अर्थतंत्र की खबरें: मौद्रिक नीति से पहले शेयर बाजार में सतर्कता, रुपये की कमजोरी पर संसदीय समिति चिंतित
विशेषज्ञों के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति के नीतिगत दर पर आने वाले फैसले से पहले भी बाजार में सतर्कता का माहौल रहा।

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच घरेलू शेयर बाजार बृहस्पतिवार को उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में लगभग स्थिर बंद हुए। सेंसेक्स में 14 अंक और निफ्टी में 11 अंक की मामूली बढ़त रही।
विशेषज्ञों के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति के नीतिगत दर पर आने वाले फैसले से पहले भी बाजार में सतर्कता का माहौल रहा।
बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 13.84 अंक यानी 0.02 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 74,360.01 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 74,544.24 के ऊपरी और 73,807.30 अंक के निचले स्तर तक गया।
इसी तरह, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 10.95 अंक यानी 0.05 प्रतिशत चढ़कर 23,416.55 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से टाइटन, आईटीसी, टेक महिंद्रा, भारतीय स्टेट बैंक और आईसीआईसीआई बैंक प्रमुख रूप से बढ़त में रहीं। दूसरी तरफ, इन्फोसिस, बजाज फिनसर्व, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचसीएल टेक और अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 5,616.56 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
लाइवलोंग वेल्थ के शोध विश्लेषक हरिप्रसाद के. ने कहा, "कमजोर वैश्विक संकेत, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण बाजार की शुरुआत दबाव में हुई। हालांकि, निचले स्तरों पर खरीदारी आने से सूचकांक नुकसान की भरपाई करने में सफल रहे।"
संसदीय समिति की बैठक में रुपये की कमजोरी, निजी निवेश में सुस्ती पर चिंता
संसद की एक स्थायी समिति की बृहस्पतिवार को हुई बैठक में रुपये में लगातार आ रही गिरावट और देश में निजी निवेश की सुस्ती को लेकर चिंता जताई गई जबकि सरकार ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था चुनौतियों के बावजूद मजबूती के साथ उभर रही है।
वित्त संबंधी स्थायी संसदीय समिति की बैठक में आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर और मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने देश की आर्थिक स्थिति पर प्रस्तुति दी। इस बैठक की अध्यक्षता भर्तृहरि महताब ने की।
महताब ने बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि महंगाई, बढ़ती कीमतें, पश्चिम एशिया में संघर्ष और अपने उद्योगों की सुरक्षा के लिए चीन के हाल के सख्त कदम जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
उन्होंने कहा, “हालांकि अभी कुछ प्रतिकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं, लेकिन इन गंभीर चुनौतियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में उभर रही है।”
महताब ने कहा कि घरेलू बचत और निवेश में वृद्धि जैसे कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं, लेकिन सरकार के पूंजीगत व्यय की गति के अनुरूप निजी निवेश का नहीं बढ़ना चिंता का विषय है।महताब ने कहा कि समिति इस महीने के तीसरे सप्ताह में फिर बैठक करेगी और एक रिपोर्ट तैयार करेगी। इसमें अर्थव्यवस्था के समक्ष मौजूद चुनौतियों के उल्लेख के साथ उनसे निपटने के लिए जरूरी कदमों के बारे में सरकार को सुझाव भी दिए जाएंगे।
डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में आ रही गिरावट पर उन्होंने कहा कि यह भी चिंता का विषय है और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) इसे नियंत्रित करने के लिए कदम उठा रहा है।
रुपया सात पैसे टूटकर 95.83 प्रति डॉलर पर
रुपया बृहस्पतिवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सात पैसे कमजोर होकर 95.83 (अस्थायी) पर बंद हुआ। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बीच ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव और सुरक्षित निवेश की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण घरेलू मुद्रा में यह गिरावट आई।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि पश्चिम एशिया में लंबा खिंचता संकट भारत के लिए एक बड़ा जोखिम है, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है।
बाजार प्रतिभागियों की नजर अब पांच जून को होने वाली भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की समीक्षा पर है। मुद्रास्फीति, वृद्धि दर और रुपये की चाल पर इसका असर पड़ सकता है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय एमपीसी पांच जून को मौद्रिक नीति समीक्षा पेश करेगी।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.70 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान 95.85 के निचले और 95.59 के उच्च स्तर तक गया, और अंत में 95.83 (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से सात पैसे कमजोर है। रुपया बुधवार को 40 पैसे टूटकर 95.76 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.21 प्रतिशत की गिरावट के साथ 99.31 पर रहा।
सोने की चमक बढ़ी, चांदी की कीमतों में मामूली गिरावट
सोने और चांदी की कीमत में गुरुवार को मिलाजुला कारोबार हुआ। इससे सोने का दाम एक बार फिर से 1.56 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम, जबकि चांदी का दाम 2.61 लाख रुपए प्रति किलो के आसपास स्थिर था।
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम 1,050 रुपए बढ़कर 1,56,086 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,55,036 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था।
22 कैरेट सोने की कीमत 1,42,013 रुपए प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1,42,975 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है।
इस दौरान 18 कैरेट सोने की कीमत बढ़कर 1,17,065 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,16,277 रुपए प्रति 10 ग्राम थी।
सोने के उलट चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई। हालांकि, यह सीमित रही।
इससे चांदी का दाम 487 रुपए कम होकर 2,61,088 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,61,575 रुपए प्रति किलो था।
आईबीजेए की ओर से दिन में दो बार सुबह और शाम सोने और चांदी की कीमतों को जारी किया जाता है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का 5 अगस्त 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 1.18 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,60,392 रुपए और चांदी का 3 जुलाई 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 1.42 प्रतिशत की मजबूती के साथ 2,66,700 रुपए पर था।
