अर्थतंत्र की खबरें: सोने की कीमत में मामूली गिरावट, चांदी के दाम में भी गिरावट और इस कारण शेयर बाजार में तेजी

इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत 424 रुपए कम होकर 1,52,078 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,52,502 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। चांदी की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली है। चांदी का दाम 9,410 रुपए कम होकर 2,44,929 रुपए प्रति किलो हो गया है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

सोने की कीमत में शुक्रवार को मामूली गिरावट देखने को मिली और चांदी का दाम 9,000 रुपए से अधिक कम हो गया है। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत 424 रुपए कम होकर 1,52,078 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,52,502 रुपए प्रति 10 ग्राम थी।

22 कैरेट सोने की कीमत 1,39,692 रुपए प्रति 10 ग्राम से कम होकर 1,39,303 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है। 18 कैरेट सोने का दाम 1,14,377 रुपए प्रति 10 ग्राम से कम होकर 1,14,059 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है।

चांदी की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली है। चांदी का दाम 9,410 रुपए कम होकर 2,44,929 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,54,339 रुपए प्रति किलो था।

आईबीजेए की ओर से दिन में दो बार दोपहर 12 बजे और शाम को 5 बजे कीमतें जारी की जाती हैं।

हाजिर के उलट वायदा बाजार में सोने और चांदी में मिलाजुला कारोबार हुआ है। सोने के 2 अप्रैल 2026 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 0.83 प्रतिशत बढ़कर 1,53,337 रुपए हो गया है और चांदी के 5 मार्च 2026 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 1.84 प्रतिशत कम होकर 2,39,339 रुपए पर था।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी में मिलाजुला कारोबार हुआ है। खबर लिखे जाने तक, कॉमेक्स पर सोने की कीमत 0.39 प्रतिशत बढ़कर 4,908 डॉलर प्रति औंस है और चांदी की कीमत 3.61 प्रतिशत कम होकर 73.90 डॉलर प्रति औंस है।

आरबीआई की मौद्रिक घोषणाओं से शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 266 अंक चढ़ा

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से नीतिगत ब्याज दरों को स्थिर रखने और ‘रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट’ (रीट) को कर्ज देने की मंजूरी दिए जाने के प्रस्ताव के बाद घरेलू शेयर बाजार शुक्रवार को चढ़कर बंद हुए। सेंसेक्स में 266 अंक की बढ़त रही जबकि निफ्टी 51 अंक की तेजी में रहा।

कारोबारी सत्र के अंतिम चरण में हुई लिवाली से बीएसई का 30 शेयर वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 266.47 अंक यानी 0.32 प्रतिशत चढ़कर 83,580.40 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स में दिन के निचले स्तर 82,925.35 से 655.05 अंक का तेज उछाल देखने को मिली।

वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 50.90 अंक यानी 0.20 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,693.70 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान बाजार में काफी उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रही।

आरबीआई ने अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर को 5.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया। केंद्रीय बैंक की छह-सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। इसके साथ ही आरबीआई ने अपना तटस्थ मौद्रिक रुख भी कायम रखा, जिससे संकेत मिलता है कि फिलहाल दरों में बदलाव की संभावना कम है।

सेंसेक्स की कंपनियों में से आईटीसी में सर्वाधिक 5.09 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा कोटक महिंद्रा बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, पावर ग्रिड और बजाज फिनसर्व के शेयर भी बढ़त में रहे।

दूसरी तरफ, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), टेक महिंद्रा, अदाणी पोर्ट्स, एशियन पेंट्स, इटर्नल और एचसीएल टेक के शेयर गिरावट के रुख के साथ बंद हुए।

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रियल एस्टेट क्षेत्र में वित्तपोषण को बढ़ावा देने के लिए रीट को कर्ज देने की मंजूरी का प्रस्ताव रखे जाने की जानकारी दी। हालांकि, बैंकों को कुछ विवेकपूर्ण सुरक्षा उपायों के साथ ही यह मंजूरी दी जाएगी।


रुपया 36 पैसे टूटकर 90.70 प्रति डॉलर पर

अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया शुक्रवार को 36 पैसे टूटकर 90.70 (अस्थायी) पर बंद हुआ।इस गिरावट का कारण अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर भू-राजनीतिक अनिश्चितता और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि रही।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, रुपया सत्र के पहले भाग में रिजर्व बैंक द्वारा मुख्य ऋण दरों को यथावत रखने की घोषणा के बाद थोड़ा मजबूत हुआ, लेकिन विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी ने घरेलू मुद्रा पर दबाव डाला।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 90.28 पर खुला और सत्र के दौरान 90.18 के उच्चस्तर तक गया और 90.83 के निचले स्तर तक आया। अंततः यह 36 पैसे टूटकर 90.70 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। डॉलर के मुकाबले रुपया बृहस्पतिवार को 13 पैसे मजबूत होकर 90.34 पर बंद हुआ था।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो दर को 5.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने के कारण सत्र के पहले भाग में रुपये में मजबूती आई। हालांकि, अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण रुपये ने शुरुआती बढ़त खो दी।’’

उन्होंने कहा कि बढ़ती वैश्विक राजनीतिक अनिश्चितता के कारण निवेशक जोखिम से बच सकते हैं और वैश्विक बाजार में सतर्कता बढ़ सकती है।

चौधरी ने कहा, ‘‘भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर उम्मीद और नए विदेशी संस्थागत निवेश (एफआईआई) प्रवाह से रुपया कमजोर स्तर पर भी सहारा पा सकता है।’’ उन्होंने डॉलर-रुपया का कारोबार 90.40 से 91.20 रुपये के दायरे में रहने का अनुमान लगाया।

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