहराम, सेंसेक्स 1,158 अंक टूटा

बैंकिंग, वित्त और धातु क्षेत्र में हुई जबरदस्त बिकवाली के दबाव में गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार लगातार पांचवें दिन गिरावट में बंद हुये। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 2.1 प्रतिशत यानी 1,158 अंक की गिरावट में 52,930 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 359 अंक यानी 2.2 प्रतिशत की गिरावट के साथ 15,808 अंक पर बंद हुआ।

अमेरिका में महंगाई दर के उच्चतम स्तर पर बने रहने से भी निवेश धारणा कमजोर रही। निवेशक अप्रैल की खुदरा महंगाई दर के उच्चतम स्तर पर बने रहने की संभावना से भी आशंकित रहे। देश की खुदरा महंगाई दर का आंकड़ा गुरुवार शाम जारी हो गया जो 7.79 फीसदी रहा। अडानी पोर्ट्स के शेयरों में सर्वाधिक 5.8 प्रतिशत की गिरावट रही।


फोर्ड इंडिया ने इलेक्ट्रिक वाहन बनाने की योजना रद्द की, कर्मचारी हैरान

फोर्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड अपने दो प्लांट में इलेक्ट्रिक वाहन बनाने की योजना को खत्म कर रही है। यह अपने कर्मचारियों के साथ मुआवजे की बातचीत फिर से शुरू करेगा। फोर्ड इंडिया यूनियन के एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, प्रबंधन ने श्रमिकों से कहा है कि उसकी भारत में इलेक्ट्रिक वाहन बनाने की कोई योजना नहीं है। प्रबंधन ने प्लांट के बंद होने पर श्रमिकों को मुआवजे के भुगतान के लिए उनसे बातचीत करने का आह्वान किया है।

उन्होंने कहा कि मुआवजे की बातचीत रोक दी गई थी क्योंकि कंपनी गुजरात के साणंद और चेन्नई में इलेक्ट्रिक वाहन बनाने की योजना बना रही थी। फोर्ड ने प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम के तहत अपना आवेदन केंद्र सरकार को भेजा था। उनके मुताबिक जून के बाद चेन्नई का प्लांट बंद होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि प्लांट में निर्यात के लिए ईकोस्पोर्ट का निर्माण हो रहा है। इससे पहले सितंबर 2021 में फोर्ड इंडिया ने 2021 की चौथी तिमाही तक गुजरात के साणंद में वाहन असेंबली और 2022 की दूसरी तिमाही तक चेन्नई में वाहन और इंजन निर्माण को बंद करने का फैसला किया था।

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