अर्थतंत्र की खबरें: सोना 4 हजार रुपए और चांदी 28,000 रुपए से अधिक सस्ती हुई और शेयर बाजार में गिरावट

इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम 4,123 रुपए कम होकर 1,52,502 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,56,625 रुपए प्रति 10 ग्राम था।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

सोना और चांदी खरीदारों के लिए खुशखबरी है,गुरुवार को कीमती धातुओं की कीमतों में फिर भारी कमी देखने को मिली है, जिससे दाम 28,000 रुपए तक कम हो गए हैं।

इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम 4,123 रुपए कम होकर 1,52,502 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,56,625 रुपए प्रति 10 ग्राम था।

22 कैरेट सोने का दाम 1,44,873 रुपए प्रति 10 ग्राम से कम होकर 1,39,692 रुपए प्रति 10 ग्राम था। 18 कैरेट सोने की कीमत 1,18,619 रुपए प्रति 10 ग्राम से कम होकर 1,14,377 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है।

सोने के मुकाबले चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट देखने को मिली है। चांदी का दाम 28,123 रुपए कम होकर 2,54,339 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,82,462 रुपए प्रति किलो था।

हाजिर बाजार के साथ-साथ वायदा बाजार में भी कमजोरी देखी गई है। खबर लिखे जाने के साथ, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के 2 अप्रैल 2026 के कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 1.13 प्रतिशत कम होकर 1,51,318 रुपए हो गई है। चांदी के 5 मार्च 2026 के कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 8.53 प्रतिशत कम होकर 2,45,925 रुपए थी।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी देखी जा रही है। सोने की कीमत 1.28 प्रतिशत कम होकर 4,887 डॉलर प्रति औंस और चांदी की कीमत 7.42 प्रतिशत की कम होकर 78 डॉलर प्रति औंस पर थी।

भारतीय शेयर बाजार लगातार तीन सत्रों की तेजी के बाद गुरुवार को लाल निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 503.76 अंक या 0.60 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 83,313.93 और निफ्टी 133.20 अंक या 0.52 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,642.80 पर बंद हुआ।

बाजार में गिरावट का नेतृत्व डिफेंस शेयरों ने किया, जिसमें एचएएल 4.31 प्रतिशत, डेटा पैटनर्स 3.63 प्रतिशत और साइएंट डीएलएम 3.34 प्रतिशत की कमजोरी के साथ टॉप लूजर्स थे।

सूचकांकों में निफ्टी इंडिया डिफेंस 2.10 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 1.02 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.82 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग और निफ्टी कंजप्शन इंडेक्स 0.59 प्रतिशत-0.59 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुए। निफ्टी पीएसयू बैंक 0.38 प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर 0.14 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ।

मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी लाल निशान में बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 166.50 अंक या 0.28 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 59,517.10 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 221.20 अंक या 1.20 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 16,983.90 पर बंद हुआ।

व्यापाक बाजार में भी कमजोरी देखी गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 1,737 शेयर हरे निशान में; 2,447 शेयर लाल निशान में, 158 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए हैं।

डॉलर के मुकाबले रुपए में सत्र के दौरान तेजी देखने को मिली। इसकी वजह अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील के बाद बने सकारात्मक माहौल को माना जा रहा है।

एलकेपी स्कियोरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी ने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपया 0.20 पैसे या 0.22 प्रतिशत बढ़कर 90.30 पर था। इसकी वजह डॉलर का कमजोर होना और कमोडिटी की कीमतों में कमी आना है। इसके साथ ही, अमेरिका-भारत ट्रेड डील के चलते डॉलर के मुकाबले रुपए में तेजी देखने को मिल रही है।

उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में डॉलर के मुकाबले रुपए की चाल आरबीआई की मौद्रिक नीति पर निर्भर करेगी, जो कि शुक्रवार को आएगी।


रुपया 14 पैसे की बढ़त के साथ 90.33 प्रति डॉलर पर

अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया बृहस्पतिवार को 14 पैसे मजबूत होकर 90.33 रुपये (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

घरेलू मुद्रा में यह मजबूती भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की उम्मीदों और जिंस कीमतों में गिरावट के कारण आई। हालांकि, निवेशक समझौते की शर्तों को लेकर और स्पष्टता की प्रतीक्षा कर रहे हैं, इसलिए बढ़त सीमित रही।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि महत्वपूर्ण कॉरपोरेट डॉलर की मांग और घरेलू शेयर बाजार की कमजोर स्थिति ने रुपये की बढ़त को सीमित कर दिया।

व्यापार समझौते की उम्मीदों के बावजूद, विदेशी मुद्रा व्यापारियों का कहना है कि बाजार अब जश्न मनाने से ज्यादा पुष्टि करने की ओर ध्यान दे रहा है, क्योंकि अभी तक कोई आधिकारिक दस्तावेज जारी नहीं हुए हैं और दोनों पक्षों ने अंतिम शर्तें औपचारिक रूप से प्रकाशित नहीं की हैं।

इसके अलावा निवेशक शुक्रवार को होने वाली भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ब्याज दर घोषणा के संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 90.52 पर खुला और अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 90.06 के उच्चस्तर तक गया और 90.53 के निचले स्तर तक आया। अंततः रुपया 90.33 (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से 14 पैसे अधिक है।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, "भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की उम्मीदों के बीच रुपया सकारात्मक रुख के साथ कारोबार कर सकता है, हालांकि घरेलू बाजार की कमजोरी और मजबूत डॉलर तेजी को सीमित कर सकते हैं।"

उन्होंने कहा, ‘‘तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव भी रुपये को उच्चस्तर पर दबाव में रख सकते हैं। निवेशक शुक्रवार को आरबीआई की मौद्रिक नीति पर ध्यान देंगे।’’

आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली छह-सदस्यीय दर निर्धारण समिति ने बुधवार को द्विमासिक ब्याज दरों पर विचार शुरू किया। मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) का निर्णय शुक्रवार सुबह घोषित किया जाएगा।

उबर, ओला और रैपिडो जैसी कंपनियों को टक्कर देने के लिए केंद्र आज लॉन्च करेगा 'भारत टैक्सी' ऐप

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह गुरुवार को भारत टैक्स ऐप को लॉन्च करेंगे। यह भारत में पहला सहकारी राइड-हेलिंग सर्विस ऐप है। सरकार की कोशिश इस ऐप के जरिए यात्रियों को कैब सर्विस ऐप्स उबर, ओला और रैपिडो के मुकाबले एक सस्ता विकल्प उपलब्ध कराना है।

सहकारिता मंत्रालय द्वारा समर्थित और सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा संचालित, भारत टैक्सी को एक ड्राइवर-स्वामित्व वाली परिवहन सेवा के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है जो अपने शुरुआती चरण में जीरो-कमीशन मॉडल पर काम करेगी, जिसमें सवारी भुगतान का 100 प्रतिशत हिस्सा सीधे ड्राइवरों को दिया जाएगा।

सहकारिता मंत्रालय ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म चालकों के लिए फ्री होगी और उन्हें सारथी कहा जाएगा। इसके जरिए केंद्र की कोशिश चालकों को राइड-हेलिंग सर्विस ऐप्स की शोषणकारी नीति से बचाना है।

इस ऐप में चार किलोमीटर तक के लिए किराया 30 रुपए प्रति किलोमीटर होगा, 4-12 किलोमीटर तक के लिए किराया 23 रुपए प्रति किलोमीटर और 12 किलोमीटर से अधिक के लिए किराया 18 रुपए प्रति किलोमीटर होगा।

अन्य ऐप्स की तरह इस भारत टैक्सी को भी पब्लिक ट्रांजिट सर्विसेज जैसे मेट्रो से जोड़ा जाएगा। इससे यूजर्स को एक ही ऐप से अपनी यात्रा को पूरा करने में मदद मिलेगी।

शुरुआती चरण में इसमें 100 प्रतिशत भुगतान चालकों को मिलेगा। बाद के चरण में, सहकारी संस्था लगभग 20 प्रतिशत शुल्क अपने पास रखेगी, जिसे प्रोत्साहन के रूप में चालकों को पुनर्वितरित किया जाएगा।