अर्थतंत्र की खबरें: सोने की चमक बढ़ी, चांदी का दाम 2.50 लाख से पार और वैश्विक संकेतों के चलते शेयर बाजार में गिरावट
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। सोना 0.70 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,856 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1.54 प्रतिशत की बढ़त के साथ 80 डॉलर प्रति औंस पर थी।

सोने और चांदी की कीमत में गुरुवार को उछाल देखने को मिला, जिससे दोनों की कीमती धातुओं की कीमत क्रमश: करीब 1.55 रुपए प्रति 10 ग्राम और 2.55 लाख रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई हैं।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सुबह 10:45 पर सोने का कॉन्ट्रैक्ट (5 जून 2026) 1,016 रुपए या 0.66 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,54,964 रुपए पर था।
अब तक के कारोबार में सोने ने 1,54,501 रुपए का न्यूनतम स्तर और 1,54,990 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ है।
चांदी का कॉन्ट्रैक्ट (5 मई 2026) 3,258 रुपए या 1.29 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,55,000 रुपए पर था। अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,54,074 रुपए का न्यूनतम स्तर और 2,55,735 रुपए का उच्चतम स्तर बनाया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। सोना 0.70 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,856 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1.54 प्रतिशत की बढ़त के साथ 80 डॉलर प्रति औंस पर थी।
जानकारों के मुताबिक, अमेरिका के उत्पादक मूल्य सूचकांक (पीपीआई) के उम्मीद से कमजोर आंकड़ों के बाद अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में गिरावट होने से सोने की कीमतों में तेजी आई। इससे मुद्रास्फीति संबंधी तात्कालिक चिंताएं कम हुईं और बाजार का समग्र माहौल बेहतर हुआ। आंकड़ों से पता चला कि पीपीआई में मामूली वृद्धि हुई, जो उम्मीदों से कम रही। इससे संकेत मिलता है कि मुद्रास्फीति का दबाव मुख्य रूप से अमेरिका-ईरान संघर्ष जैसे बाहरी झटकों से प्रेरित है।
कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते लाल निशान में बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 122 अंक फिसला
पश्चिम एशिया तनाव के बीच कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए। इस दौरान घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्कों में मामूली गिरावट देखने को मिली।
बाजार बंद होने के समय सेंसेक्स 122.56 अंक यानी 0.16 प्रतिशत गिरकर 77,988.68 पर था, जबकि निफ्टी50 34.55 अंक या 0.14 प्रतिशत गिरकर 24,196.75 पर कारोबार करते नजर आया।
व्यापक बाजारों ने बेंचमार्क सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप में 0.63 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.89 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
वहीं, सेक्टरवार देखें तो सबसे ज्यादा निफ्टी मेटल में 1.53 प्रतिशत की तेजी और निफ्टी आईटी में 0.88 प्रतिशत की तेजी देखी गई। इसके अलावा, निफ्टी मीडिया, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी एफएमसीजी ने भी बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी ऑटो और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में गिरावट देखने को मिली।
निफ्टी 50 में सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में एचडीएफसी बैंक, ओएनजीसी, एचडीएफसी लाइफ, टाइटन, एमएंडएम, भारती एयरटेल और अपोलो हॉस्पिटल्स शामिल रहे, जबकि अदाणी एंटरप्राइजेज, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, इटरनल, अदानी पोर्ट्स और बीईएल के शेयरों में सबसे ज्याद तेजी देखने को मिली।
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर दूसरे दौर की वार्ता पर संशय बने रहने के कारण निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि निकट भविष्य के लिए बाजार का रुख अनिश्चित बना हुआ है, क्योंकि निफ्टी 24,300 के रेजिस्टेंस स्तर को निर्णायक रूप से पार करने में विफल रहा। हालांकि, अगर अगले सत्र में यह 24,300 से ऊपर मजबूती से बढ़ता है, तो निकट भविष्य में एक स्थायी तेजी देखने को मिल सकती है। अन्यथा, मुनाफावसूली का एक बड़ा दौर शुरू हो सकता है, जो संभावित रूप से इंडेक्स को 24,000 की ओर खींच सकता है।
मध्य पूर्व में तनाव के बाद भारत में स्थिर पेट्रोल और डीजल की कीमतें, पाकिस्तान और नेपाल में 42 प्रतिशत तक बढ़े दाम
मध्य पूर्व में तनाव के बाद भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं। वहीं, पाकिस्तान और नेपाल जैसे देशों में ईंधन की कीमतों में 42 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो चुकी है।
पाकिस्तान में 28 फरवरी को पेट्रोल का दाम 266.17 प्रति लीटर पाकिस्तानी रुपया और डीजल का दाम 280.86 रुपए प्रति लीटर पाकिस्तानी रुपया था। वहीं, 16 अप्रैल को पेट्रोल का दाम 366.58 रुपए बढ़कर प्रति लीटर पाकिस्तानी रुपया और डीजल का दाम बढ़कर 385.54 रुपए प्रति लीटर पाकिस्तानी रुपया हो गया है।
यह दिखाता है कि समीक्षा अवधि के दौरान पाकिस्तान में पेट्रोल का दाम 37.74 प्रतिशत और डीजल की कीमत में 37.27 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
नेपाल में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बीते एक महीने में चार बार कीमतों में इजाफा हुआ है। इससे पूरे दक्षिण एशिया में नेपाल में सबसे महंगा पेट्रोल और डीजल मिल रहा है।
पेट्रोल की कीमत 219 नेपाली रुपए प्रति लीटर हो गई है। वहीं, डीजल 207 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है। वहीं, 28 फरवरी को नेपाल में पेट्रोल का दाम 154 नेपाली रुपए प्रति लीटर और डीजल का दाम 156 नेपाली रुपए प्रति लीटर था।
यह दिखाता है कि समीक्षा अवधि के दौरान नेपाल में पेट्रोल का दाम 42.20 प्रतिशत और 32.59 प्रतिशत बढ़ गया है।
भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं। दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपए प्रति लीटर और डीजल 87.62 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है।
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से आम उभोक्ताओं को बचाने के लिए मोदी सरकार ने भार स्वयं वहन करने का फैसला लिया है।
बीते महीने, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता से सुरक्षित रखने के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा नहीं किया है।
रुपया 10 पैसे की बढ़त के साथ 93.23 प्रति डॉलर पर
पश्चिम एशिया में संघर्ष विराम की उम्मीदों के बीच वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के चलते रुपया बृहस्पतिवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 10 पैसे मजबूत होकर 93.23 (अस्थायी) पर रहा।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि आयातकों की ओर से डॉलर की मांग बढ़ने और विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी ने स्थानीय मुद्रा की बढ़त को सीमित कर दिया। उन्होंने आगे कहा कि कच्चे तेल की कीमतें 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहने से घरेलू मुद्रा में तेजी आई।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 93.29 पर खुला और दिन के कारोबार में डॉलर के मुकाबले 93.16 के ऊपरी और 93.35 के निचले स्तर तक गया। कारोबार के अंत में यह 93.23 (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 10 पैसे की बढ़त है। रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दो पैसे बढ़कर 93.33 पर बंद हुआ था।
एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष शोध विश्लेषक (जिंस एवं मुद्रा) जतिन त्रिवेदी ने कहा कि रुपये की बढ़त मुख्य रूप से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीदों से प्रेरित है। इस वजह से पिछले 48 घंटों में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है और इससे भारत के आयात बिल पर दबाव कम हुआ है।
त्रिवेदी ने कहा, ‘‘हालांकि, यह सुधार नाजुक बना हुआ है, क्योंकि बाजार की भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर करीब से नजर है और कच्चे तेल की कीमतों में किसी भी तरह की तेजी का असर रुपये पर तुरंत पड़ सकता है। रुपये का दायरा 92.75-93.75 के बीच रह सकता है।’’