अर्थतंत्र की खबरें: भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में बंद और सोना-चांदी के दामों में उतार चढ़ाव जारी
अमेरिका-ईरान युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है, घरेलू बाजार ने मामूली नुकसान के साथ खुलने के बाद तेजी दिखाई और दिन का अंत भी हरे निशान में किया।

वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ। इस दौरान सेंसेक्स और निफ्टी, दोनों में 0.65 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
इस उम्मीद के बीच कि अमेरिका-ईरान युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है, घरेलू बाजार ने मामूली नुकसान के साथ खुलने के बाद तेजी दिखाई और दिन का अंत भी हरे निशान में किया।
बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 504.86 (0.65 प्रतिशत) अंकों की बढ़त के साथ 78,493.54 स्तर पर था, तो वहीं निफ्टी 156.80 अंक यानी 0.65 प्रतिशत चढ़कर 24,353.55 पर कारोबार करता नजर आया।
शुक्रवार के कारोबार में सेंसेक्स 77,976.13 पर खुलकर 78,553.45 का इंट्रा-डे हाई बनाया, तो वहीं निफ्टी 24,165.90 पर खुलकर 24,371.90 का हाई टच किया।
ब्रॉडर मार्केट में प्रमुख बेंचमार्कों से ज्यादा तेजी दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप 100 में 1.27 प्रतिशत तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.48 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
वहीं, सेक्टरवार बात करें तो निफ्टी आईटी को छोड़कर, जिसमें मामूली 0.02 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, सभी इंडेक्स हरे निशान में कारोबार करते हुए नजर आए।
सबसे ज्यादा निफ्टी एफएमसीजी में 2.65 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया में 1.34 प्रतिशत, निफ्टी मेटल में 1.10 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी में 0.94 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त निफ्टी प्राइवेट बैंक में 0.78 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.74 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.61 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली।
निफ्टी 50 में एचयूएल, जेएसडब्ल्यू स्टील, नेस्ले इंडिया, अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज, पावर ग्रिड, मैक्स हेल्थ और अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई। जबकि विप्रो, एचडीएफसी लाइफ, सनफार्मा, बजाज-ऑटो, एमएंडएम, एचसीएल टेक, एलएंडटी और एसबीआई लाइफ के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली।
वैश्विक बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों के बीच कीमती धातुओं में बड़ा उतार-चढ़ाव, चांदी में तेजी तो सोना लुढ़का
वैश्विक बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों के बीच सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को कीमती धातुओं (सोना और चांदी) में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में सोने में तेजी देखने को मिली, लेकिन बाद में इसमें गिरावट दर्ज की गई। वहीं चांदी बढ़त के साथ कारोबार करती नजर आई।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर जून डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव शुक्रवार को 1,53,301 पर खुला और दिन के कारोबार में 1,52,547 रुपए का इंट्रा-डे लो और 1,53,364 रुपए प्रति 10 ग्राम का हाई बनाया।
वहीं, 5 मई डिलीवरी वाली चांदी 2,50,001 रुपए पर खुलकर 2,48,729 रुपए का लो और 2,50,716 रुपए प्रति किलोग्राम का हाई बनाया।
हालांकि खबर लिखे जाने तक (सुबह करीब 11.48 बजे) 5 जून डिलीवरी वाला सोना 501 रुपए यानी 0.33 प्रतिशत गिरकर 1,52,651 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया। वहीं मई डिलीवरी वाली चांदी 225 रुपए यानी 0.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,48,853 रुपए प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करती नजर आई।
कमोडिटी बाजार के जानकारों के अनुसार, फिलहाल बाजार का रुख सतर्क रूप से सकारात्मक बना हुआ है और मैक्रो फैक्टर्स से कुछ समर्थन मिल रहा है। हालांकि, मजबूत तेजी के लिए कीमतों का अहम स्तरों को पार करना जरूरी है।
चांदी के मामले में भी रुख थोड़ा सावधानी भरा है और इसमें स्थायी तेजी के लिए मजबूत संकेतों की जरूरत है।
वहीं, शुक्रवार को रुपया 25 पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.95 पर खुला। यह मजबूती उस समय आई जब भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सरकारी तेल कंपनियों से डॉलर खरीदने के बजाय विशेष क्रेडिट लाइन का इस्तेमाल करने को कहा, जिससे डॉलर की मांग में कमी आई।
घरेलू मुद्रा ने पिछला सत्र 93.20 पर बंद किया था, लेकिन स्थानीय शेयर बाजार में सुधार और वैश्विक तनाव कम होने की उम्मीदों के चलते यह मजबूत खुला।
हालांकि, वैश्विक बाजार में मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण रुपए की मजबूती पर कुछ दबाव भी बना रहा।
वैश्विक स्तर पर ब्रेंट क्रूड 1 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 97.99 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 2 प्रतिशत गिरकर 92.91 डॉलर के आसपास रहा।
सरकार ने 15 बड़े बैंकों को 2029 तक सोना-चांदी आयात की दी मंजूरी
नई दिल्ली, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को 15 बड़े बैंकों को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2029 तक सोना और चांदी आयात करने की अनुमति दे दी है। इस सूची में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे प्रमुख बैंक शामिल हैं।
वहीं, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और स्बरबैंक को इस अवधि में केवल सोना आयात करने की अनुमति दी गई है। यह अधिसूचना डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (डीजीएफटी) द्वारा जारी की गई है।
सरकार का यह कदम बुलियन (सोना-चांदी) के आयात को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। केवल अधिकृत बैंकों के जरिए आयात करने से लेनदेन की निगरानी आसान होगी और अनियमितताओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा अधिकृत बैंकों में एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, डॉयचे बैंक, फेडरल बैंक, इंडसइंड बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यस बैंक समेत कई अन्य बैंक शामिल हैं, जिन्हें सोना और चांदी, दोनों आयात करने की अनुमति दी गई है।
इस बीच, मार्च 2026 में भारत का सोने का आयात घटकर 9 महीने के निचले स्तर 3.1 अरब डॉलर पर आ गया। मात्रा के हिसाब से यह करीब 20-25 टन रहा, जो पिछले 12 महीनों के औसत 62 टन से काफी कम है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) के अनुसार, इसकी वजह मांग में कमी और मध्य पूर्व से सप्लाई में बाधाएं हैं, जो भारत के लिए एक अहम ट्रांजिट हब है।
अप्रैल में सोने की कीमतों में कुछ सुधार देखने को मिला है। वहीं, इंपोर्ट में कमी और सप्लाई की दिक्कतों के कारण घरेलू बाजार में छूट (डिस्काउंट) भी कम हुई है।
सूचीबद्ध ज्वैलरी कंपनियों ने 2026 की पहली तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया, जिसमें शादी के सीजन, बढ़े हुए खर्च और बिजनेस विस्तार का योगदान रहा।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 29 पैसे मजबूत होकर 92.85 पर
अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया शुक्रवार को 29 पैसे मजबूत होकर 92.85 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा। डॉलर के कमजोर होने और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच वैश्विक स्तर पर सकारात्मक धारणा से घरेलू मुद्रा में मजबूती आई।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, घरेलू शेयर बाजार में तेजी और विदेशी पूंजी प्रवाह में बढ़ोतरी से भी रुपये पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 92.93 पर खुला और कारोबार के दौरान 92.65 के उच्च स्तर तक पहुंचा। कारोबार के अंत में यह 92.85 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा, जो पिछले बंद स्तर की तुलना में 29 पैसे की बढ़त है। रुपया बृहस्पतिवार को 19 पैसे की बढ़त के साथ 93.14 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि वैश्विक जोखिम धारणा में सुधार के कारण रुपये में मजबूती आई है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजारों में तेजी और सुरक्षित निवेश की मांग घटने से डॉलर कमजोर हुआ है, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट आई है।
चौधरी ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत के दूसरे दौर और इजराइल-लेबनान के बीच संघर्षविराम की उम्मीदों से रुपया सकारात्मक रुख के साथ कारोबार कर सकता है।
उन्होंने अनुमान जताया कि डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 92.50 से 93.20 के दायरे में रह सकता है।
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