अर्थतंत्र की खबरें: सोना में तेजी बरकरार, चांदी हुई सस्ती और शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 1,068 अंक गिरा

24 कैरेट सोने की कीमत 1,021 रुपए बढ़कर 1,59,241 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि सोमवार को 1,58,220 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। सोने की अपेक्षा चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई। चांदी का दाम 1,163 रुपए कम होकर 2,62,912 रुपए प्रति किलो हो गया है।

फोटो: सोशल मीडिया
i
user

नवजीवन डेस्क

सोने और चांदी में मंगलवार को मिलाजुला कारोबार हुआ। एक तरफ सोने में तेजी देखी गई और दूसरी तरफ चांदी की कीमत में गिरावट दर्ज की गई है।

इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत 1,021 रुपए बढ़कर 1,59,241 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि सोमवार को 1,58,220 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। 22 कैरेट सोने का दाम 1,44,930 रुपए प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1,45,865 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है।

18 कैरेट सोने की कीमत 1,18,665 रुपए प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1,19,431 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है।

सोने की अपेक्षा चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई। चांदी का दाम 1,163 रुपए कम होकर 2,62,912 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,64,075 रुपए प्रति किलो था।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने और चांदी दोनों में गिरावट देखने को मिली है। खबर लिखे जाने तक सोने के 2 अप्रैल 2026 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 0.97 प्रतिशत कम होकर 1,60,037 रुपए हो गया है। चांदी के 05 मार्च 2026 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 2.01 प्रतिशत कम होकर 2,59,999 रुपए हो गया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी में मिलाजुला कारोबार हो रहा है। सोना 0.96 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 5,175 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1.07 प्रतिशत की तेजी के साथ 87.49 डॉलर प्रति औंस पर थी।

सेंसेक्स 1,068 अंक गिरकर बंद, एथ्रोंपिक के दावों से आईटी शेयरों में भारी बिकवाली

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार के कारोबारी सत्र में बड़ी बिकवाली हुई। दिन के अंत में सेंसेक्स 1,068.74 अंक या 1.28 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 82,225.92 और निफ्टी 288.35 अंक या 1.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,424.65 पर बंद हुआ।

बाजार में गिरावट की वजह एआई कंपनी एथ्रोंपिक के दावों के कारण आईटी शेयरों में भारी बिकवाली को माना जा रहा है। दिन के दौरान निफ्टी आईटी 4.74 प्रतिशत की गिरावट के साथ सूचकांकों में टॉप लूजर था।

एथ्रोंपिक ने कहा कि उसने अपने क्लाउडे कोट के लिए एक नया टूल पेश किया है, जो कोबोल कोड को मॉडर्न बनाने में मदद करेगा। इससे माना जा रहा है कि सॉफ्टवेयर सर्विसेज की मांग कम हो सकती है।

इसके अलावा, निफ्टी रियल्टी 2.54 प्रतिशत, निफ्टी सर्विसेज 1.46 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 1.31 प्रतिशत, निफ्टी कंजप्शन 0.86 प्रतिशत और निफ्टी इन्फ्रा 0.72 प्रतिशत की गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ।

निफ्टी मेटल 0.93 प्रतिशत, निफ्टी एनर्जी 0.78 प्रतिशत, निफ्टी कमोडिटीज 0.70 प्रतिशत, निफ्टी पीएसई 0.56 प्रतिशत और निफ्टी पीएसयू बैंक 0.29 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।

लार्जकैप की अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप में बिकवाली धीमी रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 189.30 अंक या 0.32 प्रतिशत की गिरावट के साथ 59,066.35 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 93.30 अंक या 0.55 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 16,958.65 पर था।

सेंसेक्स पैक में एनटीपीसी, एचयूएल, टाटा स्टील, पावर ग्रिड, टाइटन, एक्सिस बैंक और सन फार्मा टॉप गेनर्स थे। टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इटरनल, इन्फोसिस, टीसीएस, एलएंडटी, ट्रेंट, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक और बीईएल टॉप लूजर्स थे।


रुपया छह पैसे टूटकर 90.95 प्रति डॉलर पर

डॉलर की तेजी और कच्चे तेल की मजबूत कीमतों के बीच अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया छह पैसे की गिरावट के साथ 90.95 (अस्थायी) पर बंद हुआ।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि घरेलू शेयर बाजार में तेज गिरावट और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितताओं ने रुपये पर और दबाव डाला, जबकि विदेशी कोषों का निवेश बढ़ने से कुछ समर्थन मिला।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में, रुपया 90.91 पर खुला और भारतीय रिजर्व बैंक के संभावित दखल के कारण 90.91-90.97 के सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। यह सत्र के आखिर में 90.95 (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से छह पैसे की गिरावट है। सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया पांच पैसे बढ़कर 90.89 पर बंद हुआ था।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक, अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘कमज़ोर घरेलू बाज़ारों और कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी, और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उच्चतम न्यायालय के फैसले के बावजूद व्यापार समझौते का सम्मान न करने वाले देशों पर ज़्यादा शुल्क लगाने की धमकी के बाद शुल्क को लेकर अनिश्चितता से रुपये में गिरावट आई।"

हालांकि, उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ने रुपये को 91 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे गिरने से रोकने के लिए शायद डॉलर बेचे होंगे, और कहा कि बुधवार को रुपये की हाजिर कीमत 90.75 रुपये से 91.20 रुपये के बीच रहने की उम्मीद है।