अर्थतंत्र की खबरें: सोना पहली बार 1.5 लाख रुपये के पार, चांदी 20,400 रुपये उछली और शेयर बाजार में कोहराम

सोना दिल्ली में 5,100 रुपये की बढ़त के साथ 1,53,200 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी कर सहित) पर पहुंच गया। चांदी की कीमतों में 10,000 रुपये की तेजी देखी गई थी, जिससे यह तीन लाख 23 हजार रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को पार कर गई थी।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

दिल्ली में मंगलवार को सोना मजबूत मांग आने से 5,100 रुपये की छलांग लगाते हुए पहली बार 1.5 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया जबकि चांदी ने 20,400 रुपये के उछाल के साथ नया रिकॉर्ड बना दिया।

अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने कहा कि सोना दिल्ली में 5,100 रुपये की बढ़त के साथ 1,53,200 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी कर सहित) पर पहुंच गया। इसके साथ ही सोने ने 1.5 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का अहम मनोवैज्ञानिक स्तर भी पार कर लिया। सोना सोमवार को 1,48,100 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था।

चांदी की कीमतों ने भी स्थानीय सर्राफा बाजार में मजबूती दिखाते हुए नया उच्चतम स्तर छू लिया। सफेद धातु 20,400 रुपये यानी लगभग सात प्रतिशत बढ़कर 3,23,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी कर सहित) पर पहुंच गई।

सोमवार को चांदी की कीमतों में 10,000 रुपये की तेजी देखी गई थी, जिससे यह तीन लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को पार कर गई थी।

विदेशी बाजारों में भी सोना और चांदी की मांग में तेजी रही। फॉरेक्स डॉटकॉम के आंकड़ों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना पहली बार 4,700 डॉलर प्रति औंस का स्तर के पार पहुंचा। सोने में 66.38 डॉलर यानी 1.42 प्रतिशत की बढ़त के साथ कीमत 4,737.40 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी हाजिर चांदी ने नया रिकॉर्ड बनाया और 95.88 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, सुरक्षित निवेश की मांग और आभूषणों एवं निवेशकों से आने वाली लगातार मांग के कारण कीमती धातुओं में यह तेजी देखी जा रही है।

वैश्विक चिंताओं से सहमा शेयर बाजार, सेंसेक्स 1,066 अंक लुढ़का

वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ने और वैश्विक बाजारों के कमजोर संकेतों के बीच मंगलवार को चौतरफा बिकवाली होने से घरेलू शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 1,066 अंक लुढ़कते हुए 83,000 के नीचे फिसल गया जबकि निफ्टी 353 अंक टूट गया।

कारोबारियों ने कहा कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट जारी रहने और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से निवेशकों की धारणा पर प्रतिकूल असर पड़ा।

बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 1,065.71 अंक यानी 1.28 प्रतिशत लुढ़ककर 82,180.47 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,235.6 अंक फिसलकर 82,010.58 अंक तक आ गया था।

वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 353 अंक यानी 1.38 प्रतिशत गिरकर 25,232.50 अंक पर बंद हुआ।

यह घरेलू बाजारों में गिरावट का लगातार दूसरा दिन रहा। सोमवार को सेंसेक्स में 324.17 अंक की कमजोरी आई थी जबकि निफ्टी 108.85 अंक गिरा था।

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा, "बाजार में गिरावट का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। कमजोर वैश्विक संकेतों और व्यापक बिकवाली से बाजार धारणा कमजोर रही। विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और कमजोर रुपये से भी जोखिम लेने से परहेज देखा गया।"

सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से इटर्नल में सबसे अधिक 4.02 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद बजाज फाइनेंस का शेयर भी 3.88 प्रतिशत गिर गया।

इसके अलावा सन फार्मा, इंटरग्लोब एविएशन (यानी इंडिगो), ट्रेंट, एशियन पेंट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज फिनसर्व के शेयर भी नुकसान में रहे। एचडीएफसी बैंक सेंसेक्स में शामिल इकलौता ऐसा शेयर रहा, जो बढ़त के साथ बंद हुआ।

बीएसई पर सूचीबद्ध कुल 3,503 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई जबकि 780 शेयर चढ़कर बंद हुए और 119 अन्य अपरिवर्तित रहे।

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए।

यूरोप के बाजारों में कारोबार के दौरान एक प्रतिशत से अधिक की कमजोरी देखी गई। अमेरिकी बाजार सोमवार को अवकाश के कारण बंद रहे।


भारी गिरावट से निवेशकों के 9.86 लाख करोड़ रुपये डूब गए

वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव के बीच घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को भारी गिरावट आने से निवेशकों के 9.86 लाख करोड़ रुपये डूब गए।

बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 1,065.71 अंक यानी 1.28 प्रतिशत फिसलकर 82,180.47 अंक पर बंद हुआ।

इसके साथ व्यापक बाजार में छोटी कंपनियों का बीएसई स्मालकैप सूचकांक 2.74 प्रतिशत लुढ़क गया जबकि मझोली कंपनियों के मिडकैप सूचकांक में 2.52 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

इस चौतरफा बिकवाली से बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार मूल्यांकन 9,86,093.96 करोड़ रुपये घटकर 4,55,82,683.29 करोड़ रुपये यानी 5.01 लाख करोड़ डॉलर रह गया।

रुपया सात पैसे टूटकर 90.97 प्रति डॉलर के अब तक के सबसे निचले स्तर पर

रुपया मंगलवार को सात पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.97 (अस्थायी) के अब तक के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ। धातु आयातकों से डॉलर की मजबूत मांग और लगातार विदेशी पूंजी की निकासी से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि वैश्विक अनिश्चितता ने जोखिम से बचने की प्रवृत्ति को बढ़ा दिया है और उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव बनाए रखा है। इसके अलावा, विदेशी पूंजी की निकासी के कारण घरेलू शेयर बाजार में सुस्ती भी इसकी एक वजह रही।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 90.91 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 91.06 पर पहुंच गया। अंत में 90.97 (अस्थायी) प्रति डॉलर के अब तक के निचले स्तर पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से सात पैसे की गिरावट है।

रुपया सोमवार को 12 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.90 पर बंद हुआ था। रुपया इससे पहले 16 दिसंबर 2025 को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.93 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘ वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति एवं विदेशी निवेशकों (एफआईआई) की लगातार निकासी से रुपया नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करता रहा और कारोबार के दौरान 91 के स्तर से नीचे फिसल गया। हालांकि, कमजोर डॉलर और भारतीय रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप ने रुपये की तीव्र गिरावट को रोका।’’

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