अर्थतंत्र की खबरें: अमेरिका-ईरान में बढ़ते तनाव के बीच सोना बढ़कर 1.56 लाख के पार और भारत-अमेरिका ट्रेड डील जल्द संभव

वैश्विक रुख के कारण वायदा कारोबार में शुक्रवार को सोने की कीमत 0.85 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गयी।

फोटो: Getty Images
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नवजीवन डेस्क

अमेरिका-ईरान के बीच ताजा बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण सुरक्षित निवेश वाली मांग बढ़ने और मजबूत वैश्विक रुख के कारण वायदा कारोबार में शुक्रवार को सोने की कीमत 0.85 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गयी।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में अप्रैल माह में आपूर्ति वाले अनुबंध का भाव 1,315 रुपये यानी 0.85 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,56,134 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। इसमें 7,355 लॉट का कारोबार हुआ।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में, अप्रैल डिलीवरी वाले कॉमेक्स सोना वायदा 49.55 डॉलर या एक प्रतिशत बढ़कर 5,046.95 डॉलर प्रति औंस हो गया।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख (कमोडिटी) हरीश वी ने कहा कि बढ़ते अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सुरक्षित निवेश मांग मजबूत होने से सोना 5,000 डॉलर से ऊपर चला गया।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील जल्द संभव, ट्रंप भी दौरे पर आ सकते हैं: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर

इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने जानकारी दी है कि अमेरिकी विदेश सचिव रुबियो मार्को भारत दौरे पर पहुंचने वाले हैं। उन्होंने ये भी बताया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आने वाले समय में भारत का दौरा कर सकते हैं। अमेरिकी राजदूत ने रूस से तेल खरीदने को लेकर बड़ा बयान दिया है।

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा, "भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जल्द हस्ताक्षर होने की संभावना है। हम दोनों देशों के संबंधों को अगले स्तर पर ले जा रहे हैं। दोनों देशों के पास मिलकर काम करने के अपार अवसर हैं। दोनों पक्षों ने लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों को दूर किया। यह डील केवल टैरिफ और ट्रेड को लेकर नहीं है, बल्कि दो लोकतांत्रिक देशों के बीच व्यापार के बजाय मिलकर विकास करने की प्रतिबद्धता के बारे में है।"

गोर ने कहा, "भारत अपने ऊर्जा विकल्पों में विविधता लाने पर काम कर रहा है और वेनेजुएला से तेल खरीदने के लिए बातचीत चल रही है। तेल को लेकर एक सहमति बनी है और अमेरिका नहीं चाहता कि कोई भी देश रूस से तेल खरीदे। यह केवल भारत की बात नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस मुद्दे पर बहुत स्पष्ट हैं। वह युद्ध की समाप्ति चाहते हैं और शांति की उम्मीद में उन सभी गतिविधियों को खत्म होते देखना चाहते हैं जो इस संघर्ष से जुड़ी हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "अमेरिका और भारत एक साथ काम कर सकते हैं। हम भारत में एक ही मैसेज के साथ आए हैं कि हम अपने एआई स्टैक, एनर्जी और अन्य क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं। हम यह ऑफर दुनिया के दूसरे देशों को नहीं दे रहे हैं।"


भारतीय शेयर बाजार गिरावट से उबरकर हरे निशान में बंद, सेंसेक्स 317 अंक उछला

सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार पिछले दिन की भारी गिरावट और दिन के शुरुआती गिरावट से उबरकर हरे निशान में बंद हुआ। बाजार को उठाने में पीएसयू बैंकों और मेटल शेयरों ने अहम भूमिका निभाई।

इस दौरान घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क बीएसई सेंसेक्स 316.57 अंक यानी 0.38 प्रतिशत उछलकर 82,814.71 पर बंद हुआ, तो वहीं एनएसई निफ्टी 116.90 (0.46 प्रतिशत) अंकों की बढ़त के साथ 25,571.25 पर बंद हुआ। बाजार बंद होने के समय निफ्टी आईटी को छोड़कर निफ्टी के सभी इंडेक्स हरे निशान में कारोबार करते हुए नजर आए।

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का एशियाई शेयरों पर दबाव होने के बावजूद भी सूचकांकों में तेजी दर्ज की गई।

व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.48 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.11 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।

सेक्टरवार बात करें, तो सबसे ज्यादा निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 1.68 प्रतिशत, तो निफ्टी मेटल में 1.25 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा, निफ्टी ऑटो में 0.41 प्रतिशत की उछाल, निफ्टी एफएमसीजी में 0.56 प्रतिशत की तेजी, निफ्टी बैंक में 0.71 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली, जबकि निफ्टी आईटी में 0.98 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।

डॉलर के मुकाबले रुपया 31 पैसे टूटकर 90.99 पर बंद हुआ

अमेरिका-ईरान के परस्पर बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी मुद्रा के मजबूत होने और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की वजह से शुक्रवार को रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 31 पैसे टूटकर 90.99 (अस्थायी) पर बंद हुआ।

बाजार विश्लेषकों ने कहा कि घरेलू शेयर बाजार में तेजी का रुख भी रुपये को समर्थन देने में विफल रहा। इस पर अमेरिका और ईरान के बीच आने वाले दिनों में जंग छिड़ने की बनती स्थिति का विशेष प्रभाव रहा।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 90.94 पर खुला और सत्र के दौरान 91.04 के दिन के निचले स्तर तक चला गया। कारोबार के अंत में यह 90.99 (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से 31 पैसे की भारी गिरावट दिखाता है।

बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपया चार पैसे बढ़कर 90.68 पर बंद हुआ था। बृहस्पतिवार को छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के कारण विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार बंद था।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव और मजबूत डॉलर के कारण रुपये में गिरावट आई। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने भी घरेलू मुद्रा पर दबाव डाला। हालांकि, घरेलू बाजारों की तेजी ने गिरावट को कम किया।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर के मजबूत होने के कारण रुपया थोड़े नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करेगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘डॉलर-रुपया की हाजिर कीमत 90.70 रुपये से 91.30 रुपये के बीच रहने की उम्मीद है।’’

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