अर्थतंत्र की खबरें: खाड़ी क्षेत्र में तनाव के बीच सोने के रेट में गिरावट, चांदी के दाम बढ़े और शेयर बाजार में तेजी

शुक्रवार को कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। पिछले दिन गुरुवार को सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी।

फोटो: IANS
i
user

नवजीवन डेस्क

मध्य पूर्व में बढ़ते तनावों के बीच हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। पिछले दिन गुरुवार को सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी।

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को 999 प्यूरिटी वाला गोल्ड 1,47,218 रुपए प्रति 10 ग्राम के भाव पर पहुंच गया, जबकि इससे पहले गुरुवार को 999 प्यूरिटी वाले गोल्ड की कीमत 1,47,889 रुपए थी। यानी एक दिन में सोने के रेट में 671 रुपए की गिरावट दर्ज की गई।

वहीं, यदि चांदी की बात करें तो आईबीजेए के अनुसार, शुक्रवार को 999 प्यूरिटी वाली चांदी का भाव 2,32,364 रुपए प्रति किलोग्राम रहा, जो बीते गुरुवार को 2,29,873 रुपए प्रति किलोग्राम था। यानी एक दिन में चांदी का भाव 2,491 रुपए प्रति किलो बढ़ गया।

भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ बंद, आईटी स्टॉक्स में खरीदारी

भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में तेजी के साथ बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 325.72 अंक या 0.44 प्रतिशत की तेजी के साथ 74,532.96 और निफ्टी 112.35 अंक या 0.49 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,114.50 पर था।

बाजार में तेजी का नेतृत्व आईटी और पीएसयू बैंकिंग शेयरों ने किया। सूचकांकों में निफ्टी आईटी 2.17 प्रतिशत और निफ्टी पीएसयू बैंक 2.07 प्रतिशत की तेजी के साथ टॉप गेनर थे। निफ्टी फार्मा 1.99 प्रतिशत, निफ्टी हेल्थकेयर 1.89 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 1.45 प्रतिशत, निफ्टी कमोडिटीज 1.28 प्रतिशत और निफ्टी इन्फ्रा 0.96 प्रतिशत की बढ़त के साथ हरे निशान में था।

दूसरी तरफ निफ्टी रियल्टी (0.93 प्रतिशत), निफ्टी इंडिया डिफेंस (0.73 प्रतिशत), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस (0.68 प्रतिशत) और निफ्टी प्राइवेट बैंक (0.52 प्रतिशत) की गिरावट के साथ बंद हुआ।

लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में तेजी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 363.20 अंक या 0.67 प्रतिशत की तेजी के साथ 54,855.50 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 14.35 अंक या 0.09 प्रतिशत की तेजी के साथ 15,718.60 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स पैक में टाटा स्टील, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, ट्रेंट, टाइटन, एनटीपीसी, सनफार्मा, एचसीएल टेक, इटरनल, टीसीएस, अल्ट्राटेक सीमेंट, एमएंडएम, भारती एयरटेल और अदाणी पोर्ट्स गेनर्स थे। एचडीएफसी बैंक, बीईएल, कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, इंडिगो, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक और एलएंडटी लूजर्स थे।

लिवलॉग वेल्थ में रिसर्च एनालिस्ट और फाउंडर, हरिप्रसाद के ने कहा कि भारतीय बाजार में तेजी की वजह पिछले सत्रों में बड़ी गिरावट के बाद शॉर्ट कवरिंग थी। इस रिकवरी के बाद भी बाजार में जोखिम बना हुआ है।


टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स एक अप्रैल से बढ़ाएगी पेट्रोल-डीजल वाहनों की कीमतें

वाहन बनाने वाली कंपनी टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड ने बढ़ती लागत के कारण एक अप्रैल 2026 से पेट्रोल और डीजल वाले यात्री वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी करने की शुक्रवार को घोषणा की।

कंपनी बयान के अनुसार, वाहनों की कीमत औसतन 0.5 प्रतिशत की मूल्य वृद्धि होगी। हालांकि यह अलग-अलग मॉडल एवं संस्करण के अनुसार भिन्न होगी।

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने कहा कि यह संशोधन लागत में लगातार हो रही वृद्धि के प्रभाव को आंशिक रूप से संतुलित करने के लिए किया जा रहा है।

कंपनी हैचबैक टियागो से लेकर सफारी एसयूवी वाहन तक बेचती है जिनकी कीमत 4.57 लाख रुपये से 23.42 लाख रुपये (दिल्ली एक्स-शोरूम) के बीच है।

देश का विदेशी मुद्रा भंडार सात अरब डॉलर घटकर 709.76 अरब डॉलर पर

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 13 मार्च को समाप्त सप्ताह में 7.05 अरब डॉलर घटकर 709.76 अरब डॉलर रहा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

इसके एक सप्ताह पहले देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 11.68 अरब डॉलर घटकर 716.81 अरब डॉलर रहा था। विदेशी मुद्रा भंडार में 27 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह में 4.88 अरब डॉलर की वृद्धि हुई थी और यह अब तक के सबसे उच्चतम स्तर 728.49 अरब डॉलर पर पहुंच गया था।

केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के अनुसार, 13 मार्च को समाप्त सप्ताह के दौरान भंडार का प्रमुख घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 7.68 अरब डॉलर घटकर 555.57 अरब डॉलर रह गईं।

डॉलर के रूप में व्यक्त की जाने वाली विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं के मूल्य में घट-बढ़ के प्रभाव शामिल होते हैं।

आरबीआई के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह में स्वर्ण भंडार का मूल्य 66.4 करोड़ डॉलर बढ़कर 130.68 अरब डॉलर रहा।


रुपया 82 पैसे टूटकर अब तक के सबसे निचले स्तर 93.71 प्रति डॉलर पर बंद

रुपया शुक्रवार को 82 पैसे टूटकर अब तक के सबसे निचले स्तर 93.71 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ने के बीच विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी और कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल से घरेलू मुद्रा दबाव में है।

मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और जोखिम से बचने की प्रवृत्ति के कारण निवेशकों का भरोसा कम होने से रुपये में करीब एक प्रतिशत की गिरावट आई है।

उन्होंने साथ ही कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बढ़ते जोखिम ऊर्जा लागत को बढ़ा रहे हैं, जिससे व्यापार घाटा बढ़ सकता है और मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ सकता है।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, डॉलर के मुकाबले 92.92 पर खुला। कारोबार के दौरान गिरता हुआ यह 93 के स्तर से नीचे चला गया। अंत तक इसमें गिरावट जारी रही और यह 93.71 (अस्थायी) प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 82 पैसे की गिरावट है।

रुपया बुधवार को 92.89 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था। विदेशी मुद्रा बाजार गुड़ी पड़वा के मौके पर बृहस्पतिवार को बंद थे।

Google न्यूज़नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia